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आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 से मिले मौजूदा उथल-पुथल के बने रहने के संकेत

जीडीपी वृद्धि दर में और गिरावट से कई चुनौतियाँ आएंगी
डॉ. ज्ञान पाठक - 2025-02-01 10:41 UTC
आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 का मुख्य कथन यह है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.3 से 6.8 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है, जो अगले वित्त वर्ष में देश के लिए सुस्त आर्थिक स्थिति का संकेत देता है। चूंकि भारत की जीडीपी वृद्धि दर पहले ही 2023-24 में 8.2 प्रतिशत से घटकर चालू वित्त वर्ष 2024-25 में चार साल के निचले स्तर 6.4 प्रतिशत पर आ जाने की संभावना है, इसलिए देश के लिए आगे बहुत कठिन समय है।

आधुनिकीकरण और समुद्री सुरक्षा 2025-26 रक्षा बजट के मुख्य क्षेत्र होंगे

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा हथियारों के निर्माण के स्वदेशीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता
गिरीश लिंगन्ना - 2025-01-31 11:04 UTC
भारत 2025-26 के केंद्रीय बजट की प्रस्तुति का इंतजार कर रहा है, और रक्षा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। पिछले वर्ष रखी गयी नींव पर निर्माण को आगे बढ़ाते हुए, 2025-26 के बजट को आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण की गति को बनाये रखते हुए उभरती सुरक्षा चुनौतियों की जटिलताओं से पार पाने की आवश्यकता है। यह नाजुक संतुलन कार्य आने वाले वर्षों के लिए भारत की रक्षा क्षमताओं के प्रक्षेपवक्र को निर्धारित करेगा।

बजट 2025-26 के दो कामः मांग को बढ़ावा देना और अधिक नौकरियाँ पैदा करना

अति-धनवानों पर कर लगाकर गरीबों को अधिक धन देना ही एक मात्र उपाय
नित्य चक्रवर्ती - 2025-01-30 10:49 UTC
भारत सरकार 1 फरवरी 2025 को मोदी शासन के तीसरे कार्यकाल में अपना दूसरा बजट पेश करने वाली है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विघटनकारी व्यापार और टैरिफ कार्यक्रम के कारण व्यापार में वैश्विक अनिश्चितता के साथ-साथ जीडीपी वृद्धि में घरेलू मंदी का माहौल है।

दिल्ली में चुनाव प्रचार के आखिरी सप्ताह में बाजी पलटने के संकेत

पहले आक्रामक भाजपा रक्षात्मक हो गयी, अनजाने में ही जाल में फंसी
डॉ. ज्ञान पाठक - 2025-01-29 10:51 UTC
दिल्ली चुनाव प्रचार 5 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले 3 फरवरी को समाप्त होने वाले अंतिम सप्ताह में प्रवेश कर गया है। चुनाव प्रचार की शुरुआत में भाजपा आक्रामक और आप के राजनीतिक कथानक पर हावी दिख रही थी, लेकिन अब जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच रहा है, तो भाजपा रक्षात्मक हो गयी है और अनजाने में अपने ही राजनीतिक जाल में फंस गयी है।

2025 में अपनी गति खो रहा है भारत का आर्थिक विकास इंजन

आयात में वृद्धि, उत्पादन में कमी और खपत इसके प्रमुख कारण
नन्तू बनर्जी - 2025-01-28 10:47 UTC
चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रास्फीति समायोजन के बाद भारत की शुद्ध आर्थिक वृद्धि की जो दर शेष रह जायेगी वह भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक जैसी अन्तर्राष्ट्रीय एजंसियों द्वारा किये अनुमानों से काफी कम हो सकती है।

भाजपा और कांग्रेस में अम्बेडकर का बड़ा प्रशंसक होने की प्रतिस्पर्धा

डॉ अम्बेडकर के जन्म स्थान महू में दोनों ने की रैलियों का आयोजन
एल. एस. हरदेनिया - 2025-01-24 10:34 UTC
इस समय भारत एवं मध्य प्रदेश की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों – भाजपा एवं कांग्रेस में इस बात को सिद्ध करने की प्रतियोगिता चल रही है कि कौन डॉ. बी आर अम्बेडकर का बड़ा प्रशंसक है।

अमेरिकी राष्ट्रपति की अमेरिका फर्स्ट नीति भारत को कई तरह से प्रभावित करेगी

‘नया और बेहतर’ ट्रम्प के वैश्विक व्यापार व्यवस्था के लिए एक गंभीर खतरे
के रवींद्रन - 2025-01-23 11:42 UTC
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी ‘टैरिफ मैन’ छवि को स्थापित करने में कोई समय नहीं गंवाया, जिसका वे भरपूर आनंद लेते दिख रहे हैं। उनकी पहली घोषणाओं में से एक मेक्सिको और केनडा पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाना था। उनके बहुचर्चित अमेरिका फर्स्ट दृष्टिकोण का मतलब है कि यह एक विस्तृत सूची होगी, जिसमें चीन और यूरोपीय संघ के देश अगले निशाने पर होंगे। भारत भी इस सूची में प्रमुखता से शामिल था। कुल मिलाकर, उत्साहित ट्रम्प वैश्विक व्यापार को अस्थिर करने के लिए तैयार हैं, और यह भारत जैसे देशों के लिए अच्छी खबर नहीं है।

भारतीय कंपनियां क्यों कर रही हैं ड्यूटी के घंटे बढ़ाने की वकालत

कामगारों की उत्पादकता ज़्यादा महत्वपूर्ण न कि शिफ्ट की अवधि
अरुण श्रीवास्तव - 2025-01-22 10:30 UTC
कॉरपोरेट क्षेत्र काम के घंटों में वृद्धि और उनके श्रम के मूल्य से असंगत कम वेतन देने की वकालत कर रहा है, जो एक भयावह संदेश देता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के चरित्र में बदलाव आ रहा है और यह पूंजीवादी औद्योगिक संबंध की रूपरेखा प्राप्त करने के लिए पूर्ण चक्र में आ गया है।

भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को तत्काल गुणवत्ता सुधार की आवश्यकता

तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम होने के जश्न और दावे का समय नहीं
डॉ. ज्ञान पाठक - 2025-01-21 10:39 UTC
16 जनवरी, 2025 को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाया गया, जिसके बाद यह दावा किया गया कि 1.59 लाख से अधिक स्टार्टअप के साथ भारत ने अब खुद को दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में मजबूती से स्थापित कर लिया है। दावा संख्या के आधार पर किया गया था, जबकि गुणवत्ता के मामले में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम कहाँ खड़ा है? ग्लोबल स्टार्टअप इकोसिस्टम इंडेक्स रिपोर्ट 2024 के अनुसार सीढ़ी पर बहुत नीचे।

ट्रम्प शासन के शुरुआती दौर में भारतीय रुपये में गिरावट का खतरा वास्तविक

आरबीआई को वास्तविक बाजार स्थितियों के मद्देनजर समायोजन करना होगा
अंजन रॉय - 2025-01-20 10:59 UTC
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर में हाल ही में हुई अस्थिरता ने इस बात पर बहस को जन्म दिया है कि केंद्रीय बैंक को राष्ट्रीय मुद्रा के प्रगतिशील अवमूल्यन की स्थिति पर कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए। कुछ टिप्पणीकारों और रिपोर्टों के अनुसार, रुपया कुछ ही समय में 90 डॉलर के स्तर पर पहुंच सकता है।