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असम में कांग्रेस और एआईयूडीएफ सीट बंटवारे के लिए उत्सुक

प्रताड़ित अल्पसंख्यक सत्तारूढ़ भाजपा को बड़ा सबक सिखाने के लिए कृतसंकल्प
आशीष विश्वास - 2024-01-13 15:29 UTC
पूरे भारत में अभी लोकसभा चुनाव से पहले प्रचार शुरू होना बाकी है, परन्तु असम में विभाजनकारी धार्मिक ध्रुवीकरण पहले ही अप्रत्याशित स्तर पर पहुंच गया है। प्रारंभ में राज्य के मुख्यमंत्री श्री हिमंत विश्व शर्मा ने अपने सार्वजनिक भाषणों में आक्रामक रूप से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हिंदुत्व एजेंडे की घोषणा करते हुए इसकी गति निर्धारित की।

चार शीर्ष हिंदू प्रमुखों ने कहा राम मंदिर का उद्घाटन राजनीति प्रेरित

धार्मिक रीति-रिवाजों और शास्त्रीय नियमों का भी नहीं हो रहा पालन
अरुण श्रीवास्तव - 2024-01-12 11:24 UTC
हिंदू-मुसलमानों के बीच सामाजिक संबंध तोड़ने की योजना पर काम कर रहे आरएसएस और भाजपा के नेताओं की 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की योजना पर हिंदुओं में सनातन विचारधारा को मानने वालों तथा भाजपा की राजनीतिक लाइन पर चलने वाले भक्तों के बीच मतभेद पैदा हो गया है।

कांग्रेस-वाम को सीटों के बंटावारे से कुछ राज्यों में लाभ संभव

सीपीआई और सीपीआई (एम) दोनों की बढ़ सकती हैं सीटें
नित्य चक्रवर्ती - 2024-01-11 11:49 UTC
इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत जोर-शोर से शुरू हो गयी है। कांग्रेस आलाकमान ने अंततः प्रत्येक राज्य में राजनीतिक स्थिति की बारीकियों को ध्यान में रखते हुए भारत के साझेदारों के बीच समझौतों को शीघ्र पूरा करने की आवश्यकता को समझा है। यह एक स्वागत योग्य घटनाक्रम है।

दक्षिण भारत पर नरेंद्र मोदी का जोर, पर लोकसभा चुनाव में लाभ नहीं मिलेगा

अभी भी इस क्षेत्र की सामान्य संस्कृति से एकीकृत नहीं है भगवा पार्टी
कल्याणी शंकर - 2024-01-10 10:32 UTC
क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारी लोकप्रियता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दक्षिणी राज्यों में चुनावी सफलता हासिल करने में मदद कर सकती है? पार्टी चुनौतीपूर्ण दक्षिणी क्षेत्र में अधिक मत हासिल करने की कोशिश कर रही है। तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में इसकी उपस्थिति सीमित है। चूँकि यह पहले से ही उत्तरी राज्यों में चरम पर है, इसलिए भाजपा को दक्षिण में अधिक सीटें सुरक्षित करने की आवश्यकता है।

भारत के ऋण को नियंत्रित करने की आवश्यकता

राज्य सरकारों के बढ़ते ऋण भी चिंता का विषय
नन्तू बनर्जी - 2024-01-09 10:26 UTC
भारत के वर्तमान सामान्य सरकारी ऋण के बारे में तुरंत घबराहट की आवश्यकता नहीं है, परन्तु अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की चेतावनी कि यह मध्यम अवधि में या 2028 तक देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 100 प्रतिशत से अधिक हो सकता है, चिंता का विषय है। आईएमएफ ने कहा है कि दीर्घकालिक जोखिम अधिक हैं और उसने "वित्तपोषण के नये और अधिमानतः रियायती स्रोतों" की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्राण-प्रतिष्ठा से पहले राम मंदिर: बने हुए हैं दिल, दिमाग, डर और एहसान के मुद्दे

अयोध्या फैसले पर मुख्य न्यायाधीश की अंतर्दृष्टि में छिपी है समस्या की अथाह गहराई
के रवीन्द्रन - 2024-01-08 10:04 UTC
माना जाता है कि प्रत्येक अदालत का फैसला 'भय या पक्षपात' और 'स्नेह या द्वेष' के बिना दिया जाता है, लेकिन भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ द्वारा अयोध्या राम मंदिर भूमि फैसले पर प्रदान की गयी अंतर्दृष्टि से पता चलता है कि कैसे कुछ अस्वीकृत प्रवृत्तियाँ राम मंदिर मामले के अंतिम निर्णय में भी प्रविष्ट हो गयीं। राम मंदिर के अभिषेक में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में भाजपा को छोड़कर हर राजनीतिक दल को इसी दुविधा से जूझना पड़ रहा है।

पाकिस्तान में चुनाव से पहले आतंकवादी हमलों में वृद्धि की संभावना

2023 में देश में हुए घातक हमलों में 70 प्रतिशत की वृद्धि
गिरीश लिंगन्ना - 2024-01-06 07:40 UTC
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में पाकिस्तान में हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। देश में हमलों की संख्या में लगभग 70% की वृद्धि देखी गयी। इन घटनाओं से होने वाली मौतों की संख्या में लगभग 81% की वृद्धि हुई, जबकि घायलों की संख्या में 62% की वृद्धि हुई।

ईवीएम को लेकर फिर उठी चिंता, डाले गये वोटों का मिलान वीवीपैट से होना चाहिए

छेड़छाड़ रोधी नई ईवीएम मशीनों से संदिग्ध पुरानी मशीनों को बदलना होगा
डॉ. ज्ञान पाठक - 2024-01-05 10:31 UTC
ईवीएम को लेकर चिंताएं फिर से सामने आ गयी हैं, क्योंकि पुरानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) अभी भी बड़ी संख्या में उपयोग में हैं, नयी ईवीएम जो वोटर वेरिफाएबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) पेपर रिकॉर्ड के साथ आते हैं, पर्याप्त और व्यापक रूप से इस्तेमाल में नहीं हैं, और यहां तक कि सभी वीवीपैट भी गिनकर डाले गये मतों से मिलान नहीं किये जाते। इसलिए छेड़छाड़ और भेद्यता से इंकार नहीं किया जा सकता है, और कुछ समय पहले भी एक शोध पत्र में लोकसभा चुनाव परिणाम 2019 में "अनियमित पैटर्न" पाया गया था।

अडानी मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से विरोधियों में नहीं जगा विश्वास

लीपापोती में शामिल संस्थानों को ही निर्णय करने का काम भी सौंपा गया
के रवीन्द्रन - 2024-01-04 10:56 UTC
अडानी समूह के खिलाफ आरोपों की सेबी जांच की पर्याप्तता के विरूद्ध बहुप्रतीक्षित याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला न तो ठोस है और न ही निर्णायक। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने बाजार के नियामक को अपनी जांच पूरी करने के लिए और तीन महीने का समय दिया है। अदालत ने संक्षेप में गेंद सरकार के पाले में डाल दी है, जिसे मोटे तौर पर कुख्यात कवर-अप में रुचि रखने वाली पार्टी माना जाता है। यदि सेबी इतने महीनों में जांच पूरी नहीं कर सकता है तो जाहिर तौर पर वह इस कार्य में लगा हुआ है, तो ऐसा कोई रास्ता नहीं है कि वह इसे तीन महीने में पूरा कर सके। इसलिए, समय का विस्तार इसमें काम नहीं आयेगा।

विश्व अर्थव्यवस्था में और अधिक उथल-पुथल का गवाह बन सकता है 2024

विकास की संभावनाओं पर अमेरिका और चीन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी
अंजन रॉय - 2024-01-03 10:10 UTC
आर्थिक पूर्वानुमान हमेशा खतरनाक होता है। वर्तमान परिदृश्य में तो यह और भी अधिक प्रासंगिक है। भविष्य को लेकर हमेशा कई तरह की अनिश्चितताएं बनी रहती हैं। लेकिन वर्तमान में ये विविध हैं। वास्तव में कोई नहीं जानता, जिसमें नाटककार भी शामिल है, अगले सप्ताह में क्या होगा, आने वाले वर्ष की तो बात ही छोड़ दें।
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