वर्तमान परिवेश में एक देश एक चुनाव कैसे संभव?
यह प्रयोग भारत में पहले ही विफल हो चुका है
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2018-07-16 12:02 UTC
स्वतंत्रता उपरान्त देश में कई वर्षो तक लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव एक साथ ही होते रहे तब आज जैसी अनेक राजनीतिक पार्टिया नहीं हुआ करती थीं। उस समय देश में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस थी एवं अन्य छोटे - छोटे राजनीतिक दल कांग्रेस विचारधारा से अलग हटकर अवश्य थे जिनका जनाधार नहीं के बराबर रहा। इसमें जनसंघ, समाजवादी , कम्यूनिष्ट विचार धारा की भाकपा एवं माकपा पार्टिया प्रमुख रही। आज जैसे क्षेत्रिय राजनतिक दल भी उन दिनों नहीं सक्रिय रहे। देश में जैसे - जैसे सत्ता सुख बटोरने की प्रवृृति हावी होती गई, राजनीतिक दलों में माफिया वर्ग का वर्चस्व बढ़ता चला गया। देश में राजनीतिक अस्थिरता का महौल बनने लगा, कई राजनीतिक दल उभर आये जिनमें क्षेत्रीय दलों की प्रमुखता सर्वोपरि बनी रही।