नकली भारतीय मुद्रा की बढ़ती संख्या से अर्थव्यवस्था के अस्थिर होने का खतरा
बांग्लादेश और पाकिस्तान से नकली नोटों के प्रवेश का प्रमुख केंद्र पूर्वी भारत
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2024-12-03 10:51 UTC
यह गंभीर चिंता का विषय है कि महात्मा गांधी (नई) श्रृंखला के 500 रुपये के नकली नोटों की संख्या 2018-19 और 2023-24 के बीच लगभग चार गुना, और 2020-21 से 2,000 रुपये के नकली नोटों की तीन गुना हो गयी है। ध्यान रहे कि 2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने हुए हैं और इन्हें रिजर्व बैंक के कार्यालयों में बदला जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 में 2000 के मुद्रा नोटों को वापस लेने के कदम के बाद से इनमें से 98 प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं। लेकिन 500 और 200 रुपये के नकली नोटों का तेजी से बढ़ता प्रचलन चिंता का विषय बन गया है। 500 रुपये के नोट रोजमर्रा के लेन-देन की रीढ़ बन गये हैं और पिछले कुछ सालों में इसके प्रचलन में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। सरकार और रिजर्व बैंक दोनों ही इस बात से चिंतित हैं। पिछले हफ्ते केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने देश में नकली नोटों के बढ़ते प्रचलन को लेकर लोकसभा में चिंता जताई थी।