भारत का आर्थिक दु:स्वप्न
महंगाई की फांस में उलझ गयी है विकास दर
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2011-10-05 12:39 UTC
आज अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक माहौल ही नहीं, खुद भारत का आंतरिक माहौल भी बहुत अच्छा नहीं है। आर्थिक और गैर आर्थिक दोनों किस्म के माहौल विकास की हमारी कोशिशों के खिलाफ खड़े दिखार्इ पड़ रहे हैं। आर्थिक माहौल की बात करें, तो मुद्रास्फीति एक बहुत बड़ी चुनौती बनकर हमारे सामने खड़ी है। महंगार्इ की आम दर तो अपने आपमें ज्यादा है ही, खाध वस्तुओं की मुद्रास्फीति भी लगातार ऊंची बनी हुर्इ है। यह अभी भी दहार्इ अंकों के आसपास है। पिछले साल तो यह 18 फीसदी के आसपास थी। सहज अंदाज लगाया जा सकता है कि 18 फीसदी के बेस पर वर्तमान 9 से 10 फीसदी की खाध मुद्रास्फीति दर देश के आम लोगों के लिए कितना जानलेवा साबित हो रही होगी।