Skip to main content

View Articles

केरल विधानसभा चुनाव में भारी मतदान

इसका फायदा किसे मिलेगा?
पी श्रीकुमारन - 2011-04-23 14:57 UTC
तिरुअनंतपुरमः पिछले 13 अप्रैल को हूए केरल विधानसभा के चुनाव में भारी मतदान हुए। मतदान का प्रतिशत 75 तब पहुंच गया, जो पिछले कई आमचुनावों की अपेक्षा बहुत ज्यादा है। सवाल उठाया जा रहा है कि इतने भारी मतदान का लाभ किस मोर्चे को मिलेगा?

हजारे बनाम सरकार: नागरिक समाज को है बढ़त प्राप्त

अमूल्य गांगुली - 2011-04-20 10:47 UTC
अन्ना हजारे का यह कहना कि यदि संसद ने तैयार किए जा रहे विधेयक को पारित करने से इनकार कर दिया, तो वे उसे स्वीकार कर लेंगे यह साबित करता है कि उन्होंने अपना रुख कुछ लचीला कर लिया है। इस तरह का बयान वे उस समय नहीं दे सकते थे, जब वे जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। अब उनका इस तरह का बयान इसलिए आ रहा है, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि कानून बनाना उतना सरल नहीं है, जितना वे पहले समझ रहे थे।

भ्रष्टाचार के मसले पर भाजपा का रुख समझौतावादी

उत्तरी राज्यों में पार्टी के अंदर भारी असंतोष
बी के चम - 2011-04-19 10:29 UTC
भाजपा को आखिर हो क्या रहा है? यदि देश भर की बात छोड़ भी दें, तो यह तो कहा ही जा सकता है कि उत्तर भारत के राज्यों में इसका बहुत ही बुरा हाल है। पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में पार्टी के अंदर जा कुछ चल रहा है, वह इसके भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। भ्रष्टाचार ने पार्टी को पंगु बना दिया है।

शुंगलू समिति की सिफारिशों से दिल्ली सरकार में हड़कंप

मुख्यमंत्री से लेकर उपराज्यपाल तक परेशान
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-04-18 11:38 UTC
नई दिल्लीः राष्ट्रमंडल खेलों मंे हजारों करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर निश्चिंत बैठे दिल्ली सरकार के लोगों में अब हड़कंप मच गया है। दिल्ली के लोगों को इस बात को लेकर आश्चर्य हो रहा था कि जिन परियोजनाओं में बड़े बड़े घोटाले हुए उनकी जांच की ही नहीं जा रही है और सारा का सारा दोष सुरेश कलमाड़ी के नेतृत्व वाली खेल आयोजन समिति के गले में डालकर मामला रफा दफा किया जा रहा है।

हसन अली की जांच की आंच लखनऊ पहुंची

मायावती की सरकार संकट में
प्रदीप कपूर - 2011-04-18 11:28 UTC
लखनऊः मायावती की सरकार संकट में फंसती दिख रही है, क्योंकि विपक्ष ने भ्रष्टाचार के मसले पर राज्य सरकार के ऊपर हमला एकाएक तेज कर दिया है।
भारत

हजारे के मसले पर कांग्रेसी नेता प्रधानमंत्री से खफा

नहीं रास आ रही है सोनिया राहुल की एनजीओ से दोस्ती
नोरा चोपड़ा - 2011-04-17 15:46 UTC
नई दिल्लीः कांग्रेस के अनेक नेताओं को इस बात का मलाल है कि अन्ना हजारे के मसले पर सरकार की ही नहीं, बल्कि पार्टी की भी फजीहत हुई है। उन्हें इस बात का क्षोभ है कि सरकार ने हजारे के आंदोलन के सामने आत्म समर्पण कर दिया। कांग्रेस के नेता आमतौर पर पार्टी के शीर्ष नेताआंे और प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं बोलते हैं, पर अब अनेक नेता खुलकर उनके खिलाफ बोलते दिखाई दे रहे हैं।

लोकपाल बिल के लिए संयुक्त पैनल: एक नई परंपरा की शुरुआत

कल्याणी शंकर - 2011-04-15 09:42 UTC
अन्ना हजारे की भूख हड़ताल ने वह कर दिखाया, जो पहले कभी नहीं हुआ था। पहली बार किसी बिल को बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने मंत्रियों के साथ नागरिक समाज के 5 सदस्यों को भी पैनल में शामिल किया है। ऐसा इसलिए हो सका कि केन्द्र सरकार अन्ना हजारे की भूख हड़ताल से डर गई थी। उन्होंने यह भूख हड़ताल वैसे समय में की, जब पूरा देश भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलित है।

अन्ना हजारे की सफलता से राजनेता बेचैन

क्या वे प्रभावी लोकपाल कानून बनने देंगे?
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-04-13 10:15 UTC
अन्ना हजारे के आमरण अनशन पर बैठने का फैसला रंग लाया और केन्द्र सरकार को उनकी शुरुआती मांगों के सामने झुकना पड़ा। जब वे अनशन पर थे, तो पूरे देश मंे तूफान मचा हुआ था। खुद अन्ना को उम्मीद नहीं थी कि उनके अनशन से पूरा देश उस तरह आंदोलित हो जाएगा और 4 दिनों के अंदर ही केन्द्र का सत्ता प्रतिष्ठान हिल जाएगा। पर उनकी इस शुरुआती सफलता से राजनैतिक दलों के नेताओं में बेचैनी भी छा गई है। उस बेचैनी का ही नतीजा है कि लोकपाल विधेयक तैयार करने के लिए बने पैनल के एक सदस्य कपिल सिबल बेसिर पैर की बातें कर रहे हैं कि लोकपाल कानून से गरीब बच्चों को शिक्षा नहीं मिल जाएगी और गरीब मरीजों का अस्पतालों में मुफ्त इलाज नहीं हो जाएगी।
भारत

केरल विधानसभा चुनाव में कांटे की टक्कर

पी श्रीकुमारन - 2011-04-12 10:17 UTC
तिरुअनंतपुरमः 13 अप्रैल को हो रहे मतदान में दक्षिण भारत के इस राज्य में कांटे की टक्कर हो रही है और यह कहना मुश्किल है कि जीत किस मोर्चे की होगी। पिछले अनेक चुनावों में टक्कर सीपीएम के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मार्चे के बीच होती रही है। बारी बारी से दोनों जीतते रहे हैं। इस परंपरा के लिहाज से इस बार जीत कांग्रेस के नेतृत्व वाले मोर्चे की होनी चाहिए। 2009 में हुए लोकसभा चुनाव और 2010 में हुए स्थानीय निकायों के चुनाव में भी जीत कांग्रेसी मोर्चे की ही हुई थी। इसके कारण भी कांग्रेस के नेतृत्व वाले मोर्चे की जीत पक्की मानी जा रही थी।

सपा नेता अखिलेश यादव की हजारे से अपील

वे करें माया सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व
प्रदीप कपूर - 2011-04-12 10:12 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी चाहती है कि उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व अन्ना हजारे करें।


Collapse/expand modules below