दिल्ली शिखर सम्मेलन में भारत-रूस संबधों में नया रणनीतिगत बदलाव देखने को मिलेगा
तीन-तरफ़ा सहयोग के हिसाब से खनिज तेल का भारतीय आयात अब कोई रुकावट नहीं
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2025-12-01 10:40 UTC
राजनीतिक इरादे और आर्थिक व्यावहारिक सोच का बढ़ता मेल भारत-रूस रिश्ते को नई रफ़्तार दे रहा है, जिससे नई दिल्ली में होने वाला शिखर सम्मेलन एक ऐसी भागीदारी में एक अहम पल बन रहा है जिसने पहले ही दशकों के भूराजनीतिक बदलावों को झेला है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दौरा, जिसे 'स्पेशल और प्रिविलेज्ड पार्टनरशिप' (विशेष और तरजीही भागीदारी) की शब्दावली में बताया गया है, दोनों तरफ़ से एक ऐसे एजंडा को आगे बढ़ाने की इच्छा का संकेत देता है जो अब पहले की रुकावटों तक सीमित नहीं है और अब सिर्फ़ पुरानी मजबूरियों से बना नहीं है।