7 फरवरी जन्मदिवस पर विशेष
अहिंसा, सेवा और युवा चेतना का राष्ट्रवादी आदर्श थे सुब्बाराव
राष्ट्र-भक्ति और गांधीवादी मूल्यों के प्रतीक सुब्बाराव "भाईजी"
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2026-02-06 11:28 UTC
मकान बना रहे दो राजमिस्त्रियों से एक ही प्रश्न पूछने पर मिले दो अलग-अलग उत्तर उनके दृष्टिकोण और कर्तव्यबोध को उजागर करते हैं। एक का कहना था—“परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी कर रहा हूँ”, जबकि दूसरे ने उत्तर दिया—“भारत माता की एक संतान के रहने के लिए भवन बना रहा हूँ।” प्रश्न केवल इतना था कि वे क्या कर रहे हैं। इस छोटे से उदाहरण के माध्यम से जीवन और राष्ट्र को देखने की व्यापक दृष्टि समझाने वाले व्यक्ति थे प्रख्यात गांधीवादी और सर्वोदयी नेता डॉ. एस.एन. सुब्बाराव, जिन्हें देशभर के युवा स्नेहपूर्वक ‘भाईजी’ कहकर संबोधित करते थे। उनका मानना था कि हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि हम भारत माता की संतान हैं और अपने हर छोटे-बड़े काम को राष्ट्र-प्रेम और जिम्मेदारी की भावना से जोड़कर देखना चाहिए।