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भारत का आर्थिक दु:स्वप्न

महंगाई की फांस में उलझ गयी है विकास दर
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-10-05 12:39 UTC
आज अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक माहौल ही नहीं, खुद भारत का आंतरिक माहौल भी बहुत अच्छा नहीं है। आर्थिक और गैर आर्थिक दोनों किस्म के माहौल विकास की हमारी कोशिशों के खिलाफ खड़े दिखार्इ पड़ रहे हैं। आर्थिक माहौल की बात करें, तो मुद्रास्फीति एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर हमारे सामने खड़ी है। महंगार्इ की आम दर तो अपने आपमें ज्यादा है ही, खाध वस्तुओं की मुद्रास्फीति भी लगातार ऊंची बनी हुर्इ है। यह अभी भी दहार्इ अंकों के आसपास है। पिछले साल तो यह 18 फीसदी के आसपास थी। सहज अंदाज लगाया जा सकता है कि 18 फीसदी के बेस पर वर्तमान 9 से 10 फीसदी की खाध मुद्रास्फीति दर देश के आम लोगों के लिए कितना जानलेवा साबित हो रही होगी।

कश्मीर में कुछ नरम दिखाई पड़ सकता है पाकिस्तान

भारत को सीमा की स्थिति की लगातार समीक्षा करनी होगी
बी के चम - 2011-10-04 13:10 UTC
पाकिस्तान के अमेरिका के साथ रिश्ते लगातार कटु होते जा रहे हैं। सवाल उठता है कि इसका पाकिस्तान की कश्मीर में संलिप्तता पर क्या असर पड़ेगा? सवाल यह भी उठता है कि इससे भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के लिए चल रही बातचीत पर भी क्या असर पड़ेगा?
उत्तर प्रदेश विशेष

बसपा से गठबंधन का मसला

भाजपा में एक राय नहीं
प्रदीप कपूर - 2011-10-04 13:07 UTC
लखनऊ: अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद भारतीय जनता पार्टी का ग्राफ ऊंचा होता दिखार्इ पड़ रहा है, लेकिन पार्टी के अंदर इस बात को लेकर भारी दुविधा है कि बसपा के साथ चुनावी गठबंधन किया जाय या नहीं। चुनाव के पहलं पार्टी का बसपा के साथ कोर्इ गठबंधन नहीं होने जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि चुनाव के बाद क्या भाजपा बसपा से एक बार और गठबंधन करना चाहेगी या नहीं? गौरतलब है कि भाजपा ने अब तक तीन बार बसपा के साथ गठबंधन किए हैं और तीनों बार उसने मायावती को मुख्यमंत्री बनाया है।

पश्चिम बंगाल में सीपीएम हो गई है दिशाहीन

ममता बनर्जी इसका उठा रही हैं फायदा
आशीष बिश्वास - 2011-10-03 17:52 UTC
कोलकाता: कुछ मायने में पश्चिम बंगाल मे सीपीएम अपनी गलतियों से सबक सीखने को तैयार नहीं है। इसने अपनी हार से भी कुछ नहीं सीखा है। आज वह एक अजेय योदधा के पद से गिरकर एक पराजित योदधा की गति पा चुकी है, लेकिन वह फिर भी अपने आपको बदलने के लिए तैयार नहीं दिखती। इसका फायदा ममता बनर्जी को हो रहा है।

सोनिया गांधी ने गृहमंत्री को क्यों बचाया?

चिदंबरम की घमकी ने असर दिखाया
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-10-01 11:29 UTC
टू जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर कांग्रेस के अंदर चल रहा घमसान अब समाप्त हो गया है, लेकिन इस घमासान ने पार्टी और सरकार की छवि और भी धूमिल कर दी है। इस घमसान ने पहली बार पार्टी के शिखर नेतृत्व को भी संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। अब तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पी चिदंबरम का संरक्षक माना जाता था। अब पहली बार यह दिखार्इ पड़ा है कि श्री चिंदबरम को सरकार में बनाए रखने में मनमोहन सिंह से ज्यादा सोनिया गांधी की दिलचस्पी है।

कांग्रेस की तेलंगाना पर कोई नीति नहीं

टाल मटोल की नीति समस्या का हल नहीं
कल्याणी शंकर - 2011-09-30 13:18 UTC
पंद्रह दिनों से भी ज्यादा से आंध्र प्रदेश का तेलंगाना क्षेत्र आंदोलन की आग से झुलस रहा है। राजधानी हैदराबाद भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन क्या यह राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है? देश की राजधानी की राजनीति केन्द्र सरकार के दो मंत्रियों के विवादों के नीचे दबी हुर्इ है और तेलंगाना के मसले पर कोर्इ ध्यान ही नहीं दे रहा है। न तो कांग्रेस सोनिया गांधी और न ही प्रधानमंत्री को तेलंगाना के आंदोलन की कोर्इ चिंता है।
उत्तर प्रदेश विशेष

अखिलेश की रथयात्रा का तीसरा दौर

मायावती सरकार पर हमले जारी
प्रदीप कपूर - 2011-09-30 13:13 UTC
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की समाजवादी क्रांति रथयात्रा अपने तीसरे दौर में है। इस दौर की यात्रा को भी अच्छा जनसमर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि तीसरे दौर की यात्रा 28 सितंबर को लखनऊ में शुरू हुर्इ थी।

ममता बनर्जी की एक और जीत

वाम मोर्चा को एक और झटका
आशीष बिश्वास - 2011-09-29 12:39 UTC
कोलकाता: बुधवार का दिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए दो कारणों से एक यादगार दिन बन गया। इस दिन उनकी पार्टी को विधानसभा के दो उपचुनावों में जीत मिली और इसी दिन कोलकाता उच्च न्यायालय ने सिंगूर की टाटा जमीन के अधिग्रहण पर बनाए गए कानून को सही करार दिया।

फिर वापस आ रहा है 2008 का संकट

क्या बाजार की अर्थव्यस्था अंतिम सांस ले रही है
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-09-28 12:13 UTC
अमेरिका के हाउसिंग सेक्टर में हो रहे घोटाले के कारण 2008 का जो भारी संकट दुनिया के सामने आया था, वह पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। उस संकट के समय उसके समाधान के जो उपाय किए गए थे, उनसे कुछ नर्इ समस्याएं पैदा हो गर्इ हैं और वे समस्या एक और बड़े संकट का रूप ले रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपनी सालाना बैठक में उस संकट की ओर अपनी अंगुली उठा दी है।
उत्तर प्रदेश विशेष

राहुल गांधी के मिशन 2012 की सफलता आसान नहीं

कांग्रेस के सामने है मुश्किलों का पहाड़
प्रदीप कपूर - 2011-09-28 12:08 UTC
लखनऊ: वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के आपसी झगड़ों ने राहुल गांधी के मिशन 2012 की तैयारियों में बांधाएं डालनी शुरू कर दी हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रमोद तिवारी और उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्षा रीता बहुगुणा जोशी के झगड़े किसी से छिपे नहीं हैं।
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