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नरेन्द्र मोदी की टेक्निक उनके लिए काम कर रही है

चुनावी बांड पर सुप्रीम कोर्ट अपने दायित्व का निर्वाह करने में विफल
के रवीन्द्रन - 2021-04-03 09:34 UTC
मोदी सरकार ने किसी वस्तु की सुरक्षा के नाम पर जो अनेक कानून बनाए हैं, उनमें से कुछ तो उसका बिल्कुल उल्टा कर रहे हैं। मोदी ने इस तरह की बात करते हुए कानून बनाने और बिल्कुल उलटा उद्देश्य हासिल करने की कला में अपने को को सिद्धहस्त कर लिया है। जैसे वे बात करेंगे कि फलां काम वे राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कर रहे हैं, लेकिन वैसा कहते हुए जो वे काम करेंगे, उनसे राष्ट्र की सुरक्षा को ही खतरा हो जाता है। वे कहेंगे कि हम फला काम लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कर रहे हैं, लेकिन वे जो कर रहे होते हैं, उससे लोकतंत्र कमजोर ही होता है। वे राष्ट्रीय एकता की बात करते हैं, लेकिन राष्ट्रीय एकता से उनका मतलब उनकी पार्टी का हित होता है और जहां कहीं राष्ट्र की एकता और उनकी पार्टी के हित में टकराव होता है, वे पार्टी हित को प्राथमिकता देते हैं। इतना ही नहीं, वे पार्टी हित को ही राष्ट्र हित का नाम देने में तनिक भी संकोच नहीं करते।

असम विधानसभा के चुनाव

कोई चमत्कार ही भाजपा को फिर सत्ता में वापस ला सकता है
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-04-01 10:42 UTC
अन्य राज्यों के साथ असम विधानसभा के चुनाव के नतीजे भी 2 मई को आ जाएंगे। मतदान के अंतिम चरण तक सभी राजनैतिक पार्टियां अपना सारा जोर लगा रही हैं और सत्तारूढ. भारतीय जनता पार्टी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने का दावा कर रही है। उसके लिए यह चुनाव न केवल अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न है, बल्कि आगे की उसकी राजनीति भी इससे प्रभावित होने वाली है। इसलिए हारने का विचार मात्र ही उसके लिए एक बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। वह एक से एक ऐसी नीतियां अपना रही है, जिससे देश को नुकसान हो रहा है, लेकिन चुनावी जीत के कारण वह समझती है कि देश के लिए वह अच्छा ही कर रही है। जीत के बाद फिर वह अपनी पूरी ताकत से उसी प्रकार की नीतियों के अमल पर लग जाती है।

पश्चिम बंगाल के चुनाव

जाति की राजनीति के भरोसे भाजपा
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-03-31 13:32 UTC
पश्चिम बंगाल में चुनाव की प्रक्रिया जारी है। आठ चरणों में मतदान के बाद 2 मई को नजीजे आ जाएंगे। ममता बनर्जी के फिर सरकार में आ जाने की संभावना है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपनी तरफ से वे सारी कोशिशें कर रही है, जिनकी सहायता से वे सत्ता पर काबिज हो जाए। पिछले लोकसभा चुनाव में उसे कुल 42 सीटों में 18 सीटें हासिल हुई थीं, जो तृणमूल कांगेस की 22 सीटों से कुछ ही कम थी। जाहिर है, उससे उत्साहित होकर वह वहां की सत्ता पर कब्जा करने की न केवल सपने देख रही है, बल्कि उसके लिए अपने सारे संसाधनों को वहां झोंक रखा है।

भारत में यूनिवर्सल बेसिक इनकम को लागू करने की स्थिति बन गई है

जिनके पास कुछ भी नहीं है, उनकी सहायता की जरूरत है
मोइन काजी - 2021-03-30 11:21 UTC
महामारी ने दुनिया भर में अभूतपूर्व संकट पैदा किए हैं। इसने उन लोगों पर बड़ा जुर्म ढाहा है, जो पहले से ही सबसे कमजोर थे। कम आय वाले परिवारों और छोटे व्यवसायियों के बीच कठिनाई और बेचैनी बढ़ी है। महामारी ने विषमताओं को और भी बढ़ा दिया है।

अब कांग्रेस पंचायत चुनाव और बुनकर यात्रा की तैयारी कर रही है

प्रियंका गांधी सभी वंचित जातियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है
प्रदीप कपूर - 2021-03-27 12:15 UTC
लखनऊः निषाद समाज के पिछड़े समुदाय तक पहुंचने के लिए नदी अधिकार यात्रा की सफलता से उत्साहित प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस राज्य में लाखों बुनकरों को लुभाने के लिए बुनकर अधिकार यात्रा निकालने की योजना बना रही है। यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रियंका गांधी ने राज्य कांग्रेस को पिछड़े निषाद समुदाय के लिए जल यात्रा निकालने का निर्देश दिया, जो पुलिस अत्याचारों के शिकार थे।
वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट-2021

पिछडे़ और आपदाग्रस्त देश भी भारत के मुकाबले ज्यादा खुशहाल क्यों?

अनिल जैन - 2021-03-26 10:51 UTC
भारत में पहले से ही ढहती अर्थव्यवस्था और उसके चलते बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और खेती की बर्बादी जैसी आम आदमी की तमाम दुश्वारियों के बीच कोरोना के खौफ, बीमार स्वास्थ्य सेवाएं, लोगों की मौतें, लॉकडाउन, औद्योगिक शहरों से बडे पैमाने पर प्रवासी कामगारों के दर्दनाक विस्थापन, वर्क फ्राम होम और ऑन लाइन शैक्षणिक गतिविधियों ने बीते एक साल के दौरान कोढ में खाज जैसे हालात बना दिए हैं। इसकी स्पष्ट झलक ‘वर्ल्ड हैपीनेस रिपोर्ट’ में भी देखी जा सकती है, जिसमें दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की सूची में भारत का मुकाम दुनिया के तमाम विकसित और विकासशील देशों से ही नहीं बल्कि पाकिस्तान समेत तमाम छोटे-छोटे पड़ोसी देशों और युद्ध से त्रस्त फिलिस्तीन से भी पीछे है।

त्रिपुरा में जनजातीय परिषद के चुनाव में शांति को खतरा

अलग टिपरालैंड की मांग जोर पकड़ रही है
सागरनील सिन्हा - 2021-03-25 10:09 UTC
इस वर्ष के त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद का आम चुनाव पिछले चुनावों से काफी अलग हैं। अतीत के विपरीत, इस बार के चुनाव राज्य में सभी प्रमुख दलों के साथ होने वाले बहुस्तरीय मुकाबले हैं जो निर्णायक आदिवासी निकाय चुनावों में अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में कूद रहे हैं।

कोरोना की दूसरी लहर

टीकाकरण की रणनीति बदलनी होगी
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-03-24 12:02 UTC
भारत कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में है। यदि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात की जाय, तो यहां कोरोना की चौथी लहर चल रही है। यह लहर देश में उस समय शुरू हुई, जब जनवरी के मध्य में टीकाकरण की शुरुआत की गई। उस समय देश में प्रति दिन कोरोना संक्रमण के शिकार हो रहे लोगों की संख्या 10 हजार से भी कम हो गई थी। दिल्ली में तो यह प्रतिदिन सौ-सवा सौ के बीच थी। लेकिन अब प्रतिदिन कोरोना का संक्रमण 50 हजार के पास पहुंचने वाला है और दिल्ली में यह आंकड़ा प्रतिदिन 11 सौ के पार हो चुका है।

शिवराज सिंह चौहान सरकार के एक साल

कमाल नाथ कहते हैं इसे लोकतंत्र की हत्या का काल
एल एस हरदेनिया - 2021-03-23 10:42 UTC
भोपालः भाजपा और कांग्रेस दोनों ने कमलनाथ सरकार के पतन के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए।

महामारी काल में सुप्रीम कोर्ट में हाइब्रिड सुनवाई के बड़े फायदे दिखे

इससे मामलों को तेज गति से निबटाने में मदद मिली
शैलेश गांधी - 2021-03-22 09:40 UTC
कोवि़ड महामारी ने दुनिया में तबाही ला दी है। लोगों ने अलग-अलग तरीकों से जवाब दिया है और अनुकूलन और जीवित रहने की अपनी मजबूत क्षमता दिखाई है। भारतीय न्यायिक प्रणाली ने इस संबंध में मिश्रित उपलब्धियों को दिखाया है।