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केंद्र सत्तारूढ़ राज्य सरकारों की शक्तियों को हड़प नहीं सकता

दिल्ली पर सुप्रीम कोर्ट का सर्वसम्मत फैसला लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण
डॉ. ज्ञान पाठक - 2023-05-12 11:30 UTC
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की निर्वाचित सरकार और राज्य की शक्तियों को हड़पने के केंद्र के कदमों के बीच दिल्ली में सत्ता संघर्ष पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पांच-न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ द्वारा 11 मई को दिया गया सर्वसम्मत फैसला देश के लिए महत्वपूर्ण है, विशेषकर इसलिए कि केंद्र की मोदी सरकार पर राज्यों की शक्तियों का अतिक्रमण कर देश के संवैधानिक संघवाद को नष्ट करने का आरोप लगाया गया है।

शांति, सद्भाव और स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा ला रही कट्टरता

नफरत से विभाजित हो रहा समाज, टूट रही एकता, विभक्त हो रहा राष्ट्र
डॉ. अरुण मित्रा - 2023-05-11 13:08 UTC
12 अप्रैल 2023 के नव भारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, एक पोस्ट का जिक्र है जिसमें एक बच्चे की मां ने जिक्र किया था कि उसकी बेटी आज रोते हुए घर आयी और मुझसे पूछा कि 'क्या हम मुसलमान इतने गंदे हैं'?6 वींकक्षा में उसके सहपाठी ने उस समय उसके चेहरे पर थूक दिया था, जब उसने कहा कि वह मुस्लिम है।यह बहुत चिंता का विषय है और कुछ घरों में लगातार जो चर्चा हो रही है और बच्चों के दिमाग में बैठायी जा रही है, उसका प्रतिबिंब है।

मणिपुर हिंसा के लिए आरएसएस की नीति और भाजपा की आंतरिक प्रतिद्वंद्विता जिम्मेदार

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह समय पर कार्रवाई करने में विफल रहे
अरुण श्रीवास्तव - 2023-05-10 13:08 UTC
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने दो समुदायों मेइती और कुकी के बीच मतभेदों को हल करने के लिए अपनी नैतिक जवाबदेही से किनारा कर लिया, और इसके बजाय बहुसंख्यक मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजातियों में शामिल करने के मुद्दे पर "समाज के दो वर्गों के बीच मौजूदा गलतफहमी" को वर्तमान नरसंहार के लिए दोषी ठहराया, जिसमें अब तक कम से कम 80 लोग मारे जा चुके हैं।

केन्द्र जम्मू-कश्मीर में लिथियम खनन की नीलामी के लिए बेकरार

निजी कंपनियों के मुकाबले सार्वजनिक उपक्रम बेहतर विकल्प होंगे
नन्तु बनर्जी - 2023-05-09 11:39 UTC
यह समझना मुश्किल है कि सरकार जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में हाल ही में खोजे गयेलिथियम के बड़े भंडार को चालू वर्ष के खतम होने से पहले ही निजी कंपनियों को नीलाम करने की इतनी हड़बड़ी में क्यों है।केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा है कि मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के प्रशासन को लिखा है कि वह निजी कंपनियों को लिथियमनीलामी के लेनदेन के लिए जल्द ही सलाहकार नियुक्त करे।

कर्नाटक चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में भाजपा का फोकस हिंदुत्व पर

भगवा पार्टी को बचाने के लिए हुआ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विशाल रोड शो
अरुण कुमार श्रीवास्तव - 2023-05-08 10:43 UTC
पिछली बार जब कर्नाटक में 2018 में चुनाव हुए थे, तो उस चुनाव ने 224 सदस्यीय विधानसभा में 104 सीटों पर को जीत दिलाकर जनता ने भाजपा को खंडित जनादेश दिया था।हालांकि, भाजपा को 113 का जादुई आंकड़ा नहीं मिल सका और तमाम पैंतरेबाज़ी के बावजूद वह सत्ता से बाहर रही। यह अलग बात है कि उसने दावा किया कि वह इसमें शामिल नहीं हुई।

भारत में कृषि और खाद्य के लिए अब महत्वपूर्ण है उच्च बजट

यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक भोजन की कमी से देश सचेत हो जाये
के आर सुधामन - 2023-05-06 11:58 UTC
महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक घटनाक्रम की वर्तमान पृष्ठभूमि में कृषि और भोजन अब फिर से केंद्रीय मुद्दा बन गया है।रूसी-यूक्रेन संघर्ष केकारण उन दो युद्धरत देशों से गेहूं के आयात पर निर्भर देशों के सामने भोजन की कमी के बाद इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक हो गया है।

आरएसएस की सोच पर आधारित झूठ और कपट से भरी है फिल्म 'केरल स्टोरी'

कोई प्रतिबंध नहीं, लेकिन लोग वास्तविक तथ्य और राज्य की सच्चाई भी जानें
विनय विश्वम - 2023-05-05 12:18 UTC
दिन-ब-दिन आरएसएस परिवार फासीवादी प्रचार के कौशल में खुद को उत्कृष्ट बनाता जा रहा है।मुसोलिनी और हिटलर से सबक सीखते हुए, बदलते समय और जगह अनुकूल उन्हें परिष्कृत करते हुए, वे कभी-कभी अपने आकाओं को भी मात दे देते हैं।

भाजपा और कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्रों से प्रभावित नहीं हैं कर्नाटक के मतदाता

चुनाव से पहले बड़े-बड़े वायदों से तंग आ चुके हैं नागरिक
सुशील कुट्टी - 2023-05-04 11:33 UTC
चुनावी घोषणापत्र धूल खा रहे हैं। आशय का कथन शायद अनुवाद में खो गया है, पर बोलना जरूरी है। अधिकतर मतदाताओं,जिन्हें चुनावी घोषणापत्रों पर विश्वास नहीं होता, को विश्वास करने के लिए कहा जाता है। भाजपा ने सबसे पहले कर्नाटक चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। कांग्रेस ने 2 मई को यह एहसान वापस किया। दोनों एक-दूसरे के खिलाफ कैसे पिल पड़े हैं?

मोदी सरकार की दोषपूर्ण नीतियों के कारण सिकुड़ता भारतीय मध्यम वर्ग

पिछले छह वर्षों में नीचे के 20 प्रतिशत लोगों की आय 20 प्रतिशत घटी
डॉ. नीलांजन बनिक - 2023-05-03 11:48 UTC
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष द्वारा प्रकाशित स्टेट ऑफ़वर्ल्डपॉपुलेशन रिपोर्ट के अनुसार, भारत 2023 की गर्मियों में दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जायेगा। इस समय चीन की तुलना में भारत में युवा श्रम बल अधिक है, जो एक वरदान भी हो सकता है और अभिशाप भी क्योंकि श्रम राष्ट्रीय आय (जीडीपी) में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण घटक है। यदि मजदूर उत्पादक हैं, तो उनकी आय और अर्थव्यवस्था बढ़ती है।

2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 160 सीटों पर समेटना संभव

विपक्ष को अपनानी होगी एक लचीली रणनीति, काम न आयेगा बाध्यकारी नियम
नित्य चक्रवर्ती - 2023-05-02 11:42 UTC
2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान शुरू होने में एक साल से भी कम समय बचा है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कांग्रेस सहित बड़ी संख्या में पार्टियों के साथ विपक्षी एकता बनाने की सकारात्मक बातचीत के बाद, अब इस साल जून में होने वाली भाजपा विरोधी पार्टियों की अगली बैठक पर ध्यान केंद्रित हो गया है।
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