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ममता के अरमानों को नये पंख

अपनी राष्ट्रीय को लेकर आशान्वित हैं तृणमूल नेता
आशीष बिश्वास - 2013-12-17 11:19 UTC
कोलकाताः लोकसभा चुनाव के अब कुछ महीने ही शेष रह गए हैं और इस समय देश की तीन पार्टियां उन चुनावों को लेकर खासे उत्साह में हैं। वे तीन पार्टियां हैं- भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी।

कांग्रेस और भाजपा क्षेत्रीय दलों को पटाने में लगी

लालू के जेल से बाहर आने पर नीतीश को खतरा
हरिहर स्वरूप - 2013-12-16 11:28 UTC
पिछले विधानसभा चुनावों मे कांग्रेस का सूफड़ा साफ हो चुका है। जाहिर है, लोकसभा में उसके बेहतर प्रदर्शन की भी उम्मीद नहीं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी भी बहुमत के पास पहुंचने की संभावना नहीं है। इसलिए 2014 के बाद अपनी सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को क्षेत्रीय पार्टियों और उनके नेताओं पर निर्भर रहना होगा। यही कारण है कि अभी से ये दोनों पार्टियां क्षेत्रीय दलों को पटाने में लग गई है।

कांग्रेस ने अब अपने अंदर झांका

राहुल के नेतृत्व की विफलता को स्वीकारने के संकेत दिए
कल्याणी शंकर - 2013-12-13 11:53 UTC
साल 2013 की शुरुआत कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी को उपाध्यक्ष बनाने से हुई थी। उन्हें अध्यक्ष बनाते समय कांग्रेस को बहुत उम्मीदें बंध गई थी। पर साल का अंत ऐसे माहौल में हो रहा है, जिसमें कांग्रेस कैंप में हताशा और निराशा का माहौल है। जिन कांग्रेस नेताओं को किनारा कर दिया गया था, वे कह रहे हैं कि राहुल नहीं चला। मनमोहन सिंह सरकार भी निशाने पर है। कुछ नेता मानते हैं कि अब सोनिया गांधी को पार्टी की कमान अपने हाथ में एक बार फिर ले लेनी चाहिए।

आम आदमी पार्टी की जीत के मायने

क्या हम कांग्रेस मुक्त भारत की ओर बढ़ रहे हैं?
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-12-12 18:51 UTC
महात्मा गांधी ने 29 जनवरी, 1948 को कहा था कि अब कांग्रेस को समाप्त कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि उसका उद्देश्य पूरा हो गया है। उसके अगले दिन ही गांधी जी की हत्या हो गई। उनकी हत्या नहीं की जाती, तो क्या वे जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे नेताओं से अपनी बात मनवा लेते? इस काल्पनिक सवाल के काल्पनिक जवाब पर सिर्फ अटकलबाजी ही की जा सकती है। फिलहाल भाजपा के प्रधानमंत्री प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी अपने भाषणों में गांधी जी की उस अंतिम इच्छा की याद दिलाते हुए देश के लोगों से कांग्रेस मुक्त भारत के निर्माण की अपील कर रहे हैं।

कमजोर विपक्ष पर हावी शिवराज

हिन्दुत्व के एजेंडे ने भी रंग दिखाया
राजु कुमार - 2013-12-11 19:18 UTC
मध्यप्रदेश में तीसरी बार भाजपा की वापसी के पीछे कई कारणों में से एक बड़ा महत्वूपर्ण कारण कमजोर विपक्ष है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस अपनी ही कमजोरियों से जूझती रही, जबकि कई गंभीर मुद्दों पर घिरी भाजपा सरकार कभी भी परेशान नजर नहीं आई। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध का आंकड़ा बहुत ही ज्यादा है। बलात्कार के मामले देश में सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश में है। बाल अपराध भी ज्यादा है। पर इसके बावजूद व्यक्तिगत तौर पर शिवराज महिलाओं के लिए भैया एवं बालिकाओं के लिए मामा की छवि बना चुके हैं।

जनशक्ति अपने उफान पर, महंगाई और भ्रष्टाचार ने किया कांग्रेस का सूफड़ा साफ

नन्तू बनर्जी - 2013-12-10 13:17 UTC
जनभावनाओं के प्रति संवेदनहीन नेताओ को छोड़कर कांग्रेस के अंदर किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि 4 हिंदी प्रदेशों के चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर होगा। दिल्ली और राजस्थान को लेकर भी वे मुगालते में नहीं थे। दिल्ली में तो कांग्रेस की स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। 15 साल से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठी शीला दीक्षित को भी करारी हार का सामना करना पड़ा और वह लगभग 26 हजार मतों से चुनाव हार गईं। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने उन्हें बुरी तरह हराया।

विधानसभा चुनावों के नतीजों के संकेत

देश बदलाव चाहता है
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-12-09 12:08 UTC
चार हिन्दी प्रदेशों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के संकेत साफ हैं। इन चुनावों में कांग्रेस की भारी हार हुई। दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश में तो उसकी ऐतिहासिक हार हुई है। दिल्ली में कांग्रेस को इस बार उसके चुनावी इतिहास का सबसे कम मत मिला। राजस्थान का भी यही हाल रहा। मध्य प्रदेश में उसकी स्थिति पिछले चुनाव से भी खराब रही और छत्तीसगढ़ में अपनी स्थिति स्थिर रखते हुए वह एक बार फिर सत्ता में आने से चूक गई। हालांकि छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भाजपा ने अपनी सरकार बरकरार रखी है, इसलिए वहां प्रत्यक्ष तौर पर कोई बदलाव नहीं दिखता, पर यदि हम गहन विश्लेषण करें, तो देख सकते हैं कि सभी चारों राज्यों में बदलाव की बेकरारी है।

मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के नये मामले

मतदान के बाद भी अनियमितताओं का उद्घाटन जारी
एल एस हरदेनिया - 2013-12-07 10:58 UTC
भोपालः मतदान हो चुके हैं और उनके नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। इस बीच भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। इसमें प्रदेश के एक आइएएस अधिकारी शामिल हैं, जिन पर अपने बेटे के मेडिकल मे प्रवेश के लिए 75 लाख रुपये की घूस देने के आरोप हैं। प्रदेश के सरकारी काॅलेज के पीजी कोर्स में प्रवेश के लिए घूस देने की बात सामने आई है।

विधानसभा के चुनाव लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेंगे

नरेन्द्र मोदी की स्वीकार्यता का भी पता चलेगा
कल्याणी शंकर - 2013-12-06 10:48 UTC
पांच राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव की ओर सबकी नजर है। लोकसभा चुनाव अब कुछ महीने ही दूर हैं। विधानसभा चुनावों में सिर्फ संबंधित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्री उम्मीदवारों की प्रतिष्ठा ही दाव पर नहीं लगी हुई है, बल्कि यूपीए और एनडीए के हौसले पर भी इसका असर पड़ेगा।

चार राज्यों के चुनाव के एक्जिट पोल

कांग्रेस के पास मोदी का तोड़ नहीं
उपेन्द्र प्रसाद - 2013-12-05 10:58 UTC
संपन्न हुए 5 राज्यों की विधानसभाओं के चुनावों के परिणाम 8 दिसंबर हो आएंगे। पर 4 दिसंबर की संध्या को विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए और समाचार चैनलों द्वारा जारी किए गए एक्जिट पोल के सर्वे का एक साझा निष्कर्ष यह है कि 4 हिंदी प्रदेशों में कांग्रेस की दुर्गति होने जा रही है।