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प्रोन्नति में आरक्षण का सवाल

देश की राजनीति में एक नया बदलाव
उपेन्द्र प्रसाद - 2012-12-19 12:13 UTC
देश की दलित राजनीति के लिए 2012 का साल इस मायने में एक ऐतिहासिक साल रहा है कि पहली एससी/एसटी के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे किसी कदम का विरोध हुआ है। आजादी के बाद से जब कभी भी सरकार दलितों के कल्याण के लिए किसी भी प्रकार का नीतिगत निर्णय करती थी अथवा संविधान की धारा का संशोधन करती थी, तो उसके कदम पर राजनैतिक आमसहमति ही नहीं, बल्कि सर्व सहमति का माहौल रहता था। क्रियान्वयन के स्तर पर भले ही दलितों के साथ छल होता रहा हो, लेकिन नीतियो के स्तर पर उसके कल्याण के मामले में कभी भी हमारे राजनैतिक वर्ग में दो राय नहीं रही।

उत्तर प्रदेश में आरक्षण पर बवाल

मायावती ने माहौल गर्म करवा दिया
प्रदीप कपूर - 2012-12-18 13:25 UTC
लखनऊः उत्तर प्रदेश का तापमान आजकल बढ़ा हुआ है और राजनैतिक पार्टियां आरक्षण के मसले पर अपनी अपनी गतिविधियां तेज कर रही हैं। मामला अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनताति के सरकारी कर्मचारियों की प्रोन्नति में आरक्षण का है। इस राजनैतिक गर्मी के तहत प्रदेश की मुख्य पार्टियां 2014 के लोकसभा चुनावों की तैयारी में भी व्यस्त हैं।

और एक कूकी राज्य की मांग

क्या मणिपुर का विभाजन होगा?
बरुण दास गुप्ता - 2012-12-18 03:07 UTC
कोलकाताः पूर्वोत्तर की एक नई समस्या केन्द्र के ध्यान का इंतजार कर रही है। संसद के मानसून सत्र के बाद केन्द्र सरकार इस पर ध्यान देगी। यह समस्या है एक अलग कूकी राज्य की मांग की। तेलंगाना, विदर्भ, गोरखालैंड और बुंदेलखंड जैसे राज्यों की मांग के साथ एक और राज्य की मांग अब बढ़ गई है। मणिपुर को विभाजित कर इस राज्य के गठन की मांग की जा रही है।

राजनीतिक हिचकोलों का साक्षात्कार

अवधेश कुमार - 2012-12-15 11:29 UTC
बहुब्राण्डीय खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश पर दोनों सदनों में हुई बहस एवं मतदान का प्रसंग अब व्यापक चर्चा में नहीं है, लेकिन उसकी राजनीतिक प्रतिध्वनि आने वाले लंबे समय तक गूंजती रहेगी। इसलिए इसके राजनीतिक निहिताथों पर गहराई से विचार करना आवश्यक है।

क्या राहुल कांग्रेस को बचा पाएंगे?

इसका जवाब अभी आसान नहीं
कल्याणी शंकर - 2012-12-14 11:02 UTC
सभी राजनैतिक दलों ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए किलेबंदी करनी शुरू कर दी है। कांग्रेस तो बार बार कह रही थी कि आगामी लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। लेकिन अब पहली बार कांग्रेस ने यह कहा है आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का नेतृत्व राहुल गांधी ही करेंगे। उनकी मां सोनिया गांधी पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनके संरक्षक की भूमिका निभाएंगी।

स्‍वर्णिम रेशा – पटसन

विशेष संवाददाता - 2012-12-13 12:06 UTC
नई दिल्ली: पटसन भारत के कृषि और औद्योगिक अर्थव्‍यवस्‍था के सबसे पुराने क्षेत्रों में से एक है। भारत कच्‍चे पटसन और इससे तैयार माल का सबसे बड़ा उत्‍पादक देश है। वर्ष 2012-13 के दौरान पटसन क्षेत्र से निर्यात 38 करोड़ 30 लाख अमरीकी डॉलर मूल्‍य का था। इस वर्ष 50 करोड़ अमरीकी डॉलर मूल्‍य के निर्यात का लक्ष्‍य तय किया गया है। निर्यात की जाने वाली वस्‍तुओं में फर्श पर बिछाने की पटसन से बनीं दरी, वॉल हैंगिंग, सजावटी वस्‍त्र जैसी विभिन्‍न चीजें शामिल हैं।

मोदी ब्रिगेड में शामिल हुआ बच्चन परिवार

अमिताभ बच्चन का एक दयनीय चेहरा आया सामने
आंग्शुकांता चक्रबर्ती - 2012-12-13 11:38 UTC
एक साथ एक से ज्यादा राजनैतिक संबंध बनाने की कला कोई अमिताभ बच्चन से सीखे। आज उनका परिवार एक साथ ही एक दूसरे की परस्पर विरोधी पार्टियों के साथ मांच पर दिख रहा है और उसके बाद भी वह बहुत ही प्रसन्न है। गुजरात में हो रहे विधानसभा चुनाव में अमिताभ बच्चन की बहु ऐश्वर्या राय बच्चन ने नरेन्द्र मोदी के चुनावी ब्रिगेड में अपने को शामिल कर लिया है और मोदी के ’’ भव्य और दिव्य’’ गुजरात का गुणगान करने में वह व्यस्त हैं। वह बताती हैं कि नरेन्द्र मोदी का गुजरात उनको बिलकुल अपने घर जैसा ही लगता है।

किराना में विदेशी निवेश की अड़चनें

खराब निवेश माहौल में कैसे आएंगी विदेशी कंपनियां?
उपेन्द्र प्रसाद - 2012-12-12 11:44 UTC
किराना सेक्टर में विदेशी निवेश के लिए सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद इसे लोकसभा और राज्यसभा का विश्वासमत भी हासिल हो चुका है। अब सवाल उठता है कि क्या वालमार्ट, टेस्को और केरफोर जैसी बड़ी रीटेल कंपनियां भारत में अपनी दुकानें खोलने के लिए कूद पड़ेंगी और क्या हमारे देश के खुदरा दुकानदार, जिनकी संख्या करीब 4 करोड़ मानी जा रही है, बेरोजगारी का शिकार होने लगेंगे?

गुजरात में मोदी बनाम अन्य की लड़ाई

नतीजे तय करेंगे कि मोदी प्रधानमंत्री बन सकते हैं या नहीं
एल एस हरदेनिया - 2012-12-11 10:21 UTC
अपने 5 दिनों के गुरात दौरे के दौरान मैंने समाज के अनेक वर्गों के लोगों से बातें कीं। शिक्षक, डॉक्टर, व्यापारी, दुकानदार, ड्राइवर, सरकारी कर्मचारी, पत्रकार तथा अन्य अनेक पेशों में लगे लोगों से बात करते हुए गुजरात विधानसभा के हो रहे चुनाव का जायजा लेने की कोशिश की।

अर्थशास्त्र ने नहीं, बल्कि राजनीति ने कांग्रेस को बचाया

कमलनाथ ने निभाई मुख्य भूमिका
हरिहर स्वरूप - 2012-12-10 11:17 UTC
राजनीति इस मामले में विचित्र है कि यह एक दूसरे के विरोधियों को भी एक साथ ला खड़ा करती है। जब विदेशी किराना के मसले पर संसद के सदनों में बहस चल रही थी, तो यही देखने को मिला। वाम दल और भारतीय जनता पार्टी एक दूसरे के कट्टर विरोधी हैं, लेकिन इस मसले पर दोनों एक साथ थे। ममता बनर्जी अपने धुर विरोधी वामपंथी दलों के नेताओं को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही थीं। दूसरी तरफ एक दूसरे को देखना भी नहीं पसंद करने वाले मायावती और मुलायम एक मंच पर खड़े दिखाई दे रहे थे।