नरेंद्र मोदी और आरएसएस के बीच छिड़ी जंग
2024 के लोकसभा चुनाव के लिए एकमात्र मध्यस्थ बनना चाहते हैं प्रधानमंत्री
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2022-08-20 12:58 UTC
देश पर मंडरा रहा राजनीतिक भूत बुरे दिनों की ओर इशारा कर रहा है। बिना किसी अस्पष्टता के नरेंद्र मोदी की हालिया राजनीतिक कार्रवाइयां भारत के एक सत्तावादी राज्य में बदलने के खतरे को रेखांकित करती हैं। मोदी इतने आत्म-उग्रवादी हो गए हैं कि वे अपनी ही पार्टी के अपने आलोचकों के सामने खड़े होने से हिचक रहे हैं।