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भारत

राजनीति में वंशवाद की बल्ले बल्ले

एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के कब्जे में जा रही ही पार्टियां
कल्याणी शंकर - 2014-03-28 14:50 UTC
देश की राजनैतिक पार्टियों में वर्तमान पीढ़ी द्वारा अगली पीढ़ी को उत्तराधिकार देने का प्रचलन तेज होता जा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनावों को देखा जाए, तो साफ हो जाता है कि यह और भी तेज हो रहा है। इस सिलसिले में 2013 का साल बहुत ही महत्वपूर्ण था। पिछले साल जनवरी महीने में राहुल गांधी को जयपुर सत्र में कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाया गया। उसके 9 महीने बाद भारतीय जनता पार्टी ने नरेन्द्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया।

पश्चिम बंगाल में भी भाजपा का बढ़ रहा है समर्थन

ममता बनर्जी ने मोदी पर हमले तेज किए
आशीष बिश्वास - 2014-03-27 14:46 UTC
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में चुनाव लड़ रहे मुख्य पार्टियों के अधिकांश नेता चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को गलत बता रहे हैं। वे इन्हें बोगस कहते हैं। सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही इसे सही मान रही है, लेकिन अन्य पार्टियों के व्यवहार से साफ लगता है कि उन्हें भी कहीं न कहीं लगता है कि ये सर्वे सही हैं। और अपनी रणनीति बनाते समय इन सर्वेक्षणों के नतीजों को गंभीरता से ले रहे हैं।

मोदी हैं भाजपा के नये रैम्बो

पार्टी के शीर्ष पर संघर्ष और होगा तेज
अमूल्य गांगुली - 2014-03-26 11:07 UTC
जब शिवसेना पते की बात करे, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए। उसने अभी कुछ दिन पहले कहा है कि भारतीय जनता पार्टी में मोदी युग की शुरुआत हो गई है, लेकिन आडवाणी युग अभी भी समाप्त नहीं हुआ है। इससे पता चलता है कि भारतीय जनता पार्टी में अभी सत्ता संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है।

बाहरी लोगों को थोपा जा रहा है मध्यप्रदेश में

भाजपा और कांग्रेस के कार्यकत्र्ता आलाकमान से नाराज
एल एस हरदेनिया - 2014-03-25 15:30 UTC
भोपालः आगामी लोकसभा चुनाव के लिए टिकटों का वितरण कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के लिए आसान नहीं था और यह सुगमता पूर्वक संपन्न भी नहीं हुआ। दोनों पार्टियों में आंतरिक विद्रोह की स्थिति बनी हुई है।

रामपुर में आजम की प्रतिष्ठा दांव पर

मुस्लिम बहुमत वाल सीट पर जीत के लिए पार्टी ने कसी कमर
प्रदीप कपूर - 2014-03-24 11:39 UTC
लखनऊः रामपुर लोकसभा सीट पर जीत हासिल करने के लिए समाजवादी पार्टी ने कमर कस ली है। यह मुस्लिम बहुल सीट है और समाजवादी पार्टी का मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले मोहम्मद आजम खान इसी इलाके से आते हैं। यह सीट खासकर उनके लिए निजी प्रतिष्ठा की सीट बन गई है।

लोक सभा चुनाव 2014: बिहार में त्रिकोणीय मुकाबला

गठबंधन कर भाजपा ने किया अपना नुकसान
उपेन्द्र प्रसाद - 2014-03-22 10:55 UTC
लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच बिहार का राजनैतिक संग्राम अब त्रिकोणात्कम हो चुका है। पिछले एक महीने में घटी राजनैतिक घटनाओं ने संघर्ष की दिशा और दशा दोनों को बदल डाला है। एक समय था, जब लग रहा था कि बिहार में नरेन्द्र मोदी और लालू यादव के बीच सीधा मुकाबला होने जा रहा है। मोदी विरोधी लोग लालू के पाले में और लालू विरोधी मोदी के पाले में जाएंगे और इस तरह के ध्रुवीकरण में नीतीश कुमार का कहीं अता पता भी नहीं रह पाएगा। बिहार की राजनीति का नब्ज टटोलने वालों को यही लग रहा था और इन पंक्तियों के लेखक को भी कुछ वैसा ही लग रहा था।

चुनाव परिदृश्य अभी भी है अनिश्चित

भाजपा और कांग्रेस दोनों को चाहिए और सहयोगी
कल्याणी शंकर - 2014-03-21 16:24 UTC
राजनैतिक दलों द्वारा अपने उम्मीदवारों की घोषण के बाद जो कुछ दिखाई पड़ रहा है वह बहुत ही दिलचस्प है। गठबंधन भी बन रहे हैं। वे अबतक पूरे भी हो चुके हैं। चुनाव अभियान भी तेज हो गया है और बड़े नेता देश भी का दौरा कर रहे हैं। 7 अप्रैल से 12 मई तक होने वाले मतदान में 81 करोड़ से भी ज्यादा मतदाता भाग लेंगे। यह आबादी यूरोप की कुल सम्मिलित आबादी से भी ज्यादा है।

उत्तर प्रदेश में भाजपा ने बाहरी लोगों को टिकट दिए

टिकट वितरण पर पार्टी में असंतोष
प्रदीप कपूर - 2014-03-20 14:43 UTC
लखनऊः टिकट वितरण के बाद उत्तर प्रदेश भाजपा की सबसे बड़ी चुनौती अनेक जिलों में पनपे विद्रोह को शांत करने की है। यह विद्रोह टिकट पाने वाले उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते के साथ शुरू हो गया था।

कांग्रेस करती है संदिग्ध स्वरों का इस्तेमाल

अमूल्य गांगुली - 2014-03-19 14:47 UTC
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगिवजय सिंह ने एक बार अपने आपको ढीला तोप बताया था। यह वह समय था, जब वे तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम को बौदिधक बददिमाग कर रहे थे। उस समय चिदंबरम माओवादियो के खिलाफ आपरेशन ग्रीन हंट चला रहे थे और उसी सिलसिले में उन्होंने उन्हे बददिमाग कहा था। उस समय चिदंबरम अपने उस आपरेशन के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की बाहबाही पा रहे थे।

क्षेत्रीय दलों के प्रधान मंत्री पद के दावेदार

जयललिता का दावा सबसे मजबूत
हरिहर स्वरूप - 2014-03-18 17:53 UTC
आगामी लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर बहुत अच्छी खबर नहीं आ रही है। पर भारतीय जनता पार्टी भी बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचेगी, इसकी संभावना कम है। ऐसे माहौल में एक गैर कांग्रेस गैर भाजपा सरकार की संभावना भी हमारे सामने मौजूद है। इस संभावना के मददेनजर, क्षेत्रीय पार्टियों के अनेक नेताओं की नजर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर लगी हुर्इ है। इसके लिए भी तीसरे मोर्चे, तो कभी चौथे मोर्चे और कभी संघीय मोर्चे की चर्चा होती रहती है, हालांकि चुनाव पूर्व इस तरह का मोर्चा कहीं बनता नहीं दिखार्इ पड़ रहा है। पर चुनाव के बाद इस तरह के किसी मोर्चे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मोर्चे की सरकार कांग्रेस के बाहरी समर्थन से बन सकती है। या यह भी हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी इस मोर्चे को बाहर से समर्थन दे।