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उत्तर प्रदेश में नौकरशाही का राजनीतिकरण

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सबसे ज्यादा मुखर
प्रदीप कपूर - 2010-08-07 11:00 UTC
लखनऊः मायावती सरकार में नौकरशाही का राजनीतिकरण एक राजनैतिक मुद्दा बनता जा रहा है। सभी विपक्षी पार्टियां मांग कर रही हैं कि इलाहाबाद के जिलाधिकारी को उनके पद से हटाया जाय, क्योंकि वे बसपा के एजेंट के रूप मे काम कर रहे हैं।

मघ्यप्रदेश में हिंदुत्वकरण का जोर

खेती करने के लिए शुभ समय का दिशानिर्देश जारी किया गया
एल एस हरदेनिया - 2010-08-02 10:31 UTC
भोपालः मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार प्रशासन के हिन्दुत्वकरण का शायद कोई ही अवसर गंवाना चाहती है। हिन्दुत्वकरण का उसका एक तरीका तो यह है कि सरकारी योजनाओं का नामकरण वह हिन्दु देवी देवताओं और कर्मकांडों के आधार पर करती है। इसके कारण राज्य के जल संरक्षण कार्यक्रम का नाम रखा गया है जलाभिषेक। उसी तरह लड़कियों के कल्याण के लिए चल रही एक योजना का नाम रखा गया है लाड़ली लक्ष्मी। ग्रामीण विकास की एक योजना का नाम रखा गया है गोकुल ग्राम। गरीब परिवार की लड़कियों की शादी के समय सहायता की एक योजना का नाम रखा गया है कन्यादान।

मूल्यवृद्धि के मसले को विपक्ष छोड़ेगा नहीं

सरकार की कोशिश विपक्ष को विभाजित करने की
कल्याणी शंकर - 2010-07-30 12:25 UTC
आखिर मुल्यवृद्धि के मसले पर विपक्ष चाहता क्या है? वह बढ़ती कीमतों के मसले पर हमेशा हंगामा करता रहा है, लेकिन उसके हंगामें का कोई असर होता नहीं है हालांकि सच यह भी है कि महंगाई के कारण जनता का हाल बेहाल है। दाल से लेकर तेल की कीमतें आसमाना छू रही हैं। दाल रोटी को गरीब का भोजन माना जाता था, लेकिन गरीबी रेखा से ऊपर के लोगों के लिए भी अब दाल रोटी का इंतजाम करना दूभर हो गया है।

सायनोबैक्टेरियोलॉजिस्ट मीनाक्षी: वैज्ञानिक शोध में जबर्दस्त योगदान

राजु कुमार - 2010-07-30 11:46 UTC
विज्ञान के क्षेत्र में रोज नई-नई खोज हो रही है। हमें यह जानकर खुशी होती है कि वैज्ञानिक खोज हमारे जीवन को ज्यादा सुगम, सहज बनाने के साथ-साथ प्रगति में भी सहयोगी होते हैं। वैज्ञानिक के रूप में बहुत ही कम महिलाओं को हम जानते हैं, पर कुछ ऐसी महिला वैज्ञानिक हैं, जिनके काम की बदौलत अलग-अलग क्षेत्रों में नए रहोस्याद्घाटन हो रहे हैं। विज्ञान की दुनिया में सायनोबैक्टेरियोलॉजिस्ट के नाम से अपनी पहचान कायम करने वाली भोपाल की प्रो. मीनाक्षी बैनर्जी का नाम भी उनमें से एक है।

संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होने की संभावना नहीं

एस एन वर्मा - 2010-07-29 13:10 UTC
नई दिल्ली। सांसद के दोनों सदनों में वर्तमान गतिरोध के हल होने का कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है। विपक्ष की एकता से सहमी सरकार सदन के अध्यक्ष के रूलिंग का हवाला दे कर अपने बचाव में लगी है। कांग्रेस ने यह कह कर आग में घी डाल दिया है कि विपक्ष गैर जिम्मेदारी की नई ऊंचाइयां नापने में लगा हुआ है, जबकि मुख्य विपक्षी दल बीजेपी महंगाई पर संसद में मत विभाजन वाले नियमों के तहत चर्चा कराने में असफल होने के बाद इस मामले की शिकायत आज राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से की और अपनी मांग के समर्थन में देश के विभिन्न प्रदेशों से 10 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर सौंपे।

अमित शाह के कारण मोदी को हो सकता है नुकसान

भाजपा नेतृत्व की चिंताओं का अंत नहीं
अमूल्य गांगुली - 2010-07-28 12:36 UTC
अमित शाह भाजपा के ऐसे तीसरे विधायक हैं, जिन्हें कानून की गिरफ्त में आना पड़ा है। दो अन्य विधायक हैं माया कोदनानी और मनोज प्रधान। माया कदनानी तो अमित शाह की तरह ही गुजरात में मंत्री थीं। मनोज प्रधान को उड़ीसा के कंधमाल में फेली हिंसा के लिए गिरफ्तार किया था। वे उड़ीसा विधानसभा के ही सदस्य थे।

केरल में आतंकवाद पर सरकार की नई पहल

कांग्रेस का रवैया स्पष्ट नहीं
पी श्रीकुमारन - 2010-07-26 12:29 UTC
तिरुअनंतपुरमः केरल की सरकार ने आतंकवाद की समस्या को हल करने के लिए कजस तेजी से काम किया है, उसके कारण इसे उन लोगों की प्रशंसा भी मिल रही है, जो आमतौर पर वाम दलों को देखकर नाक भौं सिकोड़ते हैं।

भारतीय रुपए की विकास यात्रा

मनीष देसाई - 2010-07-26 11:42 UTC
भारतीय रुपए के लिए 15 जुलाई, 2010 का दिन एक ऐतिहासिक दिन कहलाएगा। इसी दिन भारतीय रुपये को भी विष्व की अन्य प्रमुख मुद्राओं की भांति अलग पहचान मिली। डॉलर, यूरो, पौंड और येन की तरह अब रुपये को भी नया प्रतीक मिल गया है। रुपये का नया प्रतीक देवनागरी लिपि के "र' और रोमन लिपि के "आर' को मिला कर बना है। अभी तक रुपये की अभिव्यक्ति विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग संक्षिप्ताक्षरों में की जाती थी।

आर्थिक प्रगति के थोथे दावे हैं डा. मनमोहन सरकार

विजय कुमार मधु - 2010-07-24 11:44 UTC
राष्ट्रीय सलाहकार समिति की अध्यक्षा श्रीमति सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी की सेवा कर रहे हैं देश के प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ऐसा आशय का एहसास उन्होंने अपनी पत्रकार वार्ता में दे ही दे दिया है।

भारतीय जनता पार्टी में लालकृष्ण आडवाणी का वर्चस्व मजबूत

विशेष संवाददाता - 2010-07-24 11:36 UTC
अभी हाल ही में हुए राज्यसभा के द्विवर्षीय चुनावों में भाजपा के लिए जिन नामों की चर्चा हुई उसमें ज्यादातर आडवाणी भक्त ही थे। और आयतित सदस्यों को भी भाजपा की यदि टिकट दी गई तो उसमें केवल आडवाणी की ही मंजूरी से ही यह सब हुआ है। जहां कांग्रेस ने अपने ही नेता को निर्दलीय बना दिया वहीं भाजपा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अपना उम्मीदवार बनाकर सभी राजनैतिक विश्लेषकों को चौंका दिया।