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आईपीएल का कारोबारी तमाशा

कहानी एक अवसादग्रस्त समाज की
अनिल जैन - 2019-05-18 19:00 UTC
इंडियन क्रिकेट लीग आईपीएल टुर्नामेंट के दौरान होने वाली सट्टेबाजी इस बार भी पांच लोगों की असामयिक मौत का कारण बनी है। आईपीएल के सट्टे में भारी नुकसान उठाने के बाद वाराणसी के एक व्यक्ति ने पहले अपनी तीन बेटियों को जहर खिलाया और फिर खुद भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दूसरी घटना मुरादाबाद की है, जहां एक व्यक्ति ने सट्टे में अपनी जमा पूंजी गंवा देने के बाद खुद को फांसी लगाकर जान दे दी। भारत में पिछले एक दशक से हो रहे इस सालाना टुर्नामेंट के दौरान इस तरह की खबरें हर साल आती हैं और टुर्नामेंट खत्म होने के बाद भी आती रहती हैं।

राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय क्षेत्रीय मुद्दे ही चुनाव में हावी

पंजाब में किस करवट बैठेगा ऊंट?
योगेश कुमार गोयल - 2019-05-16 09:49 UTC
दिल्ली तथा हरियाणा में 12 मई को मतदान प्रक्रिया सम्पन्न हो जाने के पश्चात् अब सभी की नजरें पड़ोसी राज्य पंजाब पर केन्द्रित हो गई हैं, जहां चुनावी प्रक्रिया के अंतिम चरण में 19 मई को सभी 13 सीटों अमृतसर, आनंदपुर साहिब, भटिंडा, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, खडूर साहिब, लुधियाना, पटियाला तथा संगरूर के लिए 2.03 करोड़ मतदाता कुल 278 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। करीब दो तिहाई मतदाता ग्रामीण पृष्ठभूमि के हैं।

चन्द्रबाबू नायडु का उत्साह

अभी हमें नतीजे का इंतजार करना चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2019-05-15 09:41 UTC
अभीतक लोकसभा के चुनाव भी पूरी तरह से संपन्न नहीं हुए हैं। मतगणना 23 मई को होगी, लेकिन उसके पहले से ही चन्द्रबाबू नायडू एक गैर भाजपा सरकार बनाने के लिए उत्साह से जुट गए हैं। उन्होंने 1996 में एक कुशल राजनैतिक प्रबंधक की छवि हासिल कर ली थी। उनके कुशल प्रबंधन के कारण अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार तेरहवें दिन ही गिर गई थी। तब उन्होंने चुनाव नतीजे आते ही कुछ क्षेत्रीय दलों का एक मोर्चा बना डाला था और उस मोर्चे को भाजपा विरोधी मोर्चे में तब्दील कर दिया था। यदि नायडू ने वह मोर्चाबंदी नहीं की होती, तो अकाली दल जैसी पार्टियों का समर्थन कर भारतीय जनता पार्टी अटल सरकार को बचा भी सकती थी, लेकिन अकाली दल भी तब चन्द्रबाबू नायडू के मोर्चे में आ गया था और फिर वे सभी दल संयुक्त मोर्चा बनाकर एक मंच पर आ गए और कांग्रेस के समर्थन से देवेगौड़ा की सरकार बन गई।

परदे के पीछे से चल रही है चुनावी जंग

हिमाचल में किसका लहराएगा परचम?
योगेश कुमार गोयल - 2019-05-14 08:51 UTC
कुल चार लोकसभा सीटों वाले हिमाचल प्रदेश में 19 मई को मतदान होना है। 2011 की जनगणना के अनुसार 55673 वर्ग किलोमीटर में फैले इस हिन्दू बहुल राज्य की कुल आबादी 6864602 है, जहां 95.17 फीसदी हिन्दू तथा 2.18 फीसदी मुस्लिम हैं। कुछ जिलों में तो हिन्दुओं की आबादी करीब 98 फीसदी तक है और मुस्लिम एक फीसदी से भी कम हैं। यही कारण है कि इस प्रदेश से न कभी कोई मुस्लिम विधायक रहा और न ही सांसद। अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या 1729252 है जबकि अनुसूचित जनजाति के लोगों की संख्या 392126 है। राज्य में 20 हजार से भी ज्यादा गांव है और करीब 90 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। कुल 12 जिलों में विभाजित हिमाचल तीन डिवीजनों शिमला, कांगड़ा तथा मंडी में बंटा है। विधानसभा की कुल 68 सीटें हैं जबकि लोकसभा की कुल चार सीटें हैं, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी तथा शिमला और इस प्रदेश में चुनावी मुकाबला सदैव भाजपा तथा कांग्रेस के बीच ही होता रहा है।

दुनिया का सबसे ताकतवर हेलीकाॅप्टर

दुश्मन के लिए काल बनेगा ‘अपाचे’
योगेश कुमार गोयल - 2019-05-13 08:34 UTC
भारतीय वायुसेना को अमेरिकी एयरोस्पेस कम्पनी ‘बोइंग’ द्वारा 22 अपाचे गार्जियन अटैक हेलीकाॅप्टरों में से पहला हेलीकाॅप्टर भारत को सौंपे जाने के बाद वायुसेना की ताकत में और इजाफा हो गया है। इन्हीं हेलीकाॅप्टरों का पहला बैच करीब दो माह बाद मिलने की संभावना है। इससे पहले इसी वर्ष 26 मार्च को चार हैवीलिफ्ट ‘चिनूक’ हेलीकाॅप्टर भी वायुसेना के बेड़े में शामिल हो गए थे और 11 चिनूक मार्च 2020 तक मिलने की संभावना है। एमआई-17 जैसे मध्यम श्रेणी के भारी वजन उठाने वाले रूसी लिफ्ट हेलीकाॅप्टर भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही मौजूद हैं। कुछ माह पूर्व रूस के साथ भी 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से मल्टी फंक्शन रडार से लैस एस-400 एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल प्रणाली का सौदा किया गया था, जो दुनियाभर में सर्वाधिक उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणालियों में से एक है और वायुसेना के लिए ‘बूस्टर खुराक’ मानी जाती रही है।

दिल्ली लोकसभा की 7 सीटेंः क्या कांग्रेस ने उन्हें भाजपा को गिफ्ट कर दिया है?

उपेन्द्र प्रसाद - 2019-05-11 12:11 UTC
दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर त्रिकोणात्कमक मुकाबला है और इस मुकाबले में भाजपा को अधिकांश सीटों पर स्पष्ट बढ़त दिखाई दे रही है। यह अप्रत्याशित भी नहीं, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी का दिल्ली में अपना न्यूनतम आधार है और इस आधार से बाहर के वोट आने के बाद उसकी जीत होने लगती है। यह न्यूनतम वोट आधार 33 फीसदी से लेकर 35 फीसदी तक है। 2015 में जब दिल्ली के विधानसभा के चुनाव हुए थे, उस समय भी भारतीय जनता पार्टी को इसी रेंज में वोट मिले थे। उसके विरोधी मतों का बहुत बड़ा हिस्सा आम आदमी पार्टी को मिल गया था। आम आदमी पार्टी को तब 54 फीसदी से भी ज्यादा वोट मिले थे और उसके कारण 70 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा को महज तीन सीटों पर भी सफलता मिली थी और 67 सीटों पर केजरीवाल की पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई थी।
बुद्ध पूर्णिमा (12 मई) पर विशेष

मन की साधना ही है सबसे बड़ी साधना: गौतम बुद्ध

राजकुमार सिद्धार्थ कैसे बने गौतम बुद्ध?
योगेश कुमार गोयल - 2019-05-10 11:11 UTC
प्रतिवर्ष वैशाख मास की पूर्णिमा को ‘बुद्ध पूर्णिमा’ के रूप में मनाया जाता है, जिसे ‘बुद्ध जयंती’ भी कहते हैं। माना गया है कि 563 ईस्वी पूर्व वैशाख मास की पूर्णिमा के ही दिन लुम्बनी वन में शाल के दो वृक्षों के बीच गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था और वैशाख मास की पूर्णिमा को ही 35 वर्ष की आयु में 528 ई. पू. गौतम बुद्ध ने बोध गया में बोधि वृक्ष के नीचे बुद्धत्व प्राप्त किया था तथा वैशाख पूर्णिमा को ही 80 वर्ष की आयु में 483 ई. पू. गौतम बुद्ध ने उत्तर प्रदेश में कुशीनगर में हिरण्यवती नदी के तट पर महापरिनिर्वाण प्राप्त किया था। यही कारण है कि बौद्ध धर्म में वैशाख मास की पूर्णिमा को ‘त्रिविध पावन पर्व’ भी कहा गया है और संभवतः यही वजह है कि बौद्ध धर्म में बुद्ध पूर्णिमा को सबसे पवित्र दिन माना गया है। मान्यता है कि गौतम बुद्ध ने ही आज से करीब ढ़ाई हजार वर्ष पूर्व बौद्ध धर्म की स्थापना की थी।

भोपाल में दिग्विजय के चुनाव अभियान ने भाजपा को डाला सकते में

साधु करने लगे दिग्गी राजा के समर्थन में हठयोग
एल. एस. हरदेनिया - 2019-05-09 13:13 UTC
भोपालः लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार इस समय चरम पर पहुंच चुका है। कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह और उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर तरह-तरह के मौलिक तरीके अपनाकर मतदाताओं का दिल जीतने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से दो ऐसी पहल की गईं जिनसे भाजपा के होश उड़ गए।

ड्रामा स्कूल के प्रिंसिपल है मोदी: जितेन्द्र आव्हाड

शहीद हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान के बाद मराठी समाज भाजपा के खिलाफ
राजु कुमार - 2019-05-09 12:52 UTC
पूरे देश की निगाहें भोपाल सीट पर लगी हुई है। पूरे देश से कई बुद्धिजीवी एवं नेता भोपाल आकर मतदाताओं से अपील कर रहे हैं कि देश को सांप्रदायिकता से बचाने और संविधान की रक्षा के लिए मतदान करें। इस सिलसिले में भोपाल आए नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री डाॅ. जितेन्द्र आव्हाड ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ड्रामा स्कूल के प्रिंसिपल हैं। वे लगातार ड्रामा कर रहे हैं। चुनाव के हर चरण में नरेटिव बदलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे सफल नहीं हो पा रहे हैं। पांच साल पहले उन्होंने सपने दिखाए थे। उनके पास बताने के लिए कोई काम नहीं है, इसलिए वे चुनाव के वास्तविक मुद्दों से हटकर बात कर रहे हैं। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की भोपाल से उम्मीदवारी और शहीद आइपीएस अधिकारी हेमंत करकरे पर साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर जितेन्द्र आव्हाड ने अपने विचारों को बेबाकी से साझा किया।

दिल्ली की सभी सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला

दिल्ली के दंगल में कौन मारेगा बाजी?
योगेश कुमार गोयल - 2019-05-08 11:16 UTC
इस बार दिल्ली की सभी सीटों पर भाजपा, आप, कांग्रेस तथा बसपा ने अपने-अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा, आप तथा कांग्रेस के बीच ही है। 2014 में मोदी लहर के चलते 46.43 फीसदी मतों के साथ सातों सीटें भाजपा की झोली में जा गिरी थी। तब ‘आप’ भी भले ही एक भी सीट नहीं जीत सकी थी किन्तु वह 33.08 फीसदी मत प्राप्त कर दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी थी और कांग्रेस के कुछ नामीगिरामी प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने के साथ वह महज 15.22 फीसदी मत बटोरकर तीसरे स्थान पर पहुंच गई थी। इस बार स्थिति भाजपा के लिए इतनी अनुकूल प्रतीत नहीं होती।