नरेन्द्र मोदी का अति पिछड़ा कार्ड
बैकवर्ड फाॅरवर्ड की लड़ाई में एक नया मोड़
-
2015-11-02 10:22 UTC
चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव ने इस चुनाव को बैकवर्ड फाॅरवर्ड की लड़ाई करार दिया था। वह 1990 के दशक की भाषा बोल रहे थे। 2005 से एक के बाद एक 5 आम चुनावों मंे पराजय का सामना करने के बाद मुस्लिम-यादव समीकरण पर से उनका भरोसा उठ गया था। उन्हें पता चल गया था कि जिसे वे मुस्लिम-यादव समीकरण की जीत बताया करते थे, वास्तव में वह पिछड़े वर्गों के लोगों की लामबंदी के कारण संभव हुआ करती थी। इस सत्य के अहसास के साथ उन्होंने नीतीश कुमार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और वैसा करते समय बिहार के चुनाव को उन्होंने बैकवर्ड फाॅरवर्ड की लड़ाई बनाने का मन बना लिया था। उन्हें पता है कि पिछड़े वर्गो के साथ उनके द्वारा किए गए विश्वासघात के कारण अब वे वर्ग उनके नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाएंगे और इसलिए उन्होंने नीतीश कुमार को अपना मुखौटा बनाने का फैसला कर लिया।