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भारत

कौन नहीं है नेहरू के गुनहगार?

मरणोपरांत उन्हें खारिज किया जाने लगा
अनिल जैन - 2015-12-07 11:16 UTC
देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक असहमति जगजाहिर है। केंद्र में उसकी सरकार के शीर्ष नेता जब-जब भी इस असहमति का इजहार करते हैं तो कांग्रेस की तरफ से आपत्ति जताते हुए कहा जाता है कि मौजूदा सरकार नेहरू की शानदार विरासत को न सिर्फ नकारने का बल्कि उसे योजनाबद्ध तरीके से मिटाने का भी प्रयास कर रही है। लेकिन डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर संविधान के प्रति प्रतिबद्धता’ पर संसद में दो दिन की विशेष बहस के दौरान पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने और फिर बहस का समापन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आधुनिक भारत के निर्माण में और देश में लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने में जवाहरलाल नेहरू के योगदान की उदारतापूर्वक और अप्रत्याशित रूप से सराहना की है। अब नेहरू की इस सराहना ने कांग्रेस नेतृत्व को कितना संतुष्ट किया होगा, यह तो अभी नहीं कहा जा सकता लेकिन हकीकत यह है कि देश के पहले प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरू का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन होना अभी शेष है।
भारत

असहिष्णुता पर एक असहिष्णु बहस

असली मुद्दा उठा ही नहीं
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-12-05 10:57 UTC
पिछले दिनों असहिष्णुता पर लोकसभा में दो दिनों तक बहस चली। इस पर बहस देश भर में चल रही है और देश का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक मंच लोकसभा के सदन पर इसकी चर्चा न हो, यह कैसे हो सकता था। लेकिन बहस का स्तर इतना गिरा हुआ था कि पता ही नहीं चल रहा था कि उसमें भाग लेने वालों को असहिष्णुता शब्द का मतलब पता है भी नहीं।

वस्तु सेवा कर पर नहीं होनी चाहिए राजनीति

मोदी सरकार को कांग्रेस को संतुष्ट करना चाहिए
कल्याणी शंकर - 2015-12-04 10:53 UTC
वस्तु सेवा कर विधेयक को पारित करने के पीछे की राजनीति भी गजब है। इसे पारित कराने के लिए 2007 से ही कोशिश हो रही है, लेकिन यह विधेयक बार बार राजनीति का शिकार हो जाता है। जब केन्द्र में यूपीए की सरकार थी, तो वह उसे पास कराना चाहती थी और तब भाजपा उसका विरोध करती थी। अब भाजपा की सरकार केन्द्र में है और वह इसे पास कराना चाहती है, लेकिन अब यूपीए की नेता कांग्रेस इसका विरोध कर रही है।

भारत: मध्य प्रदेश

शिवराज चौहान सरकार के 10 साल

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा दिन मुख्यमंत्री रहने का बनाया रिकार्ड
एल एस हरदेनिया - 2015-12-03 09:31 UTC
भोपालः पिछले 29 नवंबर को शिवराज सिंह चौहान ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल का 10 साल पूरा कर लिया। यह श्रेय अबतक प्रदेश में किसी भी भाजपा के मुख्यमंत्री को नहीं मिला है। कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में अपना 10 साल जरूर पूरा किया है, लेकिन शिवराज सिंह ने उनसे ज्यादा दिन तक मुख्यमंत्री रहकर मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा दिन तक इस पद पर बने रहने का रिकाॅर्ड बना लिया है।
भारत: पंजाब

अकाली दल अनदेखी कर रहा है बवंडर को

कांग्रेस दे रही है बड़ी चुनौती
बी के चम - 2015-12-02 09:40 UTC
पिछले कुछ दिनों के दौरान पंजाब में घटी घटनाओं ने कुछ ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जो आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करेंगे। इस समय तो प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाला शिरोमणि अकाली ने रक्षा की आक्रामक नीति अपना रखी है। पर सवाल उठता है कि उसने पिछले दिनों जो राजनैतिक जमीन खोई है, क्या उसे फिर से वापस पा सकेगा? अकाली दल सत्ता विरोधी लहर का सामना कर रहा है। उसके प्रशासन से भी लोग नाखुश हैं। कुप्रशासन के कारण अकाली दल के अपने समर्थक असंतुष्ट हैं। सिख किसान अकाली दल के मुख्य आधार हैं और उस आधार में ही सरकार के खिलाफ आक्रोश देखा जा सकता है।
भारत: केरल

कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष के निर्णय की प्रतीक्षा

भीतरघात करने वाले नेताओं पर कार्रवाई की हो रही है मांग
पी श्रीकुमारन - 2015-12-01 18:12 UTC
तिरुअनंतपुरमः पिछले दिनों स्थानीय चुनावों में मिली हार के सदमे से अभी तक कांग्रेस निकली नहीं है। लेकिन सदमे के साथ साथ पार्टी बढ़ रहे कलह का भी शिकार हो रही है। अब कांग्रेस के कुछ नेता इस बात पर अड़ गए हैं कि स्थानीय चुनावों के दौरान जिन लोगों ने भीतरघात किया, उनके खिलाफ नेतृत्व कार्रवाई करे।

आईएसआईएस की चुनौती

नाटो को रूस के साथ सहयोग करना होगा
अशोक बी शर्मा - 2015-11-30 10:31 UTC
पेरिस में हुए आतंकवादी हमले ने आतंकवादियों को अच्छे आतंकवादी और बुरे आतंकवादी में विभाजन करने के खतरे को उजागर कर दिया है। इससे कोई फायदा तो हुआ नहीं है, उलटे इससे माहौल खराब ही हुआ है। इसके कारण कुछ को अच्छे आतंकवादी बताकर संरक्षण देने की जो परंपरा बनी हुई है, उससे निजात पाने की जरूरत पेरिस के आतंकी हमले ने रेखांकित कर दी है।

कब तक निभेगी लालू और नीतीश के बीच?

रामविलास की हताशा का जवाब नहीं
उपेन्द्र प्रसाद - 2015-11-30 10:28 UTC
केन्द्रीय खाद्यमंत्री बिहार के स्वयंघोषित दलित नेता रामविलास ने कहा है कि लालू और नीतीश साथ दो साल से ज्यादा नहीं चल पाएगा और उनका गठबंधन टूटने के साथ बिहार में विधानसभा का मध्यावधि चुनाव हो जाएगा। श्री पासवान कोई राजनैतिक विश्लेषक नहीं हैं, बल्कि खुद एक राजनीतिज्ञ हैं। इसलिए उनके द्वारा इस तरह का बयान अस्वाभाविक नहीं है। पिछले विधानसभा चुनाव में वे भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ रहे थे। उसमें उनकी पार्टी को 41 सीटें लड़ने को मिली थीं। 41 में मात्र दो ही उम्मीदवार जीत सके। यानी रामविलास पासवान वहां बुरी तरह पिटे। 2011 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लालू यादव के साथ गठबंधन किया था और तब उनकी पार्टी को 3 सीटें मिली थीं। जाहिर है, इस बार उनकी हालत और भी पतली रही। उन्होंने अपने दर्जन भर से ज्यादा परिवार जनों और रिश्तेदारों को पार्टी का उम्मीदवार बना दिया था। वे सभी के सभी पराजित हो गए। उन्होंने अपने भाई को दो विधानसभा क्षेत्रों से टिकट दिए थे। दोनों जगहों पर वे हार गए। उन पर आरोप लगे कि अपने परिवार और रिश्तेदार से बाहर उन्होंने पैसे लेकर टिकट दिए। अपराधियों को भी भारी संख्या में उन्होंने चुनाव मैदान में उतार दिया था। यानी जो कुछ राजनीति में गलत माना जाता है, सबकुछ उन्होंने किया।

मध्यप्रदेश में खेती एवं औद्योगिक सुधार के 10 साल

मुख्यमंत्री के रूप में शिवराज सिंह चौहान ने दी आर्थिक विकास को गति
विशेष संवाददाता - 2015-11-28 11:35 UTC
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रूप में 10 साल से ज्यादा के कार्यकाल का रिकाॅर्ड बना रहे शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में प्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया है। सड़क और बिजली के मुद्दे पर 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर भाजपा ने दो-तिहाई बहुमत हासिल किया था। सुश्री उमा भारती एवं बाबूलाल गौर के बाद 29 नवंबर 2005 को प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद शिवराज सिंह चौहान ने संभाला था। अब वे अपने कार्यकाल का 10 साल पूरा कर लिए हैं। इन 10 सालों में सामाजिक विकास की योजनाओं के साथ-साथ उनका जोर प्रदेश में कृषि एवं औद्योगिक विकास पर ज्यादा रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर किसान पुत्र की छवि भी बनाई है। लगातार कृषि कर्मण अवार्ड एवं प्रदेश में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट ने प्रदेश को आर्थिक विकास में आगे कर दिया है।
भारत: मध्य प्रदेश

शिवराज का 10 साल का राज

विशेष संवाददाता - 2015-11-28 11:31 UTC
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की राजनीति में सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री के रूप में एक नया कीर्तिमान बनाने जा रहे हैं। इसके पहले यह कीर्तिमान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के नाम था। 7 दिसंबर 1993 से 7 दिसंबर 2003 तक मुख्यमंत्री के पद रहते हुए प्रदेश में 10 साल एक दिन का शासन दिग्विजय सिंह ने किया था। कांग्रेसी एवं गैर कांग्रेसी किसी भी मुख्यमंत्री ने अब तक इतने लंबे समय के लिए मुख्यमंत्री के पद पर नहीं रह पाए थे। यहां तक कि कोई गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री ने 5 साल तक का कार्यकाल अलग-अलग समय में मुख्यमंत्री रहते हुए भी पूरा नहीं किया था। 29 नवंबर 2005 को बाबूलाल गौर के बाद मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चैहान अब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का रिकाॅर्ड तोड़ नया रिकाॅर्ड बना रहे हैं।