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वायनाड लोकसभा क्षेत्र में प्रियंका गांधी के लिए जीत आसान नहीं

चेलक्करा, पलक्कड़ विधान सभा क्षेत्रों में सीपीआई-एम को बढ़त
पी. श्रीकुमारन - 2024-11-02 10:31
तिरुवनंतपुरम: नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि समाप्त होने के साथ ही केरल के तीन उपचुनावों में तस्वीर साफ हो गयी है। सीपीआई (एम) को पलक्कड़ और चेलक्करा विधानसभा क्षेत्रों में स्पष्ट बढ़त हासिल है, जबकि वायनाड लोकसभा क्षेत्र में प्रियंका गांधी के लिए जीत आसान नहीं है।

5 नवम्बर को होने वाले अमेरिकी चुनाव में ट्रंप और हैरिस के बीच कड़ी टक्कर

कई राज्यों में प्रमाण पत्र देने की जटिल प्रक्रिया के कारण परिणाम आने में देरी संभव
कल्याणी शंकर - 2024-11-01 10:40
डलास (अमेरिका): 5 नवंबर को होने वाला अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्हाइट हाउस के अगले दावेदार का निर्धारण करेगा और संयुक्त राज्य अमेरिका के भविष्य और दुनिया के अन्य देशों के साथ इसके संबंधों को भी आकार देगा। अमेरिका को पहली महिला राष्ट्रपति मिलेगी या डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल, इस पर न केवल राजनेताओं बल्कि आम जनता के बीच भी बहस चल रही है।

जापान में राजनीतिक अनिश्चितता, सत्तारूढ़ एलडीपी को चुनावों में हार का सामना

नये मंत्रालय के गठन के लिए सौदेबाजी के बीच मुद्रास्फीति से अर्थव्यवस्था को नुकसान
अंजन रॉय - 2024-10-30 10:42
जापान के पिछले रविवार को आये चुनाव नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अच्छी अर्थव्यवस्था अक्सर राजनीतिक लाभ पाने में विफल रहती है। परन्तु इसका यह भी मतलब नहीं है कि खराब अर्थव्यवस्था को अच्छा राजनीतिक राजस्व मिलता है।

सेबी प्रमुख का पीएसी के समक्ष पेश होने से इंकार और भाजपा का कड़ा बचाव

एक भयावह साजिश के तहत बुच के नेतृत्व में बाजार नियामक ने स्वतंत्रता खो दी
के रवींद्रन - 2024-10-29 10:48
संसदीय लेखा समिति (पीएसी) के भाजपा सदस्यों द्वारा सेबी अध्यक्ष माधबी पुरी बुच को पैनल के समक्ष पेश न होने के लिए आलोचना से बचाने के लिए दिखायी गयी निराशोन्मत्त रूख दर्शाती है कि कैसे उनके द्वारा किये गये कार्य न केवल व्यक्तिगत ईमानदारी में कमी का प्रतिबिंब थे, बल्कि कैसे सत्तारूढ़ पार्टी के प्रिय कॉरपोरेट्स के हितों की रक्षा के लिए बाजार नियामक तंत्र का उपयोग करने की एक भयावह साजिश को अंजाम दिया गया।

बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही है नियंत्रण रेखा पर भारत-चीन समझौते की ‘सफलता’

नई दिल्ली को इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन करने के लिए प्रतीक्षा करनी होगी
अंजन रॉय - 2024-10-28 10:41
हालांकि पूर्वी लद्दाख में डेमचोक और देपसांग क्षेत्रों में संघर्ष और टकराव को लेकर भारत और चीन के बीच गतिरोध कम हो गया है, लेकिन तनाव पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। 22-24 अक्टूबर को रूस के कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से कुछ घंटे पहले जल्दबाजी में घोषित किये गये समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बजाय अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को अधिक आकर्षित करना था। इस समझौते को द्विपक्षीय तनाव कम करने की तुलना में अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में अधिक देखा जाना चाहिए।

उत्तर प्रदेश उपचुनाव में मुख्य मंत्री योगी का सबसे अधिक दांव पर

उभरते सितारे अखिलेश यादव की चमक 2024 के लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा
डॉ. ज्ञान पाठक - 2024-10-26 10:51
उत्तर प्रदेश में सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनावों के लिए एनडीए और इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवारों की घोषणा के साथ, अब चुनावी रणभूमि में मुख्य प्रतियोगियों को देखा जा सकता है, और उनकी संबंधित ताकत और कमजोरियों का आकलन भी किया जा सकता है, जिसकी सफलता या विफलता योगी आदित्यनाथ के भाग्य का फैसला कर सकती है - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में, और साथ ही भाजपा के भावी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में भी।

13 नवंबर को बंगाल के छह उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस की ताकत का परीक्षण

भाजपा और वाम दल को डॉक्टरों के आंदोलन से कुछ राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद
तीर्थंकर मित्रा - 2024-10-25 10:37
पश्चिम बंगाल में छह विधानसभा क्षेत्रों में 13 नवंबर को होने वाले उपचुनाव से पहले तीन सप्ताह से भी कम समय रह गया है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल भाजपा अभी तक अपनी रणनीति पर काम नहीं कर रही है, हालांकि वे सभी छह निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ रही है। यह वाम मोर्चा और कांग्रेस पर भी समान रूप से लागू होता है, क्योंकि विधानसभा में एक भी सदस्य न होने के बावजूद इन विपक्षी दलों ने आर जी कार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की घटना की एक स्वर में निंदा की, जिससे वे राज्य में 71 दिन पुराने डॉक्टरों के आंदोलन के बड़े समर्थक के रूप में लोगों की नजरों में आ गये।

मणिपुर के लिए स्वीकार्य शांति फार्मूला तैयार करने में केंद्र की कठिनाई

भाजपा सहित सभी हितधारकों का विश्वास खो चुके हैं मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह
रवींद्र नाथ सिन्हा - 2024-10-23 11:03
कोलकाता: "हमें सूप की कटोरी या चाय या कॉफी के कप के साथ सामाजिक मेलजोल करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है; लेकिन उसके बाद यह हमारे लिए 'इतनी ही दूरी और उसके आगे और कुछ भी नहीं' है। हमारी अपनी पुरानी मांगें हैं और हम उन्हें पूरा करने के लिए दृढ़ हैं", महत्वपूर्ण कुकी और नागा नेताओं ने संवाद को बताया, जब उनसे मंगलवार, 15 अक्तूबर को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा हिंसाग्रस्त मणिपुर में कुकी-जो-हमार, मैतेई और नागा समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्य के विधायकों के साथ हुई बैठक के बारे में पूछा गया।

मोदी और भागवत में मतभेद के बीच भाजपा के नये अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू

आरएसएस प्रमुख चाहते हैं खुले दिमाग का पार्टी अध्यक्ष, न कि प्रधानमंत्री का अधीनस्थ
कल्याणी शंकर - 2024-10-22 10:45
भाजपा का अगला अध्यक्ष कौन होगा? यह रहस्य इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि मौजूदा अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है और पार्टी नये नेता की तलाश कर रही है। पार्टी ने अपने शुरुआती दिनों से लेकर अब तक बहुत तरक्की की है। 1984 के चुनावों के बाद जब लोकसभा में इसके केवल दो सदस्य थे, तब से लेकर अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरे कार्यकाल के लिए देश का नेतृत्व कर रहे हैं। वर्तमान में इसके 18 करोड़ सदस्य हैं और चल रहे सदस्यता अभियान के दौरान इसमें नौ करोड़ और सदस्य जोड़ने का लक्ष्य है। इसका संकेत तब मिला जब नड्डा को मोदी-3 कैबिनेट में शामिल किया गया और उन्हें राज्यसभा का नेता बनाया गया। यह स्पष्ट था कि बहुत जल्द नड्डा का उत्तराधिकारी होगा।

कज़ान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन दोनों के लिए महत्वपूर्ण

प्रधानमंत्री को समझना चाहिए कि ब्रिक्स, एससीओ और सार्क प्राथमिकताएं हैं, क्वाड नहीं
नित्य चक्रवर्ती - 2024-10-21 10:43
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 से 24 अक्टूबर को रूस के काजान स्थित तातारस्तान शहर में राष्ट्रपति पुतिन की मेजबानी में विस्तारित ब्रिक्स ब्लॉक के शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन भारतीय प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पुतिन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। नरेंद्र मोदी ऐसे समय में इसमें भाग ले रहे हैं, जब उन्हें केनडा में एक केनाडाई नागरिक की हत्या और अमेरिका में एक अन्य की हत्या के प्रयास में सरकारी एजेंसी की कथित संलिप्तता को लेकर अमेरिका के नेतृत्व वाली पश्चिमी शक्तियों के हाथों कूटनीतिक और राजनीतिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इससे बाहर निकलना है और उन्हें गैर-पश्चिमी देशों से मैत्रीपूर्ण मदद की आवश्यकता है।