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भारत: मध्य प्रदेश

आदिवासी बहुल इलाकों में कमजोर हुए शिवराज

रतलाम लोकसभा सीट पर हार से भाजपा को झटका
राजु कुमार - 2015-11-25 18:50 UTC
भोपाल। मध्यप्रदेश के रतलाम लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया ने भाजपा उम्मीदवार निर्मला भूरिया को शिकस्त देते हुए 88 हजार 832 मतों से विजय हासिल की है। कांग्रेस को मिली जीत ने भाजपा के साथ-साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की आदिवासी इलाकों में कमजोर होती पकड़ की ओर इशारा किया है। भाजपा द्वारा पूरी ताकत लगा देने, मंत्रियों एवं भाजपा विधायकों के जमावड़ा और मुख्यमंत्री चैहान द्वारा दर्जनों सभाओं के बावजूद मिली हार ने भाजपा को निराश कर दिया है।

चुनाव के बाद म्यान्मार में समस्याएं ही समस्याएं

भारत को उसके साथ रिश्ते को लेकर सतर्क रहना होगा
बरुण दास गुप्ता - 2015-11-25 18:47 UTC
कोलकाताः म्यान्मार में हुए चुनाव में अंग सन सू की की नेशनल लीग फाॅर डेमोक्रेसी की जीत हुई। सैनिक शासकों ने भी एक पार्टी बना रखी थी और उस पार्टी की जबर्दस्त हार हुई। संसद के नीचले सदन प्रतिनिधि सभा में 330 चुनावी सीटें हैं। उनमें 225 पर अंग की पार्टी का कब्जा हो गया और सैनिक शासकों के हाथों सिर्फ 25 सीटें ही आईं। ऊपरी सदन में अंग की पार्टी को कुल 224 में से 136 में जीत मिली और सैनिक शासकों की पार्टी को मात्र 12 सीटें ही मिलीं।

लालू और केजरीवाल के गले मिलने पर राजनीतिक तूफान

क्या दिल्ली की जनता पर इसका असर पड़ता है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-11-24 11:42 UTC
नई दिल्लीः दिल्ली प्रदेश भाजपा ने पटना मे नीतीश सरकार के शपथग्रहण के दौरान केजरीवाल और लालू के गले मिलने को एक राजनैतिक मुद्दा बना दिया है। यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि जब लोगों से जुड़े अनेक मसले मौजूद हैं, तो फिर एक फालतू बहस को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारत: केरल

विधानसभा चुनाव के पहले वामपंथियों के हौसले बुलंद

कांग्रेस के नेतृत्व वाले मोर्चे में असंतोष और मायूसी
पी श्रीकुमारन - 2015-11-23 11:53 UTC
तिरुअनंतपुरमः पिछले दिनों हुए स्थानीय निकायों के चुनावों में मिली हार से कांग्रेस और उसके नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट लगातार आहत महसूस कर रहा है।

मोदी सरकार को नतीजे दिखाने ही होंगे

कौशल विकास को युद्ध स्तर पर लेना होगा
अशोक बी शर्मा - 2015-11-21 10:42 UTC
बिहार चुनाव में भाजपा की हार का एक कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अच्छे दिन लाने के वायदों को पूरा करने में विफल रहना है। पिछले लोकसभा चुनाव में देश के लोगों ने नरेन्द्र मोदी को बहुमत इसलिए दिया था, ताकि वे उनकी समस्याओं को दूर कर सकें। लेकिन उनकी आशा पूरी नहीं हुई। इसके कारण मोदी लहर शांत होने लगी। उन्होंने विकास के लिए एक से बड़े एक कार्यक्रम शुरू किए। उनके एक से आकर्षक एक नाम दिए गए। एक नाम दिया गया ’मेक इन इंडिया’, दूसरे का नाम दिया गया ’डिजिटल इंडिया’, तीसरे का नाम दिया गया ’स्वच्छ भारत अभियान’ और इसके अलावे कुछ अन्य कार्यक्रमों को भी बहुत ही आकर्षक नाम दिए गए। लेकिन इन सब कार्यक्रमों को सफल होने और उनके नतीजे आने में लंबा समय लगता है और लोगों को तत्काल नतीजे चाहिए। मोदी सरकार जो कार्यक्रम चला रही है और जो कार्यक्रम चलाना चाहती है, उनके लिए भारी पैमाने पर देशी और विदेशी निवेश चाहिए। परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाने के लिए सरलीकरण का सहारा लिया गया। अनेक प्रक्रियाओं को आसान कर दिया गया। इसके कारण मोदी सरकार को कार्पोरेट घरानों का सहयोगी घोषित किया जाने लगा। मोदी सरकार पर इस तरह के आरोप तो लगे, लेकिन रोजगार सृजन के जो वायदे उन्होंने किए थे, वे पूरे नहीं किए जा सके।

भाजपा को एक नई राजनैतिक रणनीति की जरूरत

संसद को चलने देने से रोकना गलत है
कल्याणी शंकर - 2015-11-20 11:35 UTC
विदेशी दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सामने समस्याओं का पहाड़ खड़ा है। संसद के आगामी सत्र का उन्हें सामना करना है और बिहार चुनाव के नतीजों का प्रभाव भी संसद के उस सत्र पर पड़ेगा। बिहार के चुनावी नतीजों से उत्साहित विपक्ष पूरे सत्र को ही मटियामेट कर सकता है। यदि बिहार में भारतीय जनता पार्टी की जीत हो जाती, तो इससे नरेन्द्र मोदी सरकार को मजबूती प्राप्त होती और वह संसद में बहुत दिनों से लंबित पड़े विधेयकों को पास करवाने की कोशिश कामयाबी के साथ करती।

दिल्ली में बन रहा है जनलोकपाल

क्या केन्द्र फिर डालेगा अडंगा?
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-11-19 12:16 UTC
नई दिल्लीः दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक बार फिर लोकपाल विधेयक तैयार किया है। उस विधेयक को विधानसभा में पेश और पास किया जाना बाकी है। उसके पहले उपराज्यपाल की अनुमति भी लेनी होगी, क्योंकि दिल्ली में जो व्यवस्था है, उसके अनुसार विधेयक को विधानसभा में पेश करने के पहले उपराज्यपाल की अनुमति लेनी होती है। उपराज्यपाल चाहें तो उस विधेयक को राष्ट्रपति के पास अनुमति लेने के लिए भेज सकते हैं। राष्ट्रपति के पास वह विधेयक केन्द्र सरकार के गृहमंत्रालय के मार्फत ही भेजा जाता है।

असम में भाजपा नेतृत्व संकट का कर रही है सामना

कांग्रेस कर रही है नये सहयोगी की खोज
बरुण दास गुप्ता - 2015-11-18 12:13 UTC
अगले साल देश के पांच राज्यों में विधानसभाओं के चुनाव होने हैं। वे राज्य है- तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल, पश्चिम बंगाल और असम। भारतीय जनता पार्टी की दृष्टि से पहले 4 राज्य महत्वपूर्ण नहीं हैं, क्योंकि उनमें से किसी मे भी उनका कोई राजनैतिक अस्तित्व उल्लेखनीय नहीं है। लेकिन असम की बात कुछ और है। वहां भारतीय जनता पार्टी एक बड़ी ताकत के रूप में उभर गई है और वह वहां अपनी सरकार बनाने का सपना देख सकती है।

कांग्रेस को बिहार जीत के बाद की रणनीति बनाना बाकी है

पार्टी के मामलों में राहुल का होगा दबदबा
अमूल्य गांगुली - 2015-11-18 12:11 UTC
130 साल पुरानी कांग्रेस पार्टी का व्यवहार 45 साल की उम्र के राहुल गांधी जैसा है। नरेन्द्र मोदी सरकार ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कुछ नीतियों की घोषणा की तो कांग्रेस की प्रतिक्रिया कुछ वैसी ही थी। जिस तरह से उसने भूमि अधिग्रहण कानून को संभव नहीं होने दिया, उसी तरह अ बवह इन घोषणाओ के खिलाफ काम करने के लिए कमर कसती दिखाई दे रही है। वह तो वस्तु सेवा कर पर लाए जा रहे विधेयक को रोकने की भी बात कर रही है।

भाजपा की हार की समीक्षा की जरूरत क्या है?

मोहन भागवत ने डुबाई है पार्टी की नैया
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-11-18 12:08 UTC
भारतीय जनता पार्टी के अंदर से मांग उठ रही है कि पार्टी हार की समीक्षा करे और इसके लिए जिम्मेदारी भी तय करे। लेकिन क्या वास्तव में हार की समीक्षा की जरूरत भी है? इसका कारण यह है कि पार्टी क्यों हारी, यह आईने की तरह साफ है।