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उत्तर प्रदेश में भाजपा का मुख्य एजेंडा हिन्दुत्व है

विकास सुनिश्चित करना योगी के लिए कठिन चुनौती
कल्याणी शंकर - 2017-03-22 14:05 UTC
योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का पद संभालते ही वहां यह नारा लगने लगा है, ’देश में मोदी, प्रदेश में योगी‘। योगी गोरखनाथ मठ के मठाधीश भी हैं। योगी को मुख्यमंत्री बनाने का संदेश यह है कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी जीत को हिन्दुत्व की जीत मानती है, जबकि कागज पर वह कह रही है कि यह विकास की जीत है। दिलचस्प यह है कि कट्टर हिन्दुत्ववाद की पहचान रखने वाले योगी ने भी शपथ ग्रहण के बाद ’सबका साथ, सबका विकास‘ का सुर अलापना शुरू कर दिया है। आशावादी कहते हैं कि उन्हें समझने के लिए समय दिया जाना चाहिए, जबकि निराशावादी कहते हैं कि उत्तर प्रदेश हिन्दुत्व की ओर जा रहा है। विकास की बात करने के पीछे भी हिन्दुत्व का एजेंडा काम करता रहेगा, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयानों से साफ होता है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार

कानून व्यवस्था की बहाली और भ्रष्टाचार पर लगाम मुख्य चुनौती
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-03-21 13:03 UTC
योगी सरकार की शुरुआत अच्छे ढंग से हुई है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को अपनी अपनी संपत्तियों का ब्यौरा देने को कहा है और पुलिस को सख्त हिदायत दी है कि कहीं सांप्रदायिक तनाव और हिंसा नहीं हो। इलाहाबाद के दो बूचड़खानों को सील किया गया है, लेकिन वे दोनों अवैध रूप से चल रहे थे। वैध रूप से चल रहे बूचड़खानों को भी सत्ता में आने के पहले दिन ही बंद करने के वायदे भाजपा नेताओ ने किए थे। गनीमत है कि वैसा अभी तक नहीं हुआ है और कानूनी रूप से चल रहे बूचड़खाने, जिनमें हजारों लोग काम करते हैं, अभी बचे हुए हैं। उम्मीद है कि उनसे संबंधित निर्णय लेते समय योगी सरकार विवके से काम लेगी।

असुरक्षित दिखाई दे रहा है वृद्धजनों का जनजीवन

उन्हें तबाह कर रहा है भूमंडलीयकरण
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2017-03-20 12:49 UTC
जब से देश भूमंडलीयकरण की चपेट में आया है, तब से वृृद्धजनों का जनजीवन असुरक्षित दिखाई देने लगा है। जिस तरीके से यह प्रभाव हावी होता जा रहा है , यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। इस समस्या के समाधान के लिये भूमंडलीयकरण से प्रभावित देश वृृद्धाश्रम, पेंशन जैसी व्यवस्था देकर निदान पाने की कोशिश अवश्य कर रहे है, जिसकी छत्रछाया की झलक हमारे देश में देखी जा सकती है, पर इस छत्रछाया से राहत किस रूप में वृृद्धजनों को पहुंच रही है, सभी के सामने है। यहां वृृद्धजनों के लिये सुरक्षित न तो वृृृृद्धाश्रम है न सही देख रेख । उन्हें पेंशन भी नाम मात्र की दी जाती है, जो किसी को मिलती है किसी को नहीं।

गोवा में भाजपा सरकार

इसे जनादेश का अपहरण न कहें तो क्या कहें?
अनिल जैन - 2017-03-18 11:40 UTC
गोवा के विधानसभा चुनाव में बहुमत हासिल न कर पाने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी वहां एक बार फिर सत्ता पर काबिज में कामयाब हो गई। हालांकि गोवा के चुनावी नतीजों को सरसरी तौर पर देखा जाए तो स्पष्ट है कि वहां की जनता ने खंडित जनादेश दिया है जो किसी भी पार्टी के पक्ष में नहीं है, कम से कम भाजपा के पक्ष में तो कतई नहीं। चालीस सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा को महज 13 सीटें ही हासिल हो पाई, जबकि 17 सीटें जीत कर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। भाजपा न सिर्फ बहुमत का आंकड़ा छूने या सबसे बड़े दल के रूप में उभरने में नाकाम रही बल्कि उसके निवर्तमान मुख्यमंत्री तथा उनके छह मंत्रियों को भी चुनाव में करारी हार का स्वाद चखना पडा। जाहिर है कि सूबे की जनता ने भाजपा को स्पष्ट तौर पर नकारा है, भले ही उसके मुकाबले किसी अन्य पार्टी को भी स्पष्ट बहुमत न दिया हो।

ईवीएम पर उठते सवाल

आयोग को वीवीपीएट की गिनती करनी चाहिए
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-03-17 11:58 UTC
इलेक्ट्राॅनिक मतदान मशीनों पर सवाल हमेशा से उठाए जाते रहे हैं। सैकड़ो मामले अदालतों में उठाए गए हैं और अभी भी इनसे सबंधित दो सौ मामले अलग अलग अदालतों में लंबित हैं। पांच राज्यों में हुए विधानसभा के आमचुनावों के बाद तो राजनैतिक दलों ने इन मशीनों के खिलाफ अभियान चला रखा है। निर्वाचन आयोग उन तमाम आरोपों का खंडन कर रहा है। चूंकि मशीनों के खिलाफ उन पार्टियों के नेता आवाज उठा रहे हैं, जिनकी इन चुनावों में हार हुई है। इसलिए उम्मीद यही की जा सकती है कि आयोग जो कह रहा है, वही सच है और हारी हुई पार्टियों के नेता अपने हताशा को मशीनों के खिलाफ आवाज उठाकर अभिव्यक्ति दे रहे हैं।

मणिपुर और गोवा में भाजपा ने कराया दलबदल

नरेन्द्र मोदी ने नैतिकबल गंवाया
अमूल्य गांगुली - 2017-03-16 12:00 UTC
गोवा और मणिपुर में सरकारें चुराकर नरेन्द्र मोदी ने चुनावी नतीजों के बाद गलत रास्ता अख्तियार किया है। गौरतलब हो कि उन दोनों राज्यों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, हालांकि विधानसभा त्रिशंकु है।

मणिपुर में अल्पमत से बहुमत हो गई भाजपा

दिशाहीन कांग्रेस कुछ और विधायकों को खो सकती है
बरुण दास गुप्ता - 2017-03-15 12:37 UTC
जब मणिपुर विधानसभा का चुनावी नतीजा सामने आया, तो पता चला कि जनता ने किसी को जनादेश नहीं दिया है और विधानसभा त्रिशंकु बनकर उभरी है। उसी समय सबको अहसास हो गया था कि अब आयाराम और गयाराम का खेल शुरू हो जाएगा। भाजपा की ओर आयाराम होंगे और गयाराम अन्य पार्टियों से होंगे। सत्तारूढ़ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसके पास 28 विधायक थे। भारतीय जनता पार्टी को 21 सीटें मिली थीं। नगा पिपल्स फ्रंट और नगा पिपल्स पार्टी को चार चार सीटें मिली थीं। एक सीट निर्दलीय और एक एक सीट तृणमूल कांग्रेस के खाते में गई।

उत्तर प्रदेश का चुनावी नतीजा: मशीन की गड़बड़ी नहीं मौन ओबीसी क्रांति

उपेन्द्र प्रसाद - 2017-03-14 13:43 UTC
उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजे न्रिश्चय ही चैंकाने वाले हैं। जब से मतदाताओं का मत देने का प्रतिशत बढ़ा है, तब से अनेक प्रदेशों में चैकाने वाले नतीजे आते हैं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें मिल गई थीं। बिहार में लालू, नीतीश और कांग्रेस के गठबधन को 178 सीटें हासिल हो गईं। उसी तरह चैकाते हुए उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों को 325 सीटें आ गईं, जो एक रिकाॅर्ड है, क्योंकि आजादी के बाद कभी भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी और गठबंधन को इतनी सीटें नहीं मिली थीं।

शंघाई सहयोग संगठन का जून शिखर सम्मेलन

भारत को अपना हक जमाना होगा
नित्य चक्रबर्ती - 2017-03-11 11:29 UTC
अगले जून महीने में कजाखस्तान के अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का शिखर सम्मेलन होने वाला है। इस शिखर में उम्मीद की जा रही है कि भारत अपने ओर से काफी सक्रियता दिखाएगा। पिछले शिखर में भारत और पाकिस्तान को इस सहयोग संगठन का पूर्णकालीन सदस्य बनाया गया था। अब अपनी सदस्यता का पूरा इस्तेमाल करने का समय भारत के लिए आ गया है। उसे क्षेत्रीय सुरक्षा से संबंधित मसलों को उठाना है और इसके साथ ऊर्जा संसाधनो में साझेदारी की बात भी आगे बढ़ानी है। भारत के सबंध इस संगठन के सभी मूल 6 सदस्य देशों के साथ अच्छा है। वे मूल सदस्य देश है- चीन, रूस, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिजस्तान, और ताजिकिस्तान। इसके कारण भारत को एक अन्य नये सदस्य देश पाकिस्तान के अपने संबंधों के बारे मे स्थिति स्पष्ट करने में भारत को आसानी होगी। भारत आशावान है कि आतंकवाद के खिलाफ उसके स्वर को मूल सदस्य देशों का समर्थन मिलेगा।

मध्यप्रदेश आतंकवादियों का अड्डा बना

सीमी कार्यकर्ताओं ने अपनी गतिविधियां बढ़ाईं
एल एस हरदेनिया - 2017-03-10 11:14 UTC
आतंकवादी गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में मध्यप्रदेश उभर रहा है। पिछले महीने के मध्य में पता चला कि प्रदेश के 9 लोग पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को गुप्त सूचनाएं प्रदान कर रहे थे। सबसे सनसनीखेज बात यह थी कि उस समूह के कुछ लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ बहुत नजदीकी से जुड़े हुए थे। यह समूह आईएसआई से भारी धन प्राप्त कर रहा था।