भाजपा की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं चिराग
अतिशय विश्वास नीतीश को पड़ सकता है भारी
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2020-10-05 11:00 UTC
बिहार में इतिहास दुहराया जा रहा है। 2005 में केन्द्र में यूपीए की सरकार थी। उसमें रामविलास पासवान और लालू यादव मंत्री थे। उसी साल बिहार में विधानसभा के चुनाव हुए। तब चुनाव में लालू यादव का राजद और यूपीए का नेतृत्व कर रही कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़े, लेकिन केन्द्र में यूपीए सरकार का हिस्सा होने के बावजूद रामविलास पासवान अलग होकर लड़े। अब 2020 में केन्द्र में नीतीश कुमार और रामविलास पासवान एनडीए का हिस्सा हैं। बिहार में विधानसभा का चुनाव हो रहे हैं। एनडीए का नेतृत्व करने वाली भारतीय जनता पार्टी और नीतीश का जदयू मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और रामविलास पासवान की पार्टी अलग से चुनाव लड़ रही है। उस समय चुनाव प्रचार के दौरान और उसके पहले से ही रामविलास पासवान बिहार को जंगल राज कहते थे और लालू यादव की आलोचना में कोई कसर नहीं छोड़ते थे। आज उनका बेटा चिराग पासवान भी नीतीश कुमार की आलोचना में किसी प्रकार की कसर नहीं छोड़ रहे हैं।