नेशनल हेराल्ड का मामला: ऊंचाई से खाई तक
- 2015-12-21 11:33 UTCनेशलन हेराल्ड आजादी की लड़ाई का बच्चा था। इसे जवाहरलाल नेहरू ने शुरू किया था। यह लखनऊ में 1938 में शुरू हुआ था। इसका दिल्ली संस्करण 1963 से प्रकाशित होना शुरू हुआ था। आजादी की लड़ाई के दौरान जवाहरलाल नेहरू खुद इसके लिए रिपोर्ट लिखते थे। कृष्ण मेनन इसके लंदन संवाददाता थे। 1942 में महात्मा गांधी ने कहा था कि नेशनल हेराल्ड अपने आपमें एक संस्थान था। 1938 से 1942 तक यह बहुत ही खतरनाक परिस्थितियों में काम करता रहा। आजादी की लड़ाई से संबंधित कोई भी खबर छापने के लिए यह हमेशा तैयार रहता था। इसके कारण कई बार इस पर दंड लगाया जाता था। यह दंड चुका भी देता था। अनेक बार इसके द्वारा दी गई सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाती थी। इसे अपना संपादकीय तक छपने के पहले अथाॅरिटी को सौंपने के लिए कहा जाता था, लेकिन इसने हमेशा इसे अस्वीकार कर दिया।