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जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव घाटी में लोकतंत्र की बड़ी परीक्षा होगी

इंडिया ब्लॉक पार्टियों को एक स्थिर सरकार देने के लिए हाथ मिलाना चाहिए
कल्याणी शंकर - 2024-08-20 10:45 UTC
जम्मू और कश्मीर में 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे, जिसमें 90 विधायकों का चुनाव होगा। अगस्त 2019 में भारत के संविधान की धारा 370 के निरस्त होने और राज्य के विभाजन के बाद यह पहला चुनाव होगा।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव मोदी सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा

शांतिपूर्ण मतदान और मतदाताओं की अच्छी भागीदारी सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण
सुशील कुट्टी - 2024-08-19 11:08 UTC
जम्मू-कश्मीर में आदर्श आचार संहिता लागू है। साथ ही भारत के संविधान की धारा 370 भी निरस्त है। फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को कोई शिकायत नहीं है। दोनों खुश हैं कि आखिरकार 90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने 16 अगस्त को नई दिल्ली में इस फैसले की घोषणा की और श्रीनगर में इसके असर को महसूस किया गया।

बांग्लादेश अभी भी अस्थिर, कोई स्पष्ट राजनीतिक दिशा नहीं दिख रही

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा यूनुस सरकार का प्राथमिक कार्य होना चाहिए
नित्य चक्रवर्ती - 2024-08-17 11:07 UTC
पांच अगस्त को बांग्लादेश में शेख हसीना को सत्ता से हटाये जाने, जिसके लिए छात्रों और अन्य विपक्षी दलों द्वारा उनके नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के 15 साल के शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विद्रोह किया, के बाद उनके पतन के कारणों और उनके सत्ता से हटने में योगदान देने वाले संभावित कारकों के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है। अब हम उन विभिन्न घटनाओं पर नज़र डाल सकते हैं जो अंतरिम सरकार द्वारा आम चुनाव आयोजित किये जाने तक उभर सकती हैं।

अडानी के खिलाफ अभियान को भारत पर हमला बताकर भाजपा ने किया खुद को बेनकाब

मोदी सरकार द्वारा कॉरपोरेट को लोगों से ऊपर रखने का राहुल गांधी का आरोप सही निकला
के. रवींद्रन - 2024-08-16 10:58 UTC
यह कहकर कि अडानी समूह के खिलाफ कथित हिंडनबर्ग हमला भारत के खिलाफ हमला है, केन्द्र में सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने अनजाने में ही सही, मोदी सरकार पर समूह के प्रभाव को प्रकारान्तर से स्वीकार कर ही लिया। यह दावा न केवल अडानी के प्रभाव को रेखांकित करता है, बल्कि राहुल गांधी की लगातार आलोचना को भी सही साबित करता है कि मोदी प्रशासन आम भारतीयों के कल्याण से ज्यादा अडानी और अंबानी जैसे कॉरपोरेट दिग्गजों के हितों को प्राथमिकता देता है।

जुलाई में मुद्रास्फीति की बहुत कम दर के सरकारी आंकड़ों पर प्रश्नचिह्न

खरीदारों के दैनिक अनुभव के अनुरूप नहीं हैं खाद्य कीमतों के आंकड़े
अंजन रॉय - 2024-08-14 10:40 UTC
केंद्र सरकार द्वारा सोमवार को जारी किये गये नवीनतम मुद्रास्फीति के आंकड़ों से पता चलता है कि 2019 के बाद से कीमतों में सबसे कम वृद्धि हुई है। यह अच्छी खबर है। लेकिन यह कई सवाल भी खड़े करता है। अंतिम आंकड़े जुलाई 2024 में कुल मुद्रास्फीति दर 3.54 प्रतिशत दर्शाते हैं, जो जून में 5.1 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर से बहुत कम है।

नरेंद्र मोदी सरकार को बांग्लादेश के साथ व्यवहार में सावधानी बरतनी होगी

यह भारत के हित में है कि कम से कम समय में सामान्य स्थिति बहाल हो
कल्याणी शंकर - 2024-08-13 11:00 UTC
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 5 अगस्त को अचानक अपना देश छोड़ दिया, जिससे उनके देश और दक्षिण एशिया क्षेत्र में तत्काल चिंता पैदा हो गयी।

सिसोदिया की जमानत से उभरा लाखों विचाराधीन कैदियों के अधिकारों के हनन का सवाल

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका के तौर-तरीके से तंग आ चुके हैं लोग
के रवींद्रन - 2024-08-12 10:37 UTC
जब भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ कहते हैं कि लोग हमारी अदालतों के काम करने के तरीके से तंग आ चुके हैं, तो न्यायिक प्रणाली पर इससे अधिक गंभीर आरोप और क्या हो सकता है! उनका यह दावा कि न्यायपालिका को केवल न्यायाधीशों द्वारा न्यायाधीशों के लिए संचालित होने वाली संस्था नहीं होना चाहिए, एक महत्वपूर्ण आलोचना है जो भारत के कानूनी ढांचे के भीतर प्रणालीगत मुद्दों को रेखांकित करती है।

फिर वही रोजगारविहीन विकास की रणनीति पर नरेंद्र मोदी सरकार

2024-25 के बजट में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने का सुनहरा मौका चूक गया
डॉ युगल रायलू - 2024-08-10 10:36 UTC
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के बारे में कई बातें सामने आयी हैं, जिनमें से एक प्रमुख है वर्तमान में अपनायी जा रही रोजगार विहीन विकास की रणनीति जिसके कारण बेरोजगारी की ऊंची दर को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

यूं हुई भारत छोड़ो आंदोलन की शुरूआत

लोगों में हुआ एक अद्भुत साहस का उदय
एल.एस. हरदेनिया - 2024-08-09 10:47 UTC
आज की तारीख अर्थात् 9 अगस्त को गाँधी जी ने अंग्रेजी साम्राज्य से कहा था कि भारत छोड़ो। यह तारीख वर्ष 1942 की है। यद्यपि गाँधी जी ने उनसे भारत छोड़ने की कोई तारीख तय नहीं की थी परंतु उनसे यह अपेक्षा की थी कि वे शीघ्र भारत को आज़ाद कर दें। 9 अगस्त भारत छोड़ो आंदोलन की तिथि ब्रिटिश शासन ने लगभग स्वयं तय कर दी थी।

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में संशोधन पर देश विभाजित

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को सभी हितधारकों और पार्टियों से परामर्श करना चाहिए
असद मिर्जा - 2024-08-09 10:32 UTC
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करने के कदम की धर्मनिरपेक्ष पार्टियों और मुस्लिम संगठनों दोनों ने कड़ी आलोचना की है। लेकिन यह इस तथ्य को भी उजागर करता है कि तथाकथित मुस्लिम नेता खुद अपने घर को सही करने के लिए तैयार नहीं हैं। कई राज्यों के वक्फ बोर्डों में कथित अनियमितताओं का फायदा उठाते हुए, सरकार ने इन नेताओं को देश की राजनीति में उनकी जगह दिखाने के लिए यह कदम उठाया है, इससे पहले ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर उन्हें कड़ी फटकार लगायी गयी थी।