तेलंगना का संकट
राज्य पुनर्गठन की एक सुसंगत नीति पर विचार हो
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2011-07-15 08:56 UTC
आजाद भारत के राजनीतिक इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। एक पृथक राज्य की मांग के पक्ष को सशक्त करने के लिए तेलंगना क्षेत्र के इतने विधायकों और सांसदों का इस्तीफा निश्चित रूप से अकल्पनीय घटना है। तेलंगना क्षेत्र के 119 विधायकों एवं विधान पार्षदों में ज्यादातर का इस्तीफा हो चुका है। इनमें कांग्रेस के साथ तेलुगू देशम एवं प्रजाराज्यम यानी सभी दलों के प्रतिनिधि हैं। इस इस्तीफे के पीछे की सोच बताने की आवश्यकता नहीं है। आंध्रप्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं मंत्री के. जनार्दन रेड्डी ने कहा कि उनका इस्तीफा कांग्रेस हाई कमान एवं केन्द्र को केवल तेलंगना क्षेत्र के लोगों की आकांक्षाओं से अवगत कराने के लिए है। कांग्रेस पार्टी चाहे इस पर जो भी बयान दे, पर यह एक गंभीर राजनीतिक एवं संवैघानिक संकट का आगाज है।