भारत
एक कामचलाऊ बजट: क्या जोखिम उठाने से डर रही सरकार?
- 2017-02-02 12:07 UTCवित्तमंत्री अरुण जेटली के पेश किए गए ऐतिहासिक बजट में ऐतिहासिक प्रावधानों का अभाव है। यह बजट इसलिए ऐतिहासिक है कि यह पहली फरवरी को पेश किया गया है और अगला वित्तीय वर्ष शुरू होने के पहले ही इसे पारित कर दिया जाएगा। इसके साथ इसने एक और इतिहास बनाया है और वह यह है कि अब रेल बजट इसमें समाहित हो गया है। एक तीसरा इतिहास यह है कि योजना और गैर योजना खर्च के रूप में सरकारी खर्चों दिखाने की परंपरा समाप्त कर दी गई है।