सोवियत संघ के विघटन के बाद नाटो को भंग कर दिया जाना चाहिए था
सारे फसाद की जड़ नाटो ही है
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2022-02-25 10:53 UTC
यूक्रेन पर रूस के हमले का तात्कालिक कारण नाटो से जुड़ा हुआ है। यूक्रेन धीरे धीरे नाटो के प्रभाव में जा रहा था और उसके इस संस्था के सदस्य बनने की प्रबल संभावना थी। न तो यूक्रेन ने कभी इस बात का खंडन किया कि नाटो का सदस्य बनने जा रहा है और न ही नाटो ने कभी कहा कि यूक्रेन उसका सदस्य नहीं बनने वाला। रूस बस यही चाहता था कि यूक्रेन नाटो का सदस्य नहीं बने। उसने ऐसी प्रतिबद्धता व्यक्त करने से मना कर दिया। उधर नाटो ने भी कहने से मना कर दिया कि वह यूक्रेन का अपना सदस्य नहीं बनाएगा।