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नेहरू और पटेल को बैलों की एक जोड़ी के रूप में देखते थे गांधीजी

तमाम मतभेदों के बावजूद दोनों में गजब का तालमेल था
एल एस हरदेनिया - 2026-05-25 11:08 UTC
‘‘नेहरू और पटेल एक दूसरे के पूरक थे। नेहरू का वैचारिक आधार फेबियन समाजवाद की विचारधारा थी जिसके अनुसार संसदीय लोकतंत्र मानवीय आकांक्षाओं की पूर्ति का सबसे अधिक शक्तिशाली साधन है। वहीं सरदार पटेल मानव मनोविज्ञान के अध्येता थे। उन्होंने उन आधारों को समझने का प्रयास किया था जिनसे ब्रिटिश साम्राज्य को सफलता मिली।”

कॉकरोच जनता पार्टी ने नई पीढ़ी में गहरी राजनीतिक बेचैनी को उजागर किया

जब सरकारें हास्य से डरती हैं, तो यह दिखाता है कि बहुत कुछ गलत है
के. रवींद्रन - 2026-05-25 10:50 UTC
'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत भले ही एक व्यंग्य के तौर पर हुई हो, लेकिन इसकी लोकप्रियता ने इंटरनेट पर चलने वाले किसी मामूली मज़ाक से कहीं ज़्यादा गंभीर बात को उजागर किया है। सरकारी अधिकारियों से मिली प्रतिक्रिया से पता चलता है कि सत्ताधारी व्यवस्था को इस व्यंग्य से उतना डर नहीं लग रहा, जितना इस बात की संभावना से कि इस व्यंग्य को सुनने-समझने वाले लोग मिल गए हैं। ये लोग सिर्फ इसलिए नहीं हंस रहे कि यह विचार बेतुका है। वे इसलिए हंस रहे हैं क्योंकि यह बेतुकापन उन्हें जाना-पहचाना सा लगता है।

रुपये की गिरावट एक गंभीर चेतावनी, मोदी सरकार इसे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती

भारत के विकास के रूझान की विरोधाभासी स्थिति से पूरी गंभीरता से निपटना होगा
आर. सूर्यमूर्ति - 2026-05-23 10:38 UTC
भारत का रुपया सिर्फ़ कमज़ोर ही नहीं हो रहा है बल्कि यह एक ऐसी अर्थव्यवस्था की ढांचागत कमज़ोरियों के बारे में एक चेतावनी का संकेत दे रहा है, जिसने दो दशक तक विकास का जश्न मनाया, लेकिन आर्थिक मज़बूती, औद्योगिक विकास और बाहरी कमज़ोरियों जैसे ज़्यादा मुश्किल सवालों को टालती रही।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी आर्थिक संकट की असली स्थिति बताएं

सरकार एक 'श्वेत पत्र' जारी कर सुधार के आवश्यक उपाय करे
नीलोत्पल बसु - 2026-05-22 10:30 UTC
सत्य पर आवरण की दुनिया की दिक्कत यह है कि इसकी एक 'एक्सपायरी डेट' होती है। सच पर कुछ सीमित समय के लिए पर्दा डाला जा सकता है, हमेशा के लिए नहीं। आखिर में जीत सच की ही होती है। ऐसा लगता है कि अब वह हिसाब-किताब का वक्त आ गया है। इसके संकेत खुद प्रधानमंत्री की तरफ से साफ तौर पर मिले, जब उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि भारत के नागरिकों को अब 'अपनी कमर कसनी होगी' – यानी सरकार एक कठोर “मितव्ययिता के कदम” उठाने वाली है।

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

लैटिन अमेरिका के पहले कम्युनिस्ट देश को चीन से पूरी मदद की ज़रूरत
नित्य चक्रवर्ती - 2026-05-21 10:59 UTC
यह उच्चस्तरीय शिखर सम्मेलन का मौसम है। 14 और 15 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग गए और उनके मुताबिक, 'शानदार' बातचीत हुई। चीनी मीडिया ने भी राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में चीन-अमेरिका सहयोग की बड़ी संभावनाओं और मौजूदा वैश्विक हालात में यह कितना ज़रूरी है, इस बारे में बहुत ज़्यादा बताया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 20 मई को चीन गए थे और दोनों बड़ी ताकतों के बीच रिश्तों को मज़बूत करने के लिए बहुत अच्छी बातचीत हुई।

भारत को तेल की खपत पर रोक लगाने की ज़रूरत

घरेलू तेल खपत को कम करने का समय आ गया
नन्तू बनर्जी - 2026-05-20 10:40 UTC
दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद खुदरा तेल की खपत के तरीके पर रोक लगाने में भारत की लगातार हिचकिचाहट, अगर मंज़ूर नहीं है, तो समझ से बाहर है। सरकार, जो खुदरा तेल की कीमतों का करीब 50 प्रतिशत कर लगाकर सबसे अधिक लाभ उठाती है, ईंधन की खपत को कम करने के लिए तैयार नहीं है, जबकि देश लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल के आयात पर निर्भर है।

सतीशन को मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया कांग्रेस आलाकमान के लिए एक विशेष अनुभव

नाम तय करने में जनता की भावना और सहयोगियों के विचारों ने निभाई अहम भूमिका
कल्याणी शंकर - 2026-05-19 10:29 UTC
केरल के मुख्यमंत्री के चयन के दौरान कांग्रेस पार्टी को अपने ही खेमे में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इस प्रक्रिया में 11 दिन लगे और यह पार्टी के अलग-अलग गुटों के बीच मतभेदों को सुलझाने में अहम साबित हुई, जिससे एकता के लिए आपसी सहमति के महत्व का पता चलता है।

नरेंद्र मोदी के ज़माने के चुनाव अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं माने जाते

सर्वोच्च न्यायालय ने भी पूछा – चुनाव आयोग की “स्वतंत्रता को लेकर यह दिखावा क्यों?”
डॉ. ज्ञान पाठक - 2026-05-18 11:02 UTC
विपक्ष हमेशा से यह दावा करता रहा है कि भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नियंत्रित कर रहे हैं और ईसीआई यह पक्का करने के लिए काम कर रहा है कि देश में भाजपा चुनाव जीते। उनका यह भी आरोप है कि ईसीआई की स्वायत्तता नहीं रही, जबकि मोदी सरकार ने कहा कि यह संवैधानिक संस्था स्वतंत्र है। अब भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा है कि ईसीआई की “स्वतंत्रता को लेकर यह दिखावा क्यों?” यह सवाल हमें फिर से सोचने पर मजबूर करता है कि क्या मोदी के ज़माने में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं, विशेषकर पिछले कई सालों में सर्वोच्च न्यायलय के फैसलों और टिप्पणियों के आलोक में? सर्वोच्च न्यायालय अभी चीफ इलेक्शन कमिश्नर एंड अदर इलेक्शन कमिश्नर (अपॉइंटमेंट, कंडीशंस ऑफ़ सर्विस और टर्म ऑफ़ ऑफिस) एक्ट, 2023 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जो 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पास हुआ था। बेंच ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव एक सचमुच स्वतंत्र ईसीआई पर ही निर्भर करते हैं।

ऑनलाइन दुनिया में बच्चे कितने असुरक्षित?

मोबाइल स्क्रीन के भीतर बढ़ता खतरा
राजु कुमार - 2026-05-16 12:02 UTC
हाल ही में जारी एनसीआरबी के आंकड़े यह अगाह करते हैं कि पहले बच्चों के लिए खतरे सड़क और समाज में दिखते थे, अब वे जेब में रखे मोबाइल के भीतर भी मौजूद हैं। डिजिटल तकनीक, सोशल मीडिया और इंटरनेट ने बच्चों के लिए अवसरों की नई दुनिया खोली है, लेकिन इसके साथ ही उनके सामने ऐसे खतरे भी तेजी से बढ़े हैं, जिनकी कल्पना कुछ वर्ष पहले तक कठिन थी। यही वजह है कि देश में कुल अपराधों में गिरावट के दावों के बीच भी बच्चों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।

शी जिनपिंग को राजनीति में बढ़त मिली, ट्रंप ने व्यापार समझौते का श्रेय लिया

तकनीक और बाज़ार पर संकेत मिलने के बाद अमेरिकी कारोबारी बीजिंग से खुश होकर लौटे
अशोक नीलाकांतन आयर्स - 2026-05-16 11:14 UTC
न्यूयॉर्क: जब 13 मई की शाम को 'एयर फ़ोर्स वन' बीजिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा, तो नीली और सफ़ेद यूनिफ़ॉर्म पहने तीन सौ चीनी स्कूली बच्चों ने वसंत की सुहावनी हवा में अमेरिकी और चीनी झंडे लहराए — यह नज़ारा इतनी बारीकी से तैयार किया गया था कि इसे देखकर कोई भी इसे 'ब्रॉडवे' का कोई शो समझ सकता था। विमान की सीढ़ियों के नीचे खड़े होकर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वहां जमा भीड़ की ओर हाथ हिलाया। उनके साथ अमेरिकी अरबपतियों की एक ऐसी जमात थी, जिसे देखकर लग रहा था मानो यह 'सिलिकॉन वैली' के दिग्गजों की सूची हो: टेस्ला और स्पेसएक्स के एलन मस्क, एप्पल के टिम कुक, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, ब्लैक रॉक के लैरी फ़िंक, और साथ ही बोइंग के केली ऑर्टबर्ग। कुल मिलाकर, अमेरिका के बारह सबसे शक्तिशाली कॉर्पोरेट दिग्गज राष्ट्रपति के साथ इस दौरे पर थे।