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कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा उपकरणों की मदद से मरीजों का हो सकेगा सटीक उपचार: केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

एस एन वर्मा - 2026-02-21 15:49 UTC
नई दिल्ली। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन और परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से विकसित उपकरण अब चिकित्सा जांच में व्यक्तिगत अनुमान या जांच परिणामों में अंतर को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे मरीजों को अधिक सटीक और स्पष्ट उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने में मोदी ने सही कदम उठाया, पर बहुत कठिन है डगर

जमात में आ गयी है नई जान, दोनों देशों के रिश्तों में उसकी निर्णायक भूमिका होगी
नित्य चक्रवर्ती - 2026-02-21 11:32 UTC
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को व्यक्तिगत संदेश भेजकर सही कदम उठाया है, जिसमें उन्होंने कहा कि “आपकी जीत बांग्लादेश के लोगों के आपके नेतृत्व पर दिखाए गए भरोसे और विश्वास का सुबूत है और देश को शांति, स्थिरता और खुशहाली के रास्ते पर आगे ले जाने के आपकी दृष्टि के लिए उनका जनादेश है।” यह जनादेश की वैधता और दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने में बीएनपी की अगुवाई वाली सरकार के नए प्रधान मंत्री की भूमिका पर बांग्लादेशियों के भरोसे का एक तरह से समर्थन है।

आखिरकार, एकता लाने की कोशिश कर रहा है ट्रांसअटलांटिक अलायंस

यूरोपीय नेता अमेरिका से घबराए हुए हैं और रिश्ते सुधारने के लिए तैयार भी
अंजन रॉय - 2026-02-20 11:12 UTC
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का दावोस में दुनिया के नेताओं, राजनीतिक और कॉर्पोरेट, दोनों की मुलाकात, एक जाना-माना इवेंट बन गया। हालांकि, पिछले हफ्ते एक और भी ज़रूरी और निश्चित रूप से बहुत प्रतिष्ठित मीटिंग हुई। यह म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस (एमएससी) है जो 13 से 15 फरवरी को इसी नाम के जर्मन शहर में हुई।

असम में भाजपा का बहुत बड़ा दांव, बेलगाम अनैतिकता की राजनीति का सहारा

राज्य में एसआईआर को रोकने के बाद, विपक्षी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश
डॉ. ज्ञान पाठक - 2026-02-19 11:08 UTC
अप्रैल-मई में होने वाले राज्यों के चुनाव में से असम अकेला ऐसा राज्य है, जहां भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सत्ता में है, जबकि बाकी चार – पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी – में उसे अपनी मौजूदगी बढ़ाने की उम्मीद है। सिर्फ़ पश्चिम बंगाल में ही अत्यधिक उपलब्धि हासिल करने की उम्मीद रखती है और वह खुले तौर पर मुख्य मंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी को सत्ता से बाहर करने का दावा कर रही है। ज़ाहिर है, भाजपा का सबसे बड़ा दांव असम में है, जिसकी वजह से पार्टी को राज्य में बेलगाम अनैतिकता की राजनीति का सहारा लेना पड़ रहा है।

छह दशक पुरानी है वी डी सावरकर को भारत रत्न देने की मांग

इस साल आखिरकार कोई फैसला ले सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
कल्याणी शंकर - 2026-02-18 11:52 UTC
हिंदू विचारक विनायक दामोदर सावरकर, संक्षेप में वी डी सावरकर, को भारत रत्न देने की मांग ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक बहस को फिर से शुरू कर दिया है, जिसमें उनके विचारों, विश्वासों और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भूमिका को लेकर गहरे मतभेदों को उजागर किया गया है।

मध्यप्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 : बच्चों के विकास के सवाल

बाल विकास और संरक्षण : आंकड़ों के बीच छिपे संकेत
राजु कुमार - 2026-02-17 13:18 UTC
आर्थिक सर्वेक्षण किसी भी राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आईना होता है। यह सिर्फ विकास दर, निवेश और उत्पादन के आंकड़े नहीं देता, बल्कि यह भी बताता है कि राज्य का नजरिया क्या है और वह अपने भविष्य को किस दिशा में ले जाना चाहता है। कृषि, उद्योग और अधोसंरचना के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र को कितना महत्व दिया जा रहा है, यह भी इसी दस्तावेज़ से समझ आता है। मध्यप्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 सामने आ चुका है। यदि सामाजिक विकास के दृष्टिकोण से बाल विकास एवं संरक्षण के हिस्से को ध्यान से देखें, तो साफ दिखता है कि ढांचे का विस्तार हुआ है, लेकिन कवरेज, परिणाम और आंकड़ों की प्रवृत्तियों को लेकर कुछ गंभीर सवाल अब भी मौजूद हैं।

लक्षद्वीप में संप्रभुता और सतत विकास के बीच संतुलन

अगत्ती में विस्तार पर पुनर्विचार की जरूरत
राजु कुमार - 2026-02-17 11:34 UTC
लक्षद्वीप के सबसे छोटे आबाद द्वीपों में से एक अगत्ती इन दिनों एक गंभीर नीतिगत मसले के केंद्र में है। जनवरी 2026 में लक्षद्वीप प्रशासन द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचनाओं के अनुसार तीन अलग-अलग उद्देश्यों के लिए भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है—पर्यटन एवं अन्य सार्वजनिक विकास कार्यों के लिए 1,01,020 वर्ग मीटर, सिटी सेंटर परियोजना के लिए 1,908 वर्ग मीटर, तथा भारतीय वायुसेना के फॉरवर्ड/फील्ड बेस सपोर्ट यूनिट (एफबीएसयू) की स्थापना के लिए 1,52,760 वर्ग मीटर। इन सबको मिलाकर कुल 2,55,688 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। लगभग 2.70 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले इस छोटे से द्वीप के संदर्भ में यह कुल भूमि का लगभग आठ से नौ प्रतिशत हिस्सा बनता है। घनी आबादी, सीमित कृषि योग्य भूमि और नाजुक पारिस्थितिकी वाले एक प्रवाल (कोरल) द्वीप के लिए यह आंकड़ा मामूली नहीं माना जा सकता।

दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों पर चलने का दावा खो चुकी है भाजपा

सत्ता पर कब्जा करने के लिए भाजपा ने अनेक अवसरवादी तरीके अपनाए
एल. एस. हरदेनिया - 2026-02-17 11:23 UTC
इस समय भारतीय जनता पार्टी दीनदयाल उपाध्याय की जयंती मना रही है। दीनदयाल उपाध्याय भाजपा के उन नेताओं में से हैं जिन्होंने भाजपा का पूर्वअवतार जनसंघ की स्थापना की थी। बाद में जनसंघ ने भारतीय जनता पार्टी बनाई परंतु भाजपा ने दीनदयाल उपाध्याय को ही अपना सर्वश्रेष्ठ प्रेरणा का स्रोत माना और जब तक वे जीते रहे तब तक जनसंघ उनके द्वारा बताए गए आदर्शों पर चलती रही। परंतु कुछ समय के बाद भाजपा ने दीनदयाल जी के बताए हुए सिद्धांतों पर अमल करना काफी हद तक छोड़ दिया और अनेक अवसरवादी तरीकों को अपनाकर सत्ता पर कब्जा किया।

आयातित विदेशी हथियारों पर भारत की निर्भरता चिंता की बात

देश को उच्चस्तरीय रक्षा उत्पादन में बड़ा निवेश करना चाहिए
नन्तू बनर्जी - 2026-02-17 11:01 UTC
भारतीय रक्षा मंत्रालय की फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट खरीदने की नई मंज़ूरी से ज़्यादा उत्साहित होने की कोई बात नहीं है, जिसकी कीमत 3.25 लाख करोड़ रुपये (लगभग 40 अरब डॉलर) है, जिसे 'सभी डिफेंस डील्स की सबसे बड़ी डील' कहा जा रहा है। यह बड़ी चिंता की बात है कि देश की आज़ादी के 78 साल बाद भी, यूक्रेन की तरह भारत को भी अपनी आज़ादी की रक्षा के लिए आयातित हथियारों पर निर्भर रहना पड़ता है – फ्रांस से राफेल, संयुक्त राज्य अमेरिका से पोसाइडन जेट, और रूस से एस-400 ट्रायम्फ जैसे कई दूसरे हथियार। यहां तक कि उन क्षेत्रों जहां भारत विदेशी सहयोग से रक्षा उपकरण बना रहा है, में भी देश अभी भी विदेशी सबसिस्टम पर बहुत ज़्यादा निर्भर है।

निवेश, कृषि और महिला सशक्तीकरण: वादों की निरंतरता

हंगामे के साथ शुरू हुआ मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र
राजु कुमार - 2026-02-16 11:38 UTC
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। इस बार प्रदेश में कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनको लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। अमानक कफ सिरप से बच्चों की मौत हो या फिर दूषित पानी से इंदौर में हुई मौत का मामला हो, विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। सरकार इस वर्ष ‘किसान कल्याण वर्ष’ मना रही है, लेकिन प्रदेश में समर्थन मूल्य, फसल बीमा भुगतान और प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान जैसे सवाल अभी भी मौजूद हैं। यदि विपक्ष इन मुद्दों को ठोस तथ्यों के साथ उठाता है तो वह अपनी कमजोर होती राजनीतिक छवि से बाहर निकल सकता है। सत्र के पहले दिन ही राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर हंगामा किया, जिससे यह संकेत मिल गया कि यह सत्र केवल औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से टकरावपूर्ण होने वाला है।