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गृह निर्माण उद्योग पर संकट का साया

बद से बदतर हो रही है अर्थव्यवस्था
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-01-15 15:56
देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चारों तरफ से निराशाजनक खबरें आ रही हैं। आर्थिक विकास दर लगातार घटती जा रही है। अर्थव्यवस्था के कुछ मोर्चों पर तो विकास दर शून्य से भी नीचे जा रही है। इसका मतलब है कि जितना उत्पादन पिछले साल हुआ था, उससे भी कम उत्पादन उन क्षेत्रों में हुआ है। नकारात्मक विकास का मतलब स्पष्ट है कि इसके कारण लोगों की आय कम हो रही है और काम धंधे में लगे लोग भी लगातार बेरोजगार होते जा रहे हैं।

बीजेपी की सीएए समर्थक रैलियां प्रभावकारी थीं

आरएसएस के कैडर ने बनाए इन्हें सफल
एल एस हरदेनिया - 2020-01-14 12:01
भोपालः आर एस एस के पांच दिवसीय सम्मेलन के समापन के बाद दो बड़े शहरों - जबलपुर और इंदौर में नागरिकता संशोधन कानून के लिए बड़े पैमाने पर समर्थन देखा गया। जबलपुर में शो का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे थे। इंदौर शो कई मायनों में अनूठा था। इंदौर शो के आयोजकों ने दावा किया कि इसमें एक लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था। लगभग हर प्रतिभागी राष्ट्रीय ध्वज लेकर चल रहा था। झंडे की मांग इतनी बड़ी थी कि अंतिम चरण में लोगों ने एक झंडे के लिए 500 से 1000 रुपये तक भुगतान किए।

दिल्ली में भाजपा के लिए आसान नहीं

केजरीवाल अपने काम पर मांग रहे हैं वोट
हरिहर स्वरूप - 2020-01-13 10:57
दिल्ली में आने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजों की भविष्यवाणी करना जल्दबाजी होगी। अरविंद केजरीवाल दूसरा कार्यकाल पाने में सफल होते हैं, तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी। सच यह है कि दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बहुत कठिन लड़ाई प्रस्तुत करती है। आम आदमी पार्टी चाहेगी कि उसका काम खुद बोले और उसकी जीत का कारण बने। वर्तमान संकेतों के अनुसार, दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक टकराव होना है, जिसमें भाजपा एक मुख्यमंत्री चेहरे का नाम लेने से कतरा रही है। तीन राज्य सभा के चुनावों में शिकस्त पाने के बाद दिल्ली में भाजपा के लिए सत्ता-विरोधी सेंटिनेंट का लाभ उठाने का अवसर है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या दिल्ली में सत्ता विरोधी सेंटिमेंट है भी या नहीं। सच कहा जाय तो यह या तो है ही नहीं या अगर यह है भी तो बहुत ही कम है, जिसे देखने के लिए बहुत तीक्ष्ण नजर चाहिए।

ग्रामीण और शहरी भारत मोदी-शाह की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर

लाखों किसान और भूमिहीन मजदूर भारत बंद के आह्वान में शामिल हुए
अमरजीत कौर - 2020-01-11 12:19
8 जनवरी, 2020 को शहरी और ग्रामीण- पूरे देश का अभूतपूर्व संपूर्ण बंद वास्तव में एक ऐतिहासिक घटना है। अगर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली आरएसएस-नियंत्रित भाजपा सरकार अभी भी दीवार पर लिखे गए इबारत को नजरअंदाज करती है, तो यह उसके लिए एक बड़ी आपदा होगी, क्योंकि ऐसा करके वह अपनी कब्र खोद रही होगी। पूरा देश मोदी सरकार की सांप्रदायिक, विभाजनकारी और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ खड़ा है। हमारी देश की आबादी के किसी भी हिस्से को ढूंढना असंभव होगा जो सरकार की नीतियों से प्रभावित और तबाह न हो।

महाराष्ट्र विधानसभा में जाति जनगणना

बिहार चुनाव में भी सुनाई देगी इसकी गूंज
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-01-10 11:23
महाराष्ट्र विधानसभा में विधायक उस समय अवाक रह गए जब स्पीकर पटोले ने उनके सामने जनगणना से संबंधित प्रस्ताव रखा और विधानसभा को उस पर मतदान करने को कहा। वह प्रस्ताव सरकार की ओर से नहीं आया था। कार्य मंत्रणा समिति द्वारा भी उसे सूचीबद्ध नहीं किया गया था। विधानसभा का वह अधिवेशन सिर्फ एक दिन के लिए ही बुलाया गया था और उसमें संसद द्वारा अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लोकसभा और विधानसभा में मिल रहे आरक्षण को दस और साल के लिए बढ़ाने के फैसले का अनुमोदन करना मात्र था। संसद का वह फैसला संविधान का हिस्सा बन चुका है और महाराष्ट्र की विधानसभा का वह सत्र महज एक औपचारिकता थी।

सही साबित हो रही है तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा

विपक्ष के लिए 2020 का साल अहम है
नित्य चक्रवर्ती - 2020-01-09 11:07
पिछले साल 25 जून को, तृणमूल कांग्रेस की पहली बार लोकसभा सदस्य बनी महुआ मोइत्रा ने अपने पहले भाषण में सदन को मंत्रमुग्ध कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय राज्य फासीवाद का शुरुआती संकेत दिखा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका में होलोकॉस्ट मेमोरियल संग्रहालय की मुख्य लॉबी में लगाए गए पोस्टर के आधार पर, मोइत्रा ने भारतीय संदर्भ के लिए प्रासंगिक सात संकेतों को चुना और भाजपा सदस्यों द्वारा लगातार की जा रही गड़बड़ियों के बीच इसकी अहमियत बताई।

सर्दी के सितम से नहीं, व्यवस्था तंत्र की काहिली से मरते हैं लोग

हर साल यह कहानी दुहराई जाती है
अनिल जैन - 2020-01-08 11:14
नया साल शुरू हो चुका है और उससे पहले शुरू हो गई कंपकपा देने वाली सर्दी। इस समय भी देश के विभिन्न इलाकों में शीतलहर कहर बरपा रही है, जिससे लोगों के मरने की खबरें भी आ रही हैं। अब तक अकेले उत्तर प्रदेश में ही 200 से ज्यादा लोग सर्दी की ठिठुरन से मौत की नींद सो चुके हैं। देश के अन्य इलाकों से भी भीषण सर्दी की वजह से लोगों के मरने की खबरें आ रही हैं। वैसे इस तरह की खबरें आना कोई नई बात नहीं है। कहीं भूख और कुपोषण से होने वाली मौतें तो कहीं गरीबी और कर्ज के बोझ से त्रस्त किसानों की खुदकुशी के जारी सिलसिले के बीच हर साल ही सर्दी की ठिठुरन, गरम लू के थपेडों और बारिश-बाढ से भी लोग मरते हैं।

दिल्ली विधानसभा के आम चुनाव

क्या इस बार अपना ही रिकाॅर्ड तोड़ देगी ‘आप’?
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-01-07 10:46
दिल्ली विधानसभा के आमचुनाव की घोषणा हो गई। इसके लिए मतदान 8 फरवरी को होगा और 11 फरवरी को नतीजे आ जाएंगे। वैसे नतीजों को लेकर कोई संशय यहां है नहीं। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की जीत तय मानी जा रही है। वैसे तो सभी पार्टियों के नेता अपनी जीत को मानकर ही चलते हैं और चुनाव में हारना उनके लिए कोई संभावना नहीं होती, लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी जीत पर इतने आश्वस्त हैं कि उन्होंने मतदाताओं से कह डाला कि जिन्हें मेरा काम पसंद नहीं आया और जिन्हें लगता है कि मैंने काम नहीं किया, वे मुझे अपना वोट नहीं दें।

जेएनयू पर आतंकी हमला

निष्पक्ष न्यायिक जांच से ही चलेगा सच्चाई का पता
उपेन्द्र प्रसाद - 2020-01-06 10:59
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय पर हिंसक हमला हो गयाा। यह हमला छात्रों को आतंकित करने के लिए किया गया था। इसलिए इसे आतंकी हमला कहना सही रहेगा। यह हमला अभूतपूर्व है, लेकिन इसे अप्रत्याशित नहीं कहा जा सकता। सच तो यह है कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त देश के इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय पर हमला नरेन्द्र मोदी सरकार के गठन के बाद से ही शुरू हो गया था। हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय में वेमुला की आत्महत्या के खिलाफ देश भर में जो छात्र आंदोलन हो रहा था, उसमें जेएनयू भी शामिल था।

प्रियंका का मोदी पर सीधा हमला

एसपी और बीएसपी परेशान
प्रदीप कपूर - 2020-01-04 12:29
लखनऊः उत्तर प्रदेश में विपक्षी स्पेस में जिस तरह से कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है, उसने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती को परेशान कर दिया है। प्रियंका राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के दौरान नागरिकता संशोधन कानून और अत्याचार के मुद्दे पर मोदी सरकार और योगी सरकार की आलोचना करने में अत्यधिक आक्रामकता दिखा रही हैं।