लाभ का पद और दिल्ली के विधायक
निर्वाचन आयोग का अनुचित फैसला
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2018-01-24 14:13 UTC
आखिर दिल्ली में वही हुआ, जिसकी आशंका थी। वैसे यह गलत हुआ। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत की इसमें पूरी तरह अवहेलना हुई। यह सिद्धांत यह है कि आरोपी को अपना पक्ष रखने का पूरा समय दिया जाता है और उसके बाद ही कोई निर्णय किया जाता है। लेकिन राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग ने उन विधायकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका नहीं दिया, जिन पर लाभ के पद पर रहने का आरोप लगाया गया था।