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अधिसंख्य लोकसभा सीटों पर इंडिया साझेदारों के बीच समझौता संभव

कांग्रेस को जमीनी हकीकत के आधार पर कार्य करना होगा
नित्य चक्रवर्ती - 2023-07-26 15:26 UTC
विपक्षी दलों के बेंगलुरु सम्मेलन के आयोजन को लगभग एक सप्ताह बीत चुका है, जिसने 26 भाजपा विरोधी दलों वाले नये मोर्चे इंडिया को जन्म दिया। 18 जुलाई के बाद के दिनों में, मीडिया और भाजपा नेताओं दोनों का ध्यान घटक दलों की अलग-अलग प्रकृति पर रहा है और इसपर भी कि 2024 में होने वाले आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा और विस्तारित एनडीए को एकजुट होकर हराने के लिए भागीदारों के बीच सीट बंटवारे को सफल बनाना कितना मुश्किल है।जाहिर तौर पर ऐसा लग सकता है कि इन दलों को एक स्वीकार्य सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर सहमत करना बेहद मुश्किल काम है, लेकिन अगर एक राज्य से दूसरे राज्य की राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण किया जाये, तो यह स्पष्ट हो जायेगा कि यह समस्या 543 सीटों मेंसे केवल 150 सीटों तक ही सीमित होगी।लगभग 400 सीटों पर, सामान्य पैटर्न पहले से ही लागू है और व्यवस्था पर निर्णय लेने के लिए इसे थोड़ा ही ठीक करने की आवश्यकता होगी।

विश्वसनीय नहीं रह गये भारत के मूल्य सूचकांक

मनमर्जी बदले जाते हैं सूचकांक आधार वर्ष और वस्तुओं की टोकरियाँ
नन्तु बनर्जी - 2023-07-25 15:48 UTC
यह केवल भारत में ही हो सकता है जब थोक कीमतें बढ़ेंगी और खुदरा कीमतें तेजी से गिरेंगी।या, जब उपभोक्ता कीमतें बढ़ती हैं, तो थोक कीमतें बहुत नीचे गिर जाती हैं।आमतौर पर, वे कुछ हद तक बेतुके लग सकते हैं, लेकिन भारत सरकार द्वारा संचालित मूल्य सूचकांकों जैसे कि थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के तहत उपलब्ध कराये गये आंकड़ों से अक्सर इन्हें सच माना जाता है। उदाहरण के लिए, मार्च 2022 में सरकार द्वारा जारी किये गये आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में देश में थोक मुद्रास्फीति (डब्ल्यूपीआई) बढ़कर 13.11 प्रतिशत हो गयी, जबकि खुदरा मुद्रास्फीति (सीपीआई) उस महीने 6.07 प्रतिशत तक कम हो गयी थी।

2023 के अंत तक लोक सभा चुनाव संभव, तैयार रहे विपक्षी मोर्चा

मोदी-शाह दूसरी भारत जोड़ो यात्रा की सफलता तक इंतजार शायद न करें
नित्य चक्रवर्ती - 2023-07-24 14:57 UTC
भाजपा के करीबी थिंक-टैंकों के संकेतों पर यदि विश्वास किया जाये, तो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सलाहकारों की टीम यह सुनिश्चित करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि भाजपा विरोधी दलों के नवगठित मोर्चे - इंडिया - को हाल ही में संपन्न 26 विपक्षी दलों के बेंगलुरु सम्मेलन के संयुक्त अभियान योजना और उसके अनुसार सीट-बंटवारे की व्यवस्था का लाभ न मिले।

विधानसभाओं के परिसीमन को लेकर असम में भाजपा सरकार मुश्किल में

गठबंधन साझीदार एजीपी ने 'विभाजनकारी कदम' के लिए मुख्यमंत्री पर उंगली उठाई
आशीष विश्वास - 2023-07-22 12:25 UTC
असम मेंराज्य विधानसभा/संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के लंबे समय से प्रतीक्षित परिसीमन के लिए नये मसौदा प्रस्तावों की घोषणा के बाद एक दिलचस्प राजनीतिक स्थिति बनी हुई है।जाहिर तौर पर, बहुसंख्यक असमिया लोगों, जिनकी मातृभाषाअसमिया है, का बड़ा वर्ग भी राज्य चुनाव आयोग द्वारा प्रसारित विवादास्पद आधिकारिक मसौदे के कुछ प्रावधानों से परेशान है।

मणिपुर हिंसा पर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की विलंबित प्रतिक्रिया दयनीय

लगातार दंगे और विरोध प्रदर्शन दर्शाते हैं भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की विफलता
सुशील कुट्टी - 2023-07-21 11:29 UTC
उनके अंधभक्त भी परेशान हो रहे थे, लेकिन भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए मानो मणिपुर में हिंसा कोई खास बात नहीं थी। लेकिन आख़िरकार, उसके कंठ कास्वरयंत्रशोथ बोल उठा। स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी आवाज नहीं खोयी है, और उनका कान भी अपने आस-पास की आवाज़ें सुनता है।अब तक तो यूरेपियन यूनियन की संसद को भी अच्छी ख़बर मिल गयी होगी।मणिपुर की घृणित घटनाओं के अलावा एक और बात यह हुई कि प्रधान मंत्री मोदी ने अपने भयानक अनुचित "मौनव्रत" के साथ मणिपुर में भयानक घटनाओं पर पर्दा डाला।

इंडिया बनाम मोदी का वन-मैन शो बन रहा है मुख्य राजनीतिक दंगल

लोकसभा 2024 की चुनावी लड़ाई आशा और घृणा की राजनीति के बीच होगी
अरुण श्रीवास्तव - 2023-07-20 11:47 UTC
भाजपा नेताओं के इस आरोप को झुठलाते हुए कि विपक्षी एकता एक मृगतृष्णा और भ्रष्ट नेताओं का संगम था, विपक्षी दलों के बेंगालुरु सम्मेलन ने एक नयी वैचारिक रूप से मजबूत और मनमोहक संस्था, इंडिया, या भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मकसमावेशी गठबंधन को जन्म दिया है।

वैश्विक मुद्रा व्यापार सौदों पर काम कर रहा है भारत

अगला कदम है अमेरिकी डॉलर और यूरो के साथ विनिमय दर को स्थिर करना
अंजन रॉय - 2023-07-19 17:25 UTC
भारत तेजी से बढ़ते देशों के एक बड़े समूह के साथ स्थानीय मुद्रा व्यापार सौदों पर काम कर रहा है, जिससे हर व्यापार के लिए अमेरिकी डॉलर में बिलिंग से बचा जा सके।यह भारतीय मुद्रा के अंतर्राष्ट्रीयकरण की दिशा में एक कदम है, ऐसे समय में जब देश अपने बाहरी क्षेत्र को खोल रहा है।

भारत का सस्ता रूसी तेल का आयात चीनी युआन के जाल में फंसा

नये रुपया-दिरहम समझौते से संयुक्त अरब अमीरातसे सस्ता तेल संभव
नन्तु बनर्जी - 2023-07-18 15:15 UTC
भारत को रूसी तेल निर्यातकों द्वारा एक अजीब स्थिति में डाल दिया गया है क्योंकि वे भारतीय आयातकों द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद के बदले युआन भुगतान को प्राथमिकता देते हैं। अब रूसी आयात के भुगतान के लिए चीनी युआन खरीदने में अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं।यह भारत सरकार की उस चेतावनी के बावजूद है, जिसने बैंकों और व्यापारियों को चीन के साथ भारत के लंबे समय से चल रहे राजनीतिक मतभेदों के कारण रूसी आयात के भुगतान के लिए युआन का उपयोग करने से बचने के लिए कहा था।

भाजपा नेतृत्व ने 2024 के चुनाव में विपक्ष की चुनौती को पूरी गंभीरता से लिया

बिछड़े सहयोगियों और नयी पार्टियों को साथ लाकर एनडीए के विस्तार की कवायद
हरिहर स्वरूप - 2023-07-17 14:48 UTC
भारत भर में भाजपा की तीव्र राजनीतिक चालों को समझने के लिए वर्ष 1996 को याद करें। उस वर्ष भ्रष्टाचार, घोटालों और आंतरिक दलबदल के बोझ तले दबकर, मौजूदा कांग्रेस चुनाव में कमजोर हो गयी थी।इससे भाजपा को पहली बार लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर शीर्ष स्थान पर पहुंचने का मौका मिला।अभूतपूर्व सफलता के साथ, अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली, लेकिन जल्द ही उन्हें पता चला कि गठबंधन राजनीति की रेत से पार पाना अभियान की गर्मी और धूल की तुलना में कहीं अधिक कठिन था।13 दिनों तक, पार्टी ने बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए सहयोगियों की तलाश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।अंततः वाजपेयी को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

विपक्षी एकता को नयी ऊंचाई देना बेंगालुरु के दूसरे सम्मेलन का लक्ष्य

मेजबान के रूप में कांग्रेस की अधिकतम जिम्मेदारी है इसे सफल बनाने की
नित्य चक्रवर्ती - 2023-07-15 14:19 UTC
23 जून को आयोजित 16 पार्टियों के पहले पटना सम्मेलन में लिए गए निर्णयों को आगे बढ़ाने के लिए विपक्षी दलों का दूसरा सम्मेलन अब 17 और 18 जुलाई को बेंगलुरु में आयोजित होने वाला है। कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित बेंगालुरु सम्मेलन में पहली बैठक की तुलना में आठ और दलों का प्रतिनिधित्व होगा जो यह संकेत देता है कि भाजपा की साजिशों के कारण महाराष्ट्र में शरदपवार के नेतृत्व वाली राकांपा को झटका लगने के बावजूद, 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ पूरी एकता के आह्वान को व्यापक समर्थन मिल रहा है।