क्या मध्यप्रदेश भाजपा में पनप रही है गुटबंदी
सदन के बाहर और भीतर फेल हुई भाजपा
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2019-01-12 10:31 UTC
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार यह कहते रहे हैं कि उन्हें प्रदेश में राजनीति करनी है। कई बार केन्द्र में जाने की अटकलों को वे खुलकर नकारते रहे। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई वाली केन्द्र सरकार में कभी कृषि मंत्री, तो कभी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में उनके जाने की अटकलें लगती रही और वे इसे खारिज करते रहे। अभी संपन्न मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उनके चेहरे पर ही चुनाव लड़ा। ऐसे में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के साथ-साथ शिवराज को भी भाजपा ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर केन्द्र की राजनीति में बुला लिया। मध्यप्रदेश में ही रहकर ताउम्र राजनीति करने की बात करने वाले शिवराज सिंह चौहान अब राज्य की राजनीति से दूर हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद तीनों राज्यों में भाजपा के एकछत्र नेता के रूप में स्थापित इन नेताओं को राष्ट्रीय राजनीति में बुला लिए जाने को राजनीतिक विश्लेषक भाजपा में गुटबंदी पनपने की बात करने लगे हैं।