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भारत

पोलियो उन्मूलन के लिए आपात प्रतिक्रिया प्रणाली तैयार

विशेष संवाददाता - 2011-10-24 12:30 UTC
नई दिल्ली: देश में इस वर्ष अब तक पोलियो का केवल एक मामला सामने आया है जो पोलियो उन्मूलन के लिए शुरु किए गए प्रयासों के बाद से पोलियो मुक्ति का सर्वाधिक दीर्घकालिक दौर है। इस वर्ष पोलियो के एकमात्र मामले की सूचना 13 जनवरी 2011 को पश्चिम बंगाल के हावडा से प्राप्त हुई है, जबकि 2010 में इसी अवधि के दौरान 39 मामले प्रकाश में आए थे।

केरल की राजनीति पतन की ओर

मुख्यमंत्री ने स्पीकर के अधिकारों को भी धता बताया
पी श्रीकुमारन - 2011-10-22 19:14 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल की राजनीति में एक के बाद एक अभूतपूर्व घटनाएं घट रही हैं। इन घटनाओं से खासकर सत्तारूढ़ मोर्वे की छवि को झटका लग रहा है और खुद मुख्यमंत्री ओमन चांडी की प्रतिष्ठा भी धूमिल हो रही है। विप़क्षी मोर्चा के नेता भी कभी कभी ऐसी हरकतें करते हैं, जिनके कारण उन्हें बाद में खेद व्यक्त करना पड़ता है।

अखिलेश यादव की साइकिल यात्रा

नोएडा से आगरा के बीच हजारों का हुजूम
प्रदीप कपूर - 2011-10-22 19:12 UTC
लखनऊः साइकिल पर सवार होकर सैंकड़ों युवा कार्यकत्र्ताओं के साथ जुलूस निकालकर समावादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य के लोगों के विश्वास को जीतने में सफलता पाई है।

कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी

उपचुनावों के नतीजों को हल्केपन से लेना आत्मघाती होगा
कल्याणी शंकर - 2011-10-21 11:28 UTC
पिछले दिनों संपन्न हुए उपचुनावों में कांग्रेस और उसकी एक सहयोगी पार्टी की करारी हार हुई है। ये नतीजे देश की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी के लिए खतरे की घंटी है। इससे साफ पता चलता है कि देश के लोगों का कांग्रेस से मोह भंग होता जा रहा है। अन्ना हजारे के आंदोलन के कारण कांग्रेस बदनाम हो रही है। रोज रोज आ रही भ्रष्टाचार खबरें, उनमें कांग्रेसी नेताओं की संलिप्तता की खबरें और उन पर प्रधानमंत्री व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के रवैये से देश की जनता उनके खिलाफ होती जा रही है। चुनावी नतीजों में कांग्रेस के खिलाफ लोगों की नाराजगी साफ दिखाई पड़ती है।

पशु प्‍लेग (रिन्‍डर पेस्‍ट) से भारत पूर्णत: मुक्‍त

खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्‍ति का अभियान शुरू
देवेन्‍द्र उपाध्‍याय - 2011-10-20 12:33 UTC
भारत और विश्‍वभर में लगभग दो शताब्‍दियों तक पशुओं के लिए महामारी बने पशु प्‍लेग से अब पूरी तरह मुक्‍ति मिल चुकी है। हालांकि भारत में पशु प्‍लेग (रिन्‍डर पेस्‍ट) से सन् 1995 में ही छुटकारा मिल गया था, लेकिन संयुक्‍त राष्‍ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने 28 जून, 2011 को रोम में अपने 37वें सम्‍मेलन में इसकी औपचारिक घोषणा की। पशु प्‍लेग के उन्‍मूलन की सफलता को यादगार बनाने के लिए खुरपका एवं मुंहपका रोग परियोजना निदेशालय, मुक्‍तेश्‍वर (नैनीताल) और भारतीय पशु चिकित्‍सा अनुसंधान संस्‍थान (आईवीआरआई), बरेली में स्‍मृति स्‍तंभों का निर्माण किया जायेगा।

मध्यप्रदेश में आडवाणी की यात्रा फीकी रही

गुटीय संधर्ष ने काम बिगाड़ा
एल एस हरदेनिया - 2011-10-20 12:28 UTC
लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा को मध्यप्रदेश में विफल नहीं कहा जाए, तो इसे सफल भी नहीं कहा जा सकता। यह बिना किसी झिझक के कहा जा सकता है कि मध्यप्रदेश में अपनी यात्रा से खुद लालकृष्ण आडवाणी भ्ज्ञी संतृष्ट नहीं रहे होंगे, जबकि यहां उनकी अपनी पार्टी की ही सरकार है।
उत्तर प्रदेश विशेष

भाजपा की जनस्वाभिमान यात्रा

दो नेता हैं रथ पर सवार
प्रदीप कपूर - 2011-10-20 12:24 UTC
लखनऊः समाजवादी पार्टी की तरह भाजपा ने भी यात्रा की शुरुआत की है। उस यात्रा का उसने नाम रखा है- जनस्वाभिमान यात्रा। उसने यह यात्रा इस उम्मीद से शुरू की है ताकि कोई चमत्कार हो जाए और उस चमत्कार का लाभ उसे आगामी विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में मिले।

अन्ना के ग्रामीणों का अपमान

आखिर क्या चाहते हैं राहुल गांधी?
उपेन्द्र प्रसाद - 2011-10-19 20:26 UTC
अन्ना के गांव के सरपंच के साथ राहुल गांधी ने जो कुछ किया, उससे प्रधानमंत्री पद के भावी दावेदार के बारे में लोगों की छवि खराब ही हुई है। राहुल गांधी अपनी छवि एक ऐसे नेता के रूप में बना रहे थे, जो तमाम सुरक्षा घेरों के बावजूद ग्रामीणो और खासकर दलितों के साथ बैठकर खाना खाता है, उनकी सुनता और उनके घर पर ही सोता है, लेकिन जो कुछ भी उन्होंने रालेगन सिद्धी के ग्रामीणों के साथ किया, उससे यही संदेश गया है कि वे ग्रामीणों के साथ अपनी ही शर्तों पर मिला करते हैं। वे जब चाहें, किसी ग्रामीण के घर पर जा पहुंचें, लेकिन जब कोई ग्रामीण उनसे मिलने आता है, तो उसके लिए उनके पास कोई समय नहीं है।

पंजाब में अब एक तीसरा मोर्चा

भाजपा का आधार कमजोर हुआ है
बी के चम - 2011-10-18 18:21 UTC
पंजाब विधानसभा के आमचुनाव आगामी फरवरी महीने में हो सकते हैं। चुनावों को देखते हुए राज्य की राजनैतिक गतिविधियां तेज हो गई है। मुख्य मुकाबला तो सत्तारूढ़ अकाली दल और भाजपा गठबंधन के बीच होना है, लेकिन राजनैतिक माहौल को थोड़ा दिलचस्प बनाते हुए एक तीसरा मोर्चा भी असितत्व में आ गया है।
भारत

उत्कृष्टता से भी आगे एक बल: आईटीबीपी

पीआईबी - 2011-10-17 17:51 UTC
भारत-चीन संघर्ष के उपरांत देश की उत्तरी सीमाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 24 अक्टूबर 1962 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपीएफ) का गठन किया गया। आईटीबीपी की शुरुआत केवल चार पलटनों के एक छोटे से दल के रुप में हुई जो अब 45 सेवा पलटनों और चार विशेषीकृत पलटनों का वृहत रुप ले चुका है। इस महीने यह बल अपने गठन के स्वर्ण जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आईटीबीपी का मुख्य कार्य भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा और रखवाली करना, सीमा की जनता को सुरक्षा की भावना प्रदान करना, महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों का निर्वहन और आपदा प्रबंधन आदि करना है।