मोदी का 2019 का सपना यूपी चुनाव से जुड़ा है
बस मायावती और अमित शाह की किस्मत का फैसला भी यही चुनाव करेगा
-
2017-02-01 12:03 UTC
इस विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में जितने नेताओं और पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है, उतना पहले कभी नहीं लगी थी। यहां दो क्षेत्रीय दल अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस उत्तर प्रदेश और देश में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने का संघर्ष कर रही है, तो यह भारतीय जनता पार्टी के दोनों बड़े नेता- नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के लिए अपने आपको साबित करने का प्रश्न बना हुआ है। इस चुनाव के बाद मुलायम सिंह यादव का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो सकता है, तो मायावती और अजित के लिए भी यह अस्तित्व संकट का सवाल बनकर खड़ा है।