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घुसपैठियों एवं शरणार्थियों के मामले पर उठते सवाल

यह सिर्फ असम से जुड़ा मसला नहीं है
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-08-08 11:00 UTC
देश में जब - जब भी आम चुनाव पास आते है, राजनीति से प्रेरित नये - नये मुद्दे उभरकर सामने आते रहे है। कुछ इसी तरह के मुद्दों में फिलहाल लोकसभा के आम चुनाव 2019 के पुर्व घुसपैठियों एवं शरणार्थियों के मामले तेजी से उभर सामने आने शुरू हो गये है। यह मामला आज का नही, वर्षो पुराना है। वर्तमान केन्द्र सरकार के भी चार वर्ष गुजर गये पर किसी ने भी इस तरह के मुद््दे पर चर्चा नहीं की और आज यह मुद्दा राजनीतिक रंग कुछ ज्यादा ही पकड़ रहा है।

आधार पर संग्राम

क्या भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश चल रही है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-08-07 10:39 UTC
आधार पर भारत में संग्राम छिड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में इसपर लंबी सुनवाई हो चुकी है। उसका फैसला आना अभी बाकी है। शायद फैसला लिखा जा रहा होगा और इस बीच उस फैसले को प्रभावित करने के लिए बड़ी बड़ी ताकतें सक्रिय हो गई हैं। कहने की जरूरत नहीं कि वे ताकतें चाहती हैं कि आधार केस सरकार सुप्रीम कोर्ट में हार जाय। गौरतलब है कि सरकार ने अनेक सेवाओं को आधार से लिंक करने का फैसला किया है।

व्यवस्था की खामियां उजागर करता मानसून

भारी जलजमाव के बावजूद धरती प्यासी ही रह जाती है
योगेश कुमार गोयल - 2018-08-06 16:46 UTC
विगत दिनों लगातार तीन-चार दिन की ही बारिश के चलते देश के कई शहरों में बहुत बदतर हालात देखे गए थे। जगह-जगह सड़कें धंस गई, कारों की छतों पर पानी भर गया, कई जगहों पर मकान ढह गए, यमुना खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई, बारिश के चलते दर्जनों लोगों की मौत हो गई। इन हालातों ने हर साल की भांति एक बार फिर बाढ़, जल निकासी और ऐसे हालातों से निपटने के सारी तैयारियां कर लेने के दावों की कलई खोलकर रख दी।

असम में नागरिकता की विषम पहेली

राष्ट्रहीन लोगों के लिए एक अलग देश बने
एल एस हरदेनिया - 2018-08-04 12:09 UTC
इस बात की पूरी संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी सन् 2019 का लोकसभा चुनाव "बांग्लादेशियों को भारत से निकालो" के नारे पर लड़ेगी। यदि ऐसा होता है तो यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इस नारे से भाजपा मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने में सफल होगी और बाकी सभी चुनावी मुद्दे या तो गौण हो जाएंगे या पूरी तरह से गायब हो जाएंगे। इस मुद्दे को लेकर देश भर मे अत्यधिक गैर-जिम्मेदाराना और भड़काऊ टिप्पणियां की जा रही हैं। जैसे, भाजपा के एक नेता ने कहा है कि यदि बांग्लादेशी खुशी-खुशी नहीं जाते ते उन्हें गोली मार दो। इस तरह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि इस मुद्दो के लेकर खून की नदियां बहेंगी और गृहयुद्ध छिड़ जाएगा।

मुजफ्फरपुर बलात्कार गृह, नीतीश के पाखंड का पर्दाफाश

उपेन्द्र प्रसाद - 2018-08-03 11:28 UTC
मुजफ्फरपुर की एक बालिका गृह में रह रही 44 बच्चियों में से कम से कम 34 बच्चियों के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। वह बालिका गृह एक एनजीओ चलाता है, लेकिन उसे राज्य की नीतीश सरकार से 34 लाख रुपये सालाना उस गृह के रखरखाव और बच्चियों पर खर्च करने के लिए मिलते हैं। उसमें उन बच्चियों को रखा जाता है, जो अपने मां-बाप से बिछुड़कर सड़कों या रेलवे स्टेशनों पर भटकती हुई पुलिस को मिलती हैं। उनके मां- बाप को उन्हें सौंपने तक उन बच्चियों को पुलिस मुजफ्फरपुर की कथित बालिका गृह जैसे संस्थानों को सुपुर्द कर देती है। कहने को तो सामाजिक कार्यों में लगे लोग उस तरह के अस्थाई शेल्टर होम चलाते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में पैसे सरकार के ही खर्च होते हैं।

सूबाई नेताओं की अखिल भारतीय महत्वाकांक्षा

राहुल की राह आसान नहीं
अनिल जैन - 2018-08-02 10:38 UTC
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने यह कह कर सबको चैंका दिया था कि अगर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलता है या वह सबसे बडी पार्टी बनकर उभरती है तो वे प्रधानमंत्री बनने को तैयार हैं। कांग्रेस कुछ नेता तो इस आशय का बयान पहले से ही देते आ रहे थे, लेकिन उन्हें कोई गंभीरता से नहीं ले रहा था। लेकिन राहुल के बयान की जहां नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी ने खिल्ली उडाई थी, वहीं कांग्रेस के ही कई संभावित सहयोगी दलों ने भी प्रतिकूल प्रतिक्रिया जताई थी। इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से कहा जाता रहा कि राहुल ही प्रधानमंत्री होंगे।

असम में नागरिक रजिस्टर को लेकर मचा बवाल

तो क्या असम को बांग्लादेशियों का गढ़ बन जाने दें?
योगेश कुमार गोयल - 2018-08-01 09:49 UTC
असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की 30 जुलाई को जारी दूसरी सूची के बाद इसमें करीब चालीस लाख लोगों के नाम न होने को लेकर राजनीति गर्मा गई है। एनआरसी की वर्तमान सूची के अनुसार 28938677 लोगों की नागरिकता की पुष्टि हुई है जबकि 4052703 लोग एनआरसी से बाहर हैं।

2019 चुनाव में दक्षिण भारत

महागठबंधन की संभावनाएं धूमिल
अनिल सिन्हा - 2018-07-31 16:44 UTC
साल 2019 में हो रहे लोकसभा चुनावों में दक्षिण भारत के राज्यों में मतदाता का क्या रूख होगा, इसका अंदाजा लगाना बड़े-बड़े चुनाव-पंडितों के लिए भी मुश्किल है। अभी जो हालात हैं वे यही बताते हैं कि वहां ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस महागठबंधन नहीं बना पाएगी और भाजपा को भी करीब-करीब अकेले ही चुनाव में जाना पड़ेगा। सिर्फ कर्नाटक में कांग्रेस महागठबंधन बनाने में कामयाब हो सकती है। बाकी जगह अकेले या छोटे गठबंधनों से ही उसे काम चलाना पड़ेगा।

पाक का ताज अपने आप में एक राज

फिर भी नये दौर का स्वागत
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-07-30 13:35 UTC
पड़ोसी राष्ट्र पाकिस्तान में हुये आम चुनाव में जो परिणाम सामने आये है जिसमें 26/11 के हमले के मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद की पार्टी मुस्लिम लिग को वहां की अवाम ने बिल्कुल नकार कर यह साबित करने का भरपूर प्रयास किया है कि वह भी खून खराबे से दूर रहकर अमन चैन चाहती है। गौरतलब हो कि हाफिज ने पाक के आम चुनाव में अपने 265 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।

राहुल गांधी को सोच बदलनी होगी

अब वे पप्पू नहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष है
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-07-28 11:37 UTC
संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों प्रर प्रहार करते हुए अपने भाषण के अंतिम दौर में भावना में बहकर जो भाव व्यक्त करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री जी! मैं आज भी आपके लिये पप्पू हूं ,कल भी रहूंगा मेंरे दिल में सभी के लिये प्यार है, नफरत नहीं ! कांग्रेस सदा प्यार लुटाना जानती है , अपनी सीट छोड़ आगे बढ़े और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को गले लगाया । इस प्रसंग का जिस तरीके से संसद में सत्ता पक्ष की ओर से परिहास किया गया एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस भाव भंगिमा से इस परिवेश पर नाटकीय मुद्रा में अपनी अभिव्यक्ति व्यक्त करते हुये पूरे संसद में मजाक उड़ाया तथा संसद अध्यक्ष ने भी इसे संसद की गरिमा के विपरीत माना। यह एक विचारणीय मुददा बन गया है।