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हमास-इजराइल युद्ध पर पीएम मोदी की एकतरफा प्रतिक्रिया अशुभ संकेत

जल्दबाजी भरा बायान बढ़ा सकता है पश्चिम एशिया, अधिकांश वैश्विक दक्षिण, की परेशानी
नित्य चक्रवर्ती - 2023-10-11 11:40 UTC
यह अब फ़िलिस्तीनी उग्रवादियों और इज़राइल के बीच एक पूर्ण युद्ध है। पिछले पांच दिनों में करीब दो हजार लोगों की मौत हो चुकी है। सभी संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि एक तरफ हमास के मित्रवत अन्य उग्रवादी शामिल हैं और दूसरी तरफ अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा घोर दक्षिणपंथी नेतान्याहू शासन को बड़ी सहायता दी जा रही है। अभी तक संयुक्त राष्ट्र समेत किसी भी विश्व संस्था ने शत्रुता ख़त्म करने की बात नहीं की है। ऐसा लगता है कि हमास और इज़राइल दोनों ही अंत तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जाति जनगणना इंडिया घटक का भाजपा के खिलाफ मुख्य हथियार

लोकसभा चुनाव में इससे निपटने के प्रति प्रधानमंत्री वास्तविक दुविधा में
कल्याणी शंकर - 2023-10-10 12:20 UTC
क्या भारत को जाति जनगणना की आवश्यकता है? यदि इसे राष्ट्रीय स्तर पर कराया जाता है, तो यह क्या परिणाम लायेगा - सकारात्मक या नकारात्मक? इस मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है। संभावित लाभ या कमियों पर अलग-अलग राय के कारण यह मुद्दा विवादास्पद है।

'कानून अपना काम कर रहा है' के सरकारी दावे पर सवाल उठाने लगे हैं न्यायालय

जांच एजेंसियां कानून और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में 'चयनात्मक' नहीं हो सकतीं
के रवीन्द्रन - 2023-10-09 12:08 UTC
अदालतें यह स्पष्ट कर रही हैं कि जिस तरह से केंद्रीय एजेंसियां अपने पीड़ितों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, उससे वे प्रभावित नहीं हैं। अदालतों की टिप्पणियों में तीखेपन को देखते हुए, ऐसा लगता है कि वह दिन दूर नहीं होगा जब कानून जिस चुनिंदा तरीके से काम कर रहा है, और जैसा कि सत्तारूढ़ दल के राजनेता दावा करते हैं कि कानून अपने रास्ते पर काम कर रहा है, पर अदालतें सवाल उठायेंगी।

तेलंगाना अभियान में पीएम मोदी बनाम राहुल गांधी की लड़ाई दिलचस्प

क्या नरेंद्र मोदी उत्तर के विरुद्ध दक्षिण की भावनाओं को शांत कर सकते हैं?
सुशील कुट्टी - 2023-10-07 12:07 UTC
'दक्षिण' वैसा नहीं है जैसा 'उत्तर' है, और यह राजनीतिक अहसास उतना ही पुराना है जितना स्वतंत्र भारत। लेकिन, यह पहली बार था जब भारत के किसी प्रधान मंत्री ने 'दक्षिण' को यह याद दिलाने की जहमत उठायी कि वह 'उत्तर' की तुलना में स्थायी नुकसान में है। लोगों ने ऐसे दुखदायी और अपमानजनक वचन सुने, लेकिन तब कोई और नहीं बल्कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मुंह से सुना, यह भी कि आगे क्या होने वाला है। प्रधानमंत्री तेलंगाना में एक रैली में मतदाताओं को सम्बोधितकर रहे थे, जहां हाल के हफ्तों में राहुल गांधी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और यहां तक कि सोनिया गांधी तक राजनेता बड़े-बड़े बयान दे रहे हैं।

केन्द्र की नीतियां तेजी से बढ़ा रही हैं आम लोगों के लिए आर्थिक संकट

भयाक्रांत सरकारी कर्मचारी भी कर रहे हैं पुरानी पेंशन योजना की मांग
सीताराम येचुरी - 2023-10-06 11:29 UTC
पिछले रविवार को लाखों की संख्या में केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर राजधानी नई दिल्ली में जुटे। इस विशाल रैली की खबर मीडिया में महजएक घटना के रूप में वर्णित करने तक ही सीमित थी, जो हमारे देश में व्याप्त गहरी आर्थिक अस्वस्थता को छिपाने का काम ही कर रही थी।

न्यूज़क्लिक पर छापेमारी स्वतंत्र मीडिया को डराने-धमकाने की नीति का हिस्सा

दिल्ली उच्च न्यायालय में पीएमएलए से बचने के लिए किया गया यूएपीए का इस्तेमाल
के रवीन्द्रन - 2023-10-05 11:58 UTC
न्यूज़क्लिक में पत्रकारों के खिलाफ आतंकवादी कानूनों का उपयोग नरेंद्र मोदी सरकार के इस इरादे को बहुत स्पष्ट करता है: स्वतंत्र मीडिया संगठनों को आतंकित करना जो देश में हावीगोदी मीडिया परिदृश्यसे अलग स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से काम करते हैं। जैसा की प्रतीत होता है, सरकार को महसूस करती है कि जो थोड़े से स्वतंत्र मीडिया संगठन उसके प्रभाव के दायरे से बाहर हैं, उन्हें भी काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, विशेषकर ऐसे समय में जब जाति जनगणना और सामाजिक न्याय के पुन: दावे के साथ-साथ इंडिया गठबंधन के तहत एकीकृत विपक्ष के उद्भव ने उसके लिए नयेखतरे उपस्थित कर दिये हैं, और आगामी चुनावों के लिहाज से केन्द्र की भाजपा सरकार लगातार कमजोर होती दिख रही है।

भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है चुनावी बांड पर निर्णय में देरी

भाजपा की वित्तीय ताकत के कारण देश के चुनावों में समान अवसर नहीं
नित्य चक्रवर्ती - 2023-10-04 11:51 UTC
एक बार फिर भारत सरकार ने 4 अक्तूबर से दस दिनों तक चलने वाले चुनावी बांड की 28वीं किश्त की बिक्री को मंजूरी दे दी है और हमेशा की तरह ऐसाठीक चुनावों के पहले किया जा रहा है जब पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कुछ हफ्ते ही रह गये हैं। इस बार भी भाजपा को अपने चुनाव अभियान में एक और बड़ा इनाम मिलेगा क्योंकि लगभग 80 से 90प्रतिशत धन सत्तारूढ़ पार्टी को जाता है। केंद्र शर्मनाक तरीके से मौजूदा चुनावी बांड नियमों को अन्य विपक्षी दलों की कीमत पर भाजपा के पक्ष में इस्तेमाल करने की इजाजत दे रहा है लेकिन फिर भी सुप्रीम कोर्ट अब भी उस याचिका पर सुनवाई में देरी कर रहा है जो लंबे समय से लंबित है।

मायावती ने शुरू किया बड़ा अभियान, किसी गठबंधन से कोई संबंध नहीं

भाजपा और कांग्रेस उन्हें लुभाने की कोशिश में, आखिरी मिनट में बदलाव की उम्मीद
प्रदीप कपूर - 2023-10-03 11:52 UTC
लखनऊ: पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष, मायावती ने अब लोक सभा चुनाव 2024 के लिए उत्तर प्रदेश में एक बड़ा अभियान शुरू किया है, यह स्पष्ट करने के बाद कि वह किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होंगी। आजकल वह जमीनी स्तर पर अपनी पार्टी को मजबूत करने में व्यस्त हैं।

स्वामीनाथन ने भारत को खाद्यान्न मांगने वाले देश से निर्यातक देश में बदल दिया

गरीबों की खाद्य सुरक्षा की गारंटी के लिए समर्पित था उनका 98 वर्ष का जीवन
तीर्थंकर मित्र - 2023-10-01 02:57 UTC
हरे रंग को ईर्ष्या का रंग कहा जाता है, लेकिन हरित क्रांति के वास्तुकार मनकोम्बु संबाशिवम स्वामीनाथन के लिए यह जीवन का रंग था, जिसने भारत की छवि को भीख मांगने के कटोरे से अन्न भरी टोकरी में बदल दिया। एम एस स्वामीनाथन के मन में जीवन पर्यन्तआखिरी सांस तक यह धारणा बनी रही कि भूख गरीबी का सबसे खराब रूप है।

संसद में बिधूड़ी का नफरत भरा भाषण भाजपा सदस्यों की मानसिकता का प्रतिबिंब

सदस्य के खिलाफ कार्रवाई करने में विफलता ने किया संस्थान को अपमानित
पी.सुधीर - 2023-09-29 11:53 UTC
मुसलमानों के खिलाफ घृणास्पद भाषण, जो समाज में व्याप्त हो गया है, अब संसद पर भी प्रवेश कर चुका है। नये संसद भवन में आयोजित विशेष सत्र के आखिरी दिन, दिल्ली से भाजपा संसद सदस्य रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली, जो कि बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं, के खिलाफ लोक सभा में बेहद गंदे और भद्दे मुस्लिम विरोधी विशेषणों का इस्तेमाल किया। बिधूड़ी द्वारा बार-बार दानिश अली को निशाना बनाते हुए 'मुल्ला आतंकवादी' और इससे बदतर शब्द कहे गये जो संसद में पहले कभी नहीं सुने गये थे। ऐसी आपत्तिजनक बातें कहते हुए बिधूड़ी के वीडियो को देश भर में हजारों लोगों ने देखा, जिससे व्यापक निराशा और आक्रोश फैल गया है।
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