क्या शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का आवाज बन पाएगी 'छात्रों की गूंज'
परीक्षा की निष्पक्षता, छात्रों का भविष्य और जवाबदेही का सवाल
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2026-07-02 02:05 UTC
देश की शिक्षा व्यवस्था आज केवल संसाधनों, पाठ्यक्रम या संस्थानों की चुनौतियों से नहीं जूझ रही है। सबसे बड़ा संकट उस भरोसे का है, जिसके आधार पर करोड़ों छात्र और उनके परिवार वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। जब बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, परिणामों पर विवाद और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो सवाल केवल किसी एक परीक्षा का नहीं रह जाता। यह उस पूरी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न बन जाता है, जिस पर युवाओं का भविष्य टिका हुआ है।