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वामदल अभी भी लकवाग्रस्त

पैरों में ताकत लौटने के लक्षण नहीं
आशीष बिश्वास - 2013-10-08 11:36 UTC
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में 28 महीने पहले अपनी सत्ता खो चुके वामपंथी अभी भी लकवाग्रस्त दिखाई दे रहे हैं। उनके पैरों में अभी भी ताकत नहीं लौट पाई है और वे लाचार दिखाई पड़ रहे हैं।

मुस्लिम लीग ने गठबंधन धर्म तोड़ा

यूडीएफ के सामने एक नई मुश्किल
पी श्रीकुमारन - 2013-10-07 14:58 UTC
तिरुअनंतपुरमः यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के एक ताकतवर घटक इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने एक बार फिर कुछ ऐसा कर डाला है, जिससे पूरा प्रदेश ही आंदोलित हो सकता है।

मुसलमानों को रिझाने में जुटे मुलायम और अखिलेश

मुसलमानों के लिए खुल गया है सरकारी खजाना
प्रदीप कपूर - 2013-10-05 12:13 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और उनके मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव आजकल मुजफ्फरनगर दंगे से हुए नुकसान की भरपाई करने मे व्यस्त हैं। इन दंगों से मुसलमान उनसे नाराज हो गए हैं। अब मुलायम सिंह यादव उनकी नाराजगी दूर करने के लिए सरकार खजाने का मुह खोल चुके हैं।

अभी भी हो सकती है लालू की वापसी

बहुत कुछ उनकी रणनीति पर निर्भर करता है
कल्याणी शंकर - 2013-10-05 02:32 UTC
लालू यादव इस समय रांची के बिरसा मुंडा जेल में कैदी नंबर 3312 बने हुए है और अपने भविष्य की अनिश्चितता के साथ जी रहे हैं। पिछले सोमवार को अदालत ने उन्हें 37 करोड़ रुपये की घपलेबाजी के एक मुकदमे मंे साजिशकर्ता होने को दोषी पाया और गुरूवार को उन्हें 5 साल के सश्रम कारावास की सजा सुना दी। वह मामला 1996 में प्रकाश में आया था। इस सजा के कारण लालू लोकसभा की अपनी सदस्यता भी खो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में पिछले 10 जुलाई को कहा था कि यदि कोई सांसद या विधायक दो साल की सजा पाता है, तो उसकी सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाएगी।

काले अध्यादेश की वापसी और उसके बाद

विधायिका के सदस्यों के मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलें
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-10-03 10:50 UTC
दोषी सांसदों और विधायकों को बचाने वाले काले अध्यादेश को वापस लिए जाने के फैसले से सभ्य समाज राहत की सांस ले रहा है। आजादी के बाद का संभवतः यह सबसे काला अध्यादेश था, जिसका एक मात्र मकसद लोकतंत्र में आपराधिक तत्वों को बढ़ावा देना और भ्रष्टाचार के लिए सत्ता पर काबिज लोगों को प्रेरित करना था। हमारा राजनैतिक शासक वर्ग व्यवस्था की बुराइयों को दूर करने में तो दिलचस्पी नहीं लेता, पर जब न्यायपालिका द्वारा उन बुराइयों के खिलाफ कुछ आदेश जा जाते हैं, तो वह किस तरह बौखला जाता है, इसका ताजा उदाहरण वह अध्यादेश था।

रेलों के लिए बनेगा प्रतिवर्ष 1 लाख पहिए

एस एन वर्मा - 2013-10-03 10:49 UTC
नई दिल्ली,3 अक्टूबर। इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में आज राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) और भारतीय रेलवे के बीच भारत के सबसे बड़े फोर्जड व्हील संयंत्र परियोजनाओं के लिए समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इस अवसर पर रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी भी उपस्थित थे।

सोने की तस्करी से मुख्यमंत्री कार्यालय का नाम जुड़ा

चांडी की मुश्किलें और बढ़ी‘
पी श्रीकुमारन - 2013-10-02 13:33 UTC
तिरुअनंतपुरमः सोलर पैनल घोटाले से परेशान केरल की चांडी सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब उस पर एक नई आफत आ गई है। इस आफत का संबंध सोने की तस्करी से है।

चारा घोटाले में लालू को सजा

बिहार की राजनीति का एक अध्याय समाप्त
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-09-30 18:18 UTC
पिछले 23 सालों से बिहार की राजनीति की सबसे ताकतवर नेता रहे लालू प्रसाद को चारा घोटाले मे सजा मिलने के बाद देश की तीसरी सबसे बड़ी आबादी वाले इस राज्य की राजनीति का एक अध्याय समाप्त हो गया है। आज से बिहार की राजनीति वह नहीं रहेगी, जो कलतक थी। अब उनके राष्ट्रीय जनता दल का भविष्य अनिश्चित ही नहींत्र बल्कि अंधकारमय भी हो गया है। उनके पुत्र 25 वर्षीय तेजस्वी यादव उनके दल की लालटेन जलाए रह पाएंगे, इसकी संभावना नहीं के बराबर है। उनका दल पूरी तरह उन पर ही आश्रित था और उनके सजा पाने के बाद उसके नीचे की जमीन धसक चुकी है।

भाजपा की भोपाल रैली: अभूतपूर्व कार्यकर्ता महाकुम्भ

एल एस हरदेनिया - 2013-09-28 09:43 UTC
भोपालः इसमें कोई शक नहीं कि भोपाल में भाजपा ने 24 सितंबर को जो आयोजन किया वह बहुत ही विशाल था। सच कहा जाय, तो विशाल शब्द भी उसके सामने छोटा महसूस होता है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे कार्यकत्र्ता महाकुम्भ का नाम दिया था। इसमे 5 लाख से भी ज्यादा लोग शामिल थे। इस तरह का इतना बड़ा कार्यकत्र्ता सम्मेलन देश में किसी भी पार्टी का अभी तक कहीं भी आयोजित नहीं हुआ था। मानना पड़ेगा कि यह एक अभूतपूर्व आयोजन था।

चन्द्रबाबू नायडु का संकट

क्या एनडीए मे शामिल होंगे?
कल्याणी शंकर - 2013-09-28 09:39 UTC
तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष चन्द्रबाबू नायडु राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक होने की कोशिश कर रहे हैं। एक समय था, जब 1990 के अंतिम 4 सालों मंे राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी तूती बोलती थी। अब वे 2014 के बाद किंग नहीं, तो किंगमेकर की भूमिका निभाने के लिए बेताब दिखाई पड़ रहे हैं।
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