Loading...
 
Skip to main content

View Articles

क्यों उठ रहे हैं राफेल सौदे पर गंभीर सवाल?

योगेश कुमार गोयल - 2018-07-28 11:34 UTC
राफेल एक फ्रांसीसी कम्पनी ‘दसाल्ट एविएशन’ द्वारा निर्मित दो इंजन वाला मध्यम मल्टी रोल काॅम्बैट एयरक्राफ्ट (एम.एम.आर.सी.ए.) है। इस विमान में कई ऐसी विशेषताएं हैं, जो इसे विश्व का बेहतरीन लड़ाकू विमान बनाने के लिए पर्याप्त हैं। यह हवाई हमला, वायु वर्चस्व, जमीनी समर्थन, भारी हमला, परमाणु प्रतिरोध इत्यादि कई प्रकार के कार्य बखूबी करने में सक्षम है। इसकी टैक्नोलाॅजी बेहतरीन है। यह परमाणु मिसाइल ले जाने में भी सक्षम है। भारत के लिए इसे इसलिए भी महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि इस तरह के विमान अभी तक पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान के पास भी नहीं हैं।

संकट में हैं भारत के बैंक

क्या मोदी सरकार इन्हें दूर कर पाएगी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-07-26 10:52 UTC
भारत के बैंको के सामने जो संकट हैं, वे संकट यदि किसी पश्चिमी देश में होते तो उसकी बैंकिंग व्यवस्था इतनी चुनौतियों के बीच ढह जाती, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था या कहिए समाज में ही एक अस्थिरताकारी ताकत है, जिसके कारण बड़ा से बड़ा संकट भी हमें अस्थिर नहीं कर पाते। समस्याग्रस्त भारतीय बैंकों को इसी का लाभ मिल रहा है और इस बीच यह हमारे नीति निर्माताओं के विवेक और अर्थकौशल पर यह निर्भर करता है कि बैंको के सामने खड़े अभूतपूर्व संकट को वह कैसे दूर करें।

पीछा करता विपक्ष और भागती सरकार

सरकार में बैठे लोग अपने को गिरा हुआ दिखाने से नहीं बच सके
अनिल जैन - 2018-07-25 12:21 UTC
लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के गिरने पर शायद ही किसी को हैरानी हुई होगी। जिन विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस दिए थे, उन्हें भी यह गलतफहमी कतई नहीं थी कि उनके प्रस्ताव से सरकार गिर जाएगी। इसके बावजूद सत्ताधारी खेमे में अविश्वास प्रस्ताव के पेश होने से लेकर उस पर मत-विभाजन होने तक जिस तरह की बेचैनी और बदहवासी तथा बहस के दौरान जो बौखलाहट दिखाई दी, वह हैरान करने वाली रही। इससे भी ज्यादा हास्यास्पद और हैरान करने वाला वह मुदित और आनंदित भाव रहा जो अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद सत्तापक्ष के महारथियों और रथियों के चेहरे पर तैरता दिखा।

नौ लाख पेड़ों की कमी से जूझ रही है दिल्ली

स्वस्थ जीवन के लिए कम होती प्राणवायु
योगेश कुमार गोयल - 2018-07-24 10:56 UTC
दिल्ली सरकार द्वारा यह तर्क देते हुए राजधानी में पेड़ काटने के सभी आदेश हालांकि रद्द किए जा चुके हैं कि पेड़ काटने के नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा भी दक्षिणी दिल्ली की कालोनियों के पुनर्विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई पर अस्थायी रोक लगाई जा चुकी है तथा दिल्ली हाईकोर्ट ने भी 26 जुलाई तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए सरकार से सवाल किए हैं कि क्षतिपूरक वनीकरण नीति के तहत लगाए जाने वाले 10 छोटे पौधे एक बड़े पेड़ की बराबरी कैसे कर सकते हैं? कड़ी फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट द्वारा दो टूक शब्दों में कहा गया है कि दक्षिणी दिल्ली की सरकारी आवासीय कालोनियों के पुनर्निर्माण के नाम पर 16500 पेड़ों को काटने का प्रस्ताव इस शहर को मरने के लिए छोड़ देने जैसा है।

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास मत

राहुल के दाव से पस्त हुई भाजपा
उपेन्द्र प्रसाद - 2018-07-23 17:26 UTC
केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ पहला (और संभवतः) आखिरी अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। यह होना ही था, क्योंकि मोदी सरकार भाजपा के बूते ही पूर्ण बहुमत में थी और अपने सहयोगी दलों के साथ उसे आरामदेह बहुमत प्राप्त था। लोकसभा की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी आॅल इंडिया अन्ना डीएमके भी उसके साथ ही मतदान करती रही है। इसलिए तेलुगू देशम पार्टी द्वारा पेश किया गया गया अविश्वास मत पराजित होेने के लिए पहले दिन से ही अभिशप्त था।

अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से शक्ति परीक्षण

बहस का स्तर बहुत नीचा रहा
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-07-21 10:38 UTC
देश में सन् 2019 में लोकसभा के चुनाव होने वाले है जिसे लेकर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष में जोरदार रूप से तैयारी शुरू हो गई है। वर्तमान में समस्त विपक्ष सत्ता पक्ष के खिलाफ एक साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। यह जानते हुए भी वर्तमान में संसद में भाजपा के पास पर्याप्त बहुमत है, संसद में लाये गये इस शक्ति परीक्षण के पीछे विपक्ष अपनी एकता को देखना एवं सत्ता पक्ष को दिखाना चाहता था जिसमें वह पूर्णतः सफल रहा । इस प्रस्ताव के माध्यम से आमजन के समक्ष विपक्ष सत्ता पक्ष को प्रश्नों के आधार पर कमजोर साबित करने के प्रयास में पुर्णरूप से जुटा रहा ।

मायावती ने प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा की घोषणा की

उन्होंने अपने सारे विकल्प खुल रखे हैं
प्रदीप कपूर - 2018-07-20 16:16 UTC
लखनऊः बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद के लिए संभावित विपक्षी उम्मीदवार के रूप में खुद को लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।

भाजपा को खुश करने के लिए नशाबंदी पर नीतीश का यूटर्न

कमजोर वर्गों के लोगों को इस कानून से सबसे ज्यादा नुकसान
अरुण श्रीवास्तव - 2018-07-19 17:05 UTC
नशाबंदी कानून को कमजोर करने का निर्णय मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया था, लेकिन कुछ महीने पहले एक राष्ट्रीय नेता के निवास पर कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ मिलकर इसका फैसला किया गया था। उस बैठक में भाग लेने वाले बीजेपी नेताओं ने मांग की कि सरकार निषेध कानून के प्रावधानों को कमजोर करे। उनकी धारणा थी कि वह कानून उनकी पार्टी के हित के लिए हानिकारक है।
अमित शाह की बिहार यात्रा

नीतीश के पास राजग मे रहने के अलावा और कोई रास्ता नहीं

उपेन्द्र प्रसाद - 2018-07-18 10:56 UTC
अमित शाह बिहार की अपनी यात्रा से वापस आ चुके हैं। वहां उन्होंने नीतीश कुमार से भी बातचीत की। उनके यहां डिनर भी किया। बाद में उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव नीतीश उनकी पार्टी के साथ मिलकर ही लड़ेंगे और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बिहार की सभी 40 सीटों पर सफलता हासिल होगी। वे विजयी मुस्कान के साथ इस तरह का बयान दे रहे थे, जबकि नीतीश कुमार 12 जुलाई को हुई उसी बैठक के बाद राजग में बने रहने और सीटों के बंटवारे के मसले पर पूरे 5 दिनों तक मौन रहे।

विकास की आड़ में फूंका चुनावी बिगुल

एक्सप्रेस-वे पर उतरा मोदी का मिशन-2019
प्रभुनाथ शुक्ल - 2018-07-17 10:52 UTC
राजनीतिक लिहाज से सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में अपने दो दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी मिशन-2019 का आगाज कर दिया। गोरखपुर के मगहर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन बड़ी रैलियां पूर्वांचल मे हुई, जिनमें वाराणसी, मिर्जापुर के साथ सबसे अहम रैली आजगमगढ़ की रही जहां पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान सपा-बसपा को निशाने पर रखा। पूर्वांचल के पिछड़ेपन के लिए पूर्व की सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। सपा-बसपा दोस्ती पर भी तंज कसा। हलांकि रैली के बहाने मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। पीएम ने कहां कांग्रेस सिर्फ मुसलमानों की पार्टी है। लेकिन उसमें भीे पुरुषों की है। तीन तलाक से जुझती महिलाओं की पीड़ा उसे कभी नहीं दिखी। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को भी आड़े हाथों लिया, उनके भाषण का अंश भी पढ़ा जिसमें वह कहते थे कि देश के प्राकृतिक संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है।