भारत
पाकिस्तानी आतंकी की गिरफ्तारी
अब क्या कहेगा पाकिस्तान?
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2015-08-07 10:53 UTC
पिछले दिनों एक पाकिस्तानी आतंकी को जम्मू में पकड़ लिया गया। उसने 5 भारतीयों को बंधक बना रखा था और बंधक बने लोगों ने ही उसे धर दबोचा। उसके दो साथी भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मार गिराए गए। भारत के कब्जे में आया वह आतंकी भारत के आंतरिक मामले में पाकिस्तानी हस्तक्षेप का एक जिंदा सबूत है। 2008 में मुंबई मंे हुए आतंकी हमले में भी एक आतंकी जिंदा पकड़ा गया था और उसके पाकिस्तानी होने के सबूत सामने आए थे। उस फांसी पर भी चढ़ा दिया गया है, लेकिन पाकिस्तान यह मानने को तैयार नहीं था कि उस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ था। उस हमले में भारत के अलावा अमेरिका सहित अन्य कई देशों के नागरिक भी मारे गए थे। जाहिर है, भारत के पास मौका था कि वह पाकिस्तान पर बड़ा अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाता और भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए वह उसे कटघरे में खड़ा करता। पर वैसा करने में भारत विफल रहा। कुछ सप्ताह पहले ही पाकिस्तान के खिलाफ मुंबई हमले को लेकर एक प्रस्ताव के खिलाफ चीन ने ही नहीं, बल्कि रूस ने भी मतदान किया और हफीज सईद के मसले पर पाकिस्तान को भारी दबाव में डालने की भारतीय कोशिश विफल रही।