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गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व

सतगुरु नानक प्रगटिया, मिटी धुंध जग चानण होया

सुरजीत खरबंदा - 2018-11-21 10:16 UTC
सिख धर्म के प्रथम गुरु व ईश्वर स्वरुप श्री गुरु नानक देव जी का जन्म लाहौर के तलवंडी नामक स्थान पर वर्ष 1469 में पिता मेहता कालू राम के घर माता तृप्ता की पावन कोख से कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन हुआ। श्री गुरु नानक देव जी की पावन जन्म स्थली अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब के नाम से प्रचलित है।
राजस्थान विधानसभा चुनाव

टिकट वितरण में गड़बड़ी कांग्रेस को भारी पड़ सकती है

रमेश सर्राफ - 2018-11-21 10:12 UTC
राजस्थान में कुछ दिनो पूर्व तक लग रहा था कि कांग्रेस भारी बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। कांग्रेस भाजपा सरकार को पूर्ण विफल साबित करने में सफल लग रही थी। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष के चयन में मुख्यमंत्री राजे का केन्द्रीय नेतृत्व से चले टकराव से भाजपा की आन्तरिक गुटबाजी सडक पर आ गयी थी। पहले जयपुर राजघराने से सम्बन्धित राजमहल प्रकरण, फिर आनन्दपाल एनकाऊंटर प्रकरण ने राजपूत समाज को प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री से नाराज कर दिया था। पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह जसौल के पुत्र मानवेन्द्र सिंह के भाजपा छोडकर कांग्रेस में शामिल हो जाने से लगने लगा था कि इस बार राजपूत समाज भी खुलकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगा।

कुछ हिन्दू कट्टरवादियों ने किया एक महान संगीतज्ञ का अपमान

कांग्रेस ने साध रखी है आपराधिक चुप्पी
एल एस हरदेनिया - 2018-11-20 09:25 UTC
पता नहीं क्यों प्रतिक्रियावादी दक्षिणपंथियों को संगीत नहीं भाता। यदि गुलाम अली की गजलों का कार्यक्रम घोषित होता है तो ये धमकी देते हैं कि हम उसे नहीं होने देंगे। अभी हाल में इन्होंने ऐसी ही घिनौनी हरकत की जब उन्होंने घोषणा की कि स्मिक मैके और एयरपोर्ट अथॉरिटी के संयुक्त तत्वाधान में होने वाले एक संगीत समारोह का आयोजन वे नहीं होने देंगे। उनकी आपत्ति थी कि इस संगीत समारोह में कर्नाटक संगीत के महान गायक टीएम कृष्णा भाग ले रहे हैं और कृष्णा का अपराध यह है कि उनका संगीत ईसाई और मुस्लिम विषयवस्तु पर आधारित है।

राजस्थान चुनाव में कोई लहर नहीं

बगावती तेवरों के बीच कांटे की है टक्कर
भरत मिश्र प्राची - 2018-11-19 10:50 UTC
विधान सभा चुनाव के प्रारम्भिक दौर में राजस्थान प्रदेश में राजनीतिक हलचलें तेज हो चली है जहां 7 दिसम्बर को चुनाव होने वाले है। प्रदेश में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ढोल - नगारे के साथ कोई हाथी पर तो कोई ऊंट पर तो कोई घोड़े पर सवार अपना नामांकन कराने चुनावी मुख्य कार्यालय को विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि पहुंचने शुरू हो गये है। इस बार प्रदेश में कोई पूर्व की तरह विशेष चुनावी लहर नजर नहीं आ रही है जिसका लाभ पूर्व की भाॅति राजनीतिक दल को मिल सके । जिसके कारण अभी भी उम्मीद सत्ता पक्ष भाजपा को बनी हुई है।

मोदी की असली चुनौती विधानसभा चुनावों के बाद

एससी एसटी एक्ट पड़ सकता है भारी
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-11-17 10:06 UTC
पांच प्रदेशों की विधानसभाओं के चुनाव के नतीजों के बाद आगामी लोकसभा चुनाव का मूड तैयार हो जाएगा और वह चुनाव अन्य चुनावों से काफी अलग होगा। उसमें एक बार फिर नरेन्द्र मोदी की निजी प्रतिष्ठा दांव पर लगी होगी। पिछले 2014 का लोकसभा चुनाव भ्रष्टाचार के खिलाफ चले एक बहुत बड़े आंदोलन की पृष्ठभूमि में हुआ था। उस आंदोलन ने कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों की चूलें हिला दी थी। राजनीति में एक निर्वात पैदा हो गया था, जिसे नरेन्द्र मोदी ने अपने मार्केटिंग कौशल से भर दिया। सोशल मीडिया और टीवी मीडिया का इस्तेमाल करके भी एक ऐसा माहौल तैयार किया गया, जिसमें लगने लगा कि नरेन्द्र मोदी ही देश की सभी समस्याओं का समाधान हैं। भारतीय जनता पार्टी की स्थिति उस समय कांग्रेस से बेहतर नहीं थी। भ्रष्टाचार का आंदोलन भी उसके नेतृत्व में नहीं हुआ था। वह आंदोलन एक अराजनैतिक नेता अन्ना हजारे के नेतृत्व में हुआ था, जो आंदोलन के बाद अपने गांव वापस लौट गए थे और उससे पैदा हुए माहौल को भुनाने का मौका नरेन्द्र मोदी पर छोड़ दिया।

राजस्थान का रण, बन नहीं पाया तीसरा मोर्चा

रमेश सर्राफ - 2018-11-16 09:57 UTC
राजस्थान विधानसभा के लिये अगले माह होने वाले चुनाव में प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा व मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के अलावा तीसरा मोर्चा कितना दम दिखा पायेगा? आज यह सवाल हर मतदाता के मन में उठ रहा हैं, क्योंकि राजस्थान में हर बार बनने से पहले ही बिखर जाता है तीसरा मोर्चा। राजस्थान में अब तक कांग्रेस व भाजपा की ही सरकारे बनी है। अब तक 14 बार सम्पन्न हुये राजस्थान विधानसभा के चुनाव में 9 बार कांग्रेस व 5 बार भाजपा की सरकार बनी है। 1998 से तो लगातार एक बार कांग्रेस एक बार भाजपा की बारी-बारी से सरकार बनने का सिलसिला चलता आ रहा है।

तमाम उपलब्धियों के बावजूद महिला क्रिकेट की उपेक्षा क्यों?

महिला क्रिकेट में इतिहास रचती मिताली राज
योगेश कुमार गोयल - 2018-11-15 09:37 UTC
खेल एक और कप्तान दो, एक पुरूष क्रिकेट टीम का तो दूसरी महिला क्रिकेट टीम की और अगर बात उपलब्धियों की करें तो दोनों का खेल बेमिसाल हैं और दोनों के ही खाते में ढ़ेरों रिकॉर्ड दर्ज हैं लेकिन इसे पितृसत्तात्मक सोच कहें या कुछ और कि पुरूष टीम के कप्तान सदैव सुर्खियों में बने रहते हैं, उन्हें खेल प्रेमियों के साथ-साथ खेल संघों द्वारा भी सिर-आंखों पर बिठाया जाता रहा है मगर महिला कप्तान के मामले में ऐसा नजारा कम ही देखने को मिलता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं पुरूष टीम के कप्तान विराट कोहली और महिला टीम की कप्तान मिताली दोराई राज की, जिन्हें ‘लेडी सचिन’ भी कहा जाता है।

योगी ‘कमंडल’ और ’मंडल’ कार्ड खेल रहे हैं

राम मंदिर मुद्दे को केन्द्र में लाने की कोशिश
प्रदीप कपूर - 2018-11-14 10:29 UTC
लखनऊः सहयोगियों की मदद से जीती हुई 73 सीटों को बरकरार रखना भाजपा को कठिन लग रहा है। अपना वह प्रदर्शन 2019 के लोकसभा चुनावों में भी दुहराने के लिए भाजपा आक्रामकता के साथ कमंडल और मंडल कार्ड खेल रही है।

भाजपा और कांग्रेस विद्रोही उम्मीदवारों से परेशान

आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने के वचन पर हंगामा
एल एस हरदेनिया - 2018-11-13 11:34 UTC
भोपालः कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने अपने विद्रोही उम्मीदवारों के मैदान में आ जाने से परेशान हैं। विद्रोही उम्मीदवारों को नामांकन वापसी के लिए उनके द्वारा की जा रही कोशिशों को बहुत सफलता नहीं मिल पा रही है।

तेज की तलाक की अर्जी पर ठिठकी बिहार की राजनीति

गठबंधन की बातचीत पर लगा विराम
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-11-12 10:45 UTC
अपनी पत्नी से तलाक की अर्जी किसी का व्यक्तिगत या पारिवारिक मामला हो सकता है। लेकिन जब बात बिहार के सबसे शक्तिशाली राजनेता लालू यादव के परिवार की हो, तो यह राजनीति को भी प्रभावित होने वाला हो सकता है और इसके कारण मीडिया की दिलचस्पी उसके घटनाक्रम में स्वाभाविक रूप से हो सकती है, क्योंकि सैद्धान्तिक रूप से मीडिया वही दिखाना या बताना चाहता है, जिसे देश और प्रदेश के लोग सुनना, देखना और जानना चाहते हैं।