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चीनी कर्जजाल से व्यापारिक उपनिवेशवाद का खतरा

कर्जदार देशों की मार्फत भारत पर भी प्रभाव
सुब्रत मजूमदार - 2018-10-27 11:34 UTC
चीन के बेल्ट और रोड पहल, जिसे बाद में बीआरआई के नाम से बदल दिया गया, विकासशील और उभरते देशों के लिए ऋण जाल में फंसने का खतरा पैदा कर रहा है। चीन बुनियादी ढांचे के लिए छोटे और कमजोर देशों को कर्ज देता है और जब उनके कर्ज का भुगतान नहीं किया जाता, तो यह इन देशों की भूमि और संसाधनों पर कब्जा करने लगता है। चीनी ऋण की शर्तो के तहत ऋण राहत के लिए बहुत कम जगह है। अभी तक आठ देश उसके कर्ज जाल के शिकार हो चुके हैं। सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट के एक अध्ययन के मुताबिक वे देश जिबूती, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, लाओ, मालदीव, मंगोलिया, पाकिस्तान और मोंटेनेग्रो हैं।

पाक का ताज अपने आप में एक राज

फिर भी नये दौर का स्वागत
डाॅ. भरत मिश्र प्राची - 2018-07-30 13:35 UTC
पड़ोसी राष्ट्र पाकिस्तान में हुये आम चुनाव में जो परिणाम सामने आये है जिसमें 26/11 के हमले के मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद की पार्टी मुस्लिम लिग को वहां की अवाम ने बिल्कुल नकार कर यह साबित करने का भरपूर प्रयास किया है कि वह भी खून खराबे से दूर रहकर अमन चैन चाहती है। गौरतलब हो कि हाफिज ने पाक के आम चुनाव में अपने 265 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।

विज्ञान और विकास ने जीती जिंदगी की जंग

कामयाब हुआ जिंदगी को बचाने का मिशन
प्रभुनाथ शुक्ल - 2018-07-12 10:58 UTC
थाईलैंड में इंसानी जिंदगी बचाने का चमत्कारिक मिशन पूरा हो गया। थाईलैंड की थैम लुआंग गुफा में फंसे 12 जूनियर फुटबाॅलर और कोच को सुरक्षित निकाल लिया गया। मिशन पर पूरी दुनिया की निगाह टिकी थी। दुनिया भर में मासूम खिलाड़ियों के लिए दुआएं हो रहीं थीं। घटना पूरी दुनिया के लिए चुनौती बनी थी। सभ्यता के विकास और आधुनिक जीवन शैली की अकल्पनीय वारदात थी। मौत की गुफा से 18 दिन की इंसानी जद्दोजहद के बाद सभी को सुरिक्षत बाहर निकाल लिया गया। विज्ञान के साथ तकनीकी विकास की यह बड़ी जीत साबित हुई।

दुनिया में बढ़ती भूख की चुनौती

भूखमरी हमारे लिए एक सामाजिक कलंक है
प्रभुनाथ शुक्ल - 2018-07-05 16:45 UTC
घर के ठंडे चूल्हे पर खाली पतीली है, बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन सी नशीली है, मशहूर शायर अदम गोंडवी की भूख से सराबोर यह शेर हमें सोचने पर मजबूर करता है। जबकि सपने बेंच कर सिंहासन हासिल करने वाली जमात सिर्फ भाषण बेंचती है। भारत और दुनिया भर में भूख आम समस्या बन गयी है। राजनीति गरीबी और भूखमरी मिटाने में सालों से लगी है, लेकिन भूखे लोगों की भूख नहीं मिट पायी।

सीरिया और तुर्की में असुरक्षित अभिव्यक्ति

वैश्विक स्तर पर सिकुड़ती प्रेस की आजादी
प्रभुनाथ शुक्ल - 2018-05-03 16:07 UTC
अभिव्यक्ति की आजादी का सीधा सवाल प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा है। जिस मुल्क में वैचारिक आजादी की स्वतंत्रता नहीं, वहां कभी सच्चे लोकतंत्र की स्थापना नहीं की जा सकती है। अभिव्यक्ति की स्वाधीनता न सिर्फ बोलने, लिखने की आजादी देता है बल्कि समता, समातना की स्थापना कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है। वैश्विक स्तर पर बदलते हालता प्रेस की आजादी पर सवाल खड़े करते हैं। मीडिया संस्थानों में अब निष्पक्ष तौर से काम करना जोखिम भरा हो गया है।

भारत के लिए आसियान क्यों महत्वपूर्ण है?

दक्षिण पूर्व एशिया से प्र्र्रगाढ़ संबंध हमारे हित में है
निलंजन बनिक - 2018-01-29 09:49 UTC
जब कभी विश्व अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा करने की बात आती है, तो चीनी अजगर हमेशा भारतीय हाथी के खिलाफ हाथ जीत जाता है। विश्व व्यापार में भारत का हिस्सा 2011 से करीब 1.8 प्रतिशत पर है, जबकि चीन के लिए यह करीब 12 प्रतिशत है। 2020 तक चीन से आधा होने के लिए भी भारत का निर्यात आंकड़ा की सालाना वृद्धि दर 30 प्रतिशत से अधिक करने की जरूरत है। यह एक कठिन काम प्रतीत होता है, लेकिन भारत को आसियान में एक सच्चा दोस्त मिल गया है। हम उसकी दोस्ती का लाभ उठाकर असंभव को भी संभव कर सकते हैं।

दिशाहीनता और मुकदमेबाजी से ग्रस्त विश्व व्यापार संगठन

जी श्रीनिवासन - 2017-12-19 11:14 UTC
व्यापार की बहुपक्षीय बातचीत की भाषा में वार्तालाप का टूटना, गतिरोध या आम सहमति का अभाव जैसे शब्द सीधे तौर पर यही बताते हैं कि विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) के, 164 देशों के बीच संवाद स्थापित करने वाली व्यवस्था बेतरतीब हो चुकी है। यह सिर्फ एक बातचीत की दुकान बनकर रह गया है क्योंकि विकसित तथा उभरती हुई व्यवस्था के कुछ प्रभावशाली सदस्य अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं तथा विकास के मुद्दों पर झुकने को तैयार नहीं हैं।

पाकिस्तान के निजी जेलों में कैद हिंदु बंधुआ मजदूर

पाकिस्तान में गुलामी की संख्या काफी ज्यादा
जय भगवान - 2017-12-18 10:05 UTC
पाकिस्तान के सिंध तथा बलूचिस्तान प्रांतों में हजारों हिंदु वहां के जमींदारों के बंधुआ हैं जो खेती, इंट के भट्टों तथा मछली पालन में काम करते हैं और रात में ‘निजी जेलों’ में बंद कर दिया जाते हैं। पिछले बुधवार को पुलिस ने सिंध के एक जमींदार के यहां 13 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया।

नेपाल के चुनावी नतीजे

भारत के सामने नई चुनौती
उपेन्द्र प्रसाद - 2017-12-15 14:16 UTC
नेपाल के चुनावी नतीजों के बाद वहां वामपंथी मोर्चा की सरकार बन रही है और के पी ओली वहां के प्रधानमंत्री बन रहे हैं। चूंकि मोर्चे को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ है, इसलिए इसकी पूरी संभावना है कि यह सरकार पूरे 5 सालों तक चलेगी और पिछले 11 सालों से वहां चल रहा अस्थिरता का दौर अब समाप्त हो जाएगा। वहां 2006 से ही राजनैतिक अस्थिरता का दौर चल रहा था। उसी साल नेपाल में राजतंत्र की समाप्ति हुई थी और एक लंबे गृहयुद्ध के बाद राजा ने सत्ता त्याग दी थी। लेकिन उस सत्ता त्याग की पृष्ठभूमि भी खून से रंगी हुई थी। महाराजा बीरेन्द्र की हत्या उसके कुछ साल पहले ही हो गई थी। सिर्फ उनकी ही नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार की ही हत्या कर दी गई थी और हत्यारा और कोई नहीं, बल्कि उनका अपना बेटा ही था। हालांकि कुछ लोग उस हत्याकांड को एक बड़ी साजिश भी बताते हैं, जिसमें राजकुमार को मुखौटा बनाया गया था।

अमेरिकी के सामने झुकने के लिए करजई ने की अशरफ गनी की आलोचना

अफगानिस्तान में ‘सभी बमों की मां’ का इस्तेमाल कर रहे हैं अमेरिकी
शंकर रे - 2017-11-21 11:38 UTC
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने वर्तमान राष्ट्रपति अशरफ गनी के खिलाफ मोर्चा शुरू कर दिया है। वे अमेरिका के सामने नतमस्तक हो जाने के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अमेरिकी सैनिकों को मनमानी करने की इजाजत दे रहे हैं और उसके कारण ही अमेरिकी सेना ने पूर्वी अफगानिस्तान में 9797 किलाग्राम का एक बम गिराया, जिससे करीब 100 लोग मारे गए। इस बम को ‘सभी बमों की मां’ भी कहा जाता है।