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इस्लामी देशों की महफिल में भारत

मोदी सरकार की कूटनीति कसौटी पर
अनिल जैन - 2019-02-27 12:16 UTC
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की पहले पाकिस्तान और फिर भारत यात्रा संपन्न होने के तुरंत बाद मुस्लिम देशों के शक्तिशाली मंच इस्लामी सहयोग संगठन’ (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की परिषद के सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को न्योता मिला है। यह अपने आप में बड़ी खबर है। एक और दो मार्च को अबूधाबी में होने वाले इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सुषमा स्वराज विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगी। पिछले दिनों कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा बलों के जवानों पर आतंकवादियों की ओर से हुए फिदायीन हमले और उसके बाद भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर भारत के हवाई हमले के संदर्भ में कूटनीतिक दृष्टि से भारतीय विदेश मंत्री को मिले इस न्योते का खास महत्व है।

मंत्रियों के जवाब पर कांग्रेस में जारी है घमसान

भ्रष्टाचार के मसले पर विधानसभा में आए जवाबों से कांग्रेस की बढ़ी चिंता
राजु कुमार - 2019-02-26 12:52 UTC
वक्त है बदलाव का, नारा के साथ कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें सिंहस्थ घोटाला, नर्मदा घाटी में पौधारोपण घोटाला और मंदसौर गोलीकांड प्रमुख थे। प्रदेश की जनता को इस बात की उम्मीद थी कि भाजपा सरकार बदलने के बाद इन मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद यह भी जताई जा रही थी कि इन मामलों का सच सामने आएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अंतरिम बजट के लिए आहूत विधानसभा सत्र के दरम्यान प्रश्नोत्तर काल में विधानसभा सदस्यों के सवालों के जिस तरह जवाब आए, उसने प्रदेश की जनता को चाकित कर दिया।

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर बमबारी

क्या एक और भारत-पाक युध्द् होगा?
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-02-26 12:49 UTC
आखिरकार भारत ने वह कर दिखाया, जिसकी उम्मीद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कर रहे थे। उन्होंने दो दिन पहले ही कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति भयावह बनी हुई है और आने वाले दिनों में वहां कुछ भी हो सकता है। डर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को भी था। इस हमले को टालने के लिए उन्होंने कहा था कि भारत शांति का उसे एक और मौका दे। भारत उन्हें मौका दे भी देता, लेकिन उसके लिए उन्हें यह दिखाना पड़ता कि भारत विरोधी आतंक के अड्डे को वे अपने देश में उसी तरह तरह ध्वस्त कर देंगे, जिस तरह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश में किया था।

नहीं थम रहा स्वाइन फ्लू का आतंक

कैसे करें स्वाइन फ्लू से बचाव?
योगेश कुमार गोयल - 2019-02-25 11:32 UTC
सितम्बर-अक्तूबर माह में जीका वायरस का कहर, उसके बाद डेंगू के चलते हुई दर्जनों मौतें और अब राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, तेलंगाना सहित देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते मामले और सैंकड़ों मौतें हो जाने से देशभर में हड़कम्प मचा है। विभिन्न राज्यों में इस बीमारी के अब तक दस हजार से भी अधिक मामले सामने आ चुके हैं और स्वाइन फ्लू सैंकड़ों लोगों को लील चुका है, अनेक लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। तमाम अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस देश की राजधानी दिल्ली में ही प्राणघातक बनती जा रही इस बीमारी के 2000 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इसका सर्वाधिक कहर राजस्थान में देखा गया है, जहां इसके चलते बहुत सारे लोग काल का ग्रास बन चुके हैं।

मलप्पुरम में यूडीएफ आरामदायक स्थिति में

मध्य केरल में होगा घमसान
पी श्रीकुमारन - 2019-02-23 11:07 UTC
तिरुअनंतपुरमः कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के लिए मुस्लिम बहुल मलप्पुरम जिले में स्थिति बेहतर बनी हुई है। इसका कारण यह है कि यह हयोगी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का गढ़ है।

‘वाटर स्ट्राइक’ से टूटेगी पाकिस्तान की कमर

अब भूखा-प्यासा मरेगा पाकिस्तान!
योगेश कुमार गोयल - 2019-02-22 09:43 UTC
पुलवामा फिदायीन हमले के बाद से ही भारत सरकार द्वारा हर वो जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, जिनके जरिये दहशतगर्द मुल्क पाकिस्तान की कमर तोड़ी जा सके और अगर कहा जाए कि ये कठोर कदम पाकिस्तान के खिलाफ कई स्तर की सर्जिकल स्ट्राइक हैं तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। इसी कड़ी में पहले पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा वापस लेते हुए वहां से आयात होने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी 200 फीसदी बढ़ाकर उसकी आर्थिक रूप से कमर तोड़ने का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भी पाकिस्तान के खिलाफ माहौल बनाने में सफलता मिल रही है और अब पाकिस्तान को जाने वाला तीन नदियों रावी, ब्यास और सतलुज का पानी रोकने का फैसला कर ‘वाटर स्ट्राइक’ के जरिये पाकिस्तान को त्राहिमाम्-त्राहिमाम् करने पर विवश किया जा रहा है। जब भी पाकिस्तान के पाले-पासे दहशतगर्दों द्वारा कोई बड़ा आतंकी हमला अंजाम दिया गया, हर बार नदियों का पानी रोके जाने की मांग उठी किन्तु इससे पूर्व कोई भी सरकार इतना कड़ा फैसला लेने की हिम्मत नहीं दिखा सकी। यह तय है कि भारत से पानी रोके जाने से पाकिस्तान की ऐसी कमर टूटेगी कि वह न अपनी जमीन पर आतंकियों को पालने-पोसने में समर्थ होगा और न ही घाटी में अलगाववादियों को समर्थन करने की उसकी हैसियत बचेगी। भारत द्वारा कहा गया है कि वह पूर्वी नदियों पर बांध बनाकर अपने हिस्से का पानी जम्मू-कश्मीर तथा पंजाब में बन रही बिजली परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल करेगा। दोनों राज्यों में कई बिजली परियोजनाएं बनाई जा रही हैं और इन राज्यों के बाद जो पानी बचेगा, वह राजस्थान तथा अन्य राज्यों को दिया जाएगा।

दो महत्वपूर्ण मसलो पर कांग्रेस मंत्रियों ने लिया यूटर्न

मध्यप्रदेश भाजपा की बल्ले बल्ले
एल.एस. हरदेनिया - 2019-02-21 11:01 UTC
भोपालः मध्य प्रदेश विधानसभा के पटल पर मंत्रियों द्वारा दिए गए जवाबों ने राज्य सरकार और राज्य कांग्रेस दोनों के लिए बेहद शर्मनाक स्थिति पैदा कर दी है। स्थिति इतनी शर्मनाक थी कि वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को सार्वजनिक रूप से संबंधित मंत्रियों को फटकारना पड़ा।

भाजपा-शिवसेना की दोस्ती के निहितार्थ

दोनों में सौतन का रिश्ता है
योगेश कुमार गोयल - 2019-02-20 12:20 UTC
भाजपा और शिवसेना आखिरकार लोकसभा चुनाव के ऐलान से ठीक पहले एक-दूसरे के साथ आ ही गए। शिवसेना के साथ चुनाव से पहले पुनः गठबंधन करने में सफल हुई भाजपा के लिए यह एक बड़ी सफलता है। महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं और समझौते के तहत भाजपा को 25 और शिवसेना को 23 सीटें मिली हैं जबकि 288 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में दोनों दल 140-140 सीटों पर चुनाव लड़ने को राजी हुए हैं जबकि 8 सीटें दूसरे सहयोगियों के लिए छोड़ी गई हैं। हालांकि शिवसेना की लंबे समय से मांग थी कि उसे अधिक सीटें दी जाएं और मुख्यमंत्री पद भी उसी की झोली में आए किन्तु भाजपा शिवसेना के दबाव के समक्ष न झुकते हुए भी गठबंधन करने में कामयाब रही। पिछले लोकसभा चुनाव में शिवसेना ने केवल 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था जबकि इस बार उसके खाते में 23 सीटें आई हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 24 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 23 सीटें जीती थी जबकि शिवसेना 22 सीटों पर लड़कर 18 सीटें जीतने में सफल हुई थी।

आतंकवाद सभी के लिये चुनौती

हमें एक होकर इससे लड़ना होगा
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2019-02-19 12:50 UTC
अभी हाल ही में जम्मू - कश्मीर के पुलवामा जिले में घटित आतंकवादी घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया जिसमें आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़ा आतंकवादी आदिल अहमद के विस्फोटक बम से लदी कार के टक्कर से देश के सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गये जो अपने घर को लौट रहे थे। इस आतंकी घटना ने आज सोचने को मजबूर कर दिया कि आतंकवाद से देश को कैसे निजात दिलाया जाय जब कि इस मामलें में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने में पाक में पल रहे आतंकी गिरोहों का हाथ होना बताया जा रहा है।

चुनाव के पहले कांग्रेस का मनोबल बढ़ रहा है

भाजपा ने सत्ता बरकरार रखने के लिए एक कठिन लड़ाई लड़ रही है
हरिहर स्वरूप - 2019-02-18 12:33 UTC
2019 के आम चुनाव के बाद भारत को जो चाहिए वह है स्थिरता। यदि पूरा विपक्ष एक मंच पर आकर सरकार बना भी ले, तो क्या वे स्थिर सरकार दे पाएंगे, इस बात को लेकर कोई दावे के साथ कुछ भी नहीं कह सकता। गठबंधन के युग में हमारा अनुभव खुशनुमा नहीं रहा है। देश की नजरें अब प्रियंका और राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर टिकी हैं।