कल्याण के लिए श्रीमद्भगवद्गीता कैसे पढ़ें
- 2021-11-01 18:19 UTCश्रीमद्भगवद्गीता के अट्ठारहवें अध्याय के संहारक्रम से तीसरे श्लोक तथा सृष्टिक्रम से 76वें श्लोक में संजय ने कहा - केशव तथा अर्जुन के इस पुण्य और अद्भुत संवाद को सुनकर मैं बारम्बार हर्षित हो रहा हूं। संजय ने इसे पुण्य क्यों कहा? क्योंकि यह कल्याणकारी है। संवाद के समय तीन बार अर्जुन ने श्रीकृष्ण से पूछा - जिसमें मेरा कल्याण हो वह सुनिश्चित कर मुझे बताइये क्योंकि अनेक तरह की बातों से मैं भ्रमित हो गया हूं।