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सुखबीर बादल के हाथ में कमान संभालने का मामला

अकाली दल की गुटबाजी से विलंब हो रहा है
बी के चम - 2010-11-16 15:16 UTC
चंडीगढ़ः प्रकाश सिंह बादल सरकार के 4 साल पूरे होने को हैं। एक साल के बाद पंजाब में विधानसभा का आमचुनाव होगा। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सिंह बादल उसके पहले अपनी कुर्सी पर अपने बेटे को बैठा देखना चाहेंगे, पर सुखबीर सिंह बादल के मुख्यमंत्री बनने का दिन लगातार आगे सरकता जा रहा है।

राजा का इस्तीफा - करुणानिधि के पास कोई विकल्प ही नहीं था

उपेन्द्र प्रसाद - 2010-11-14 16:52 UTC
केन्द्रीय संचार मंत्री ए राजा का आखिरकार अपने पद से इस्तीफा देना ही पड़ा। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस के प्रवक्ता जिस तरह से बयान दे रहे थे, उससे साफ जाहिर हो रहा था कि ए राजा का सरकार में बने रहना असभंव है। पहले तो कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा था कि यदि श्री राजा कांग्रेस के होते तो पार्टी उनसे इस्तीफा ले लेती, पर चूंकि वे एमडीएमके के हैं, इसलिए पार्टी उनको इस्तीफा देने का निर्देश नहीं दे सकती।

उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न की राजनीति

मायावती के साथ पुनिया का टकराव
प्रदीप कपूर - 2010-11-13 18:43 UTC
लखनऊः राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पी एल पुनिया द्वारा उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ दलित उत्पीड़न के खिलाफ मोर्चाबंदी को राज्य की राजनीति में बहुत महत्व मिल रहा है। श्री पुनिया का आरोप है कि राज्य में दलितों पर उत्पीड़न बढ़ा है और प्रशासन उनके उत्पीड़न को नजरअंदाज कर रहा है।

ओबामा की यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया है

भारत को इसका फायदा उठाना चाहिए
कल्याणी शंकर - 2010-11-12 18:41 UTC
बराक ओबामा आए। उन्होंने देखा। और क्या उन्होंने जीता भी? उनकी यात्रा को बुश अथवा क्लिंटन की यात्राओं की श्रेणी में तो नहीं डाला जा सकता, लेकिन इतना कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि यह यात्रा प्रभावकारी रही। वे असर छोड़ गए। उनकी यात्रा मुम्बई हमलों के शिकार हुए लोगों को श्रद्घांजलि देने से शुरू हुई। पूरा देश उसे देख रहा था जिसने अमेरिका में इतिहास बनाया है। ओबामा द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करना इस यात्रा की सबसे बड़ी घटना रही।

केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा

उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं
पी श्रीकुमारन - 2010-11-11 18:36 UTC
तिरुअनंतपुरमः हाल ही में हुए स्थानीय निकायों के चुनावों में भाजपा को वह सफलता नहीं मिली, जिसकी वह उम्मीद कर रही थी। भाजपा यहां कोई राजनैतिक ताकत नहीं है, लेकिन वह इस दक्षिण भारतीय राज्य में अपना पांव फैलाने की बहुत ही गंभीर कोशिश कर रही है। इन कोशिशों के कारण उसकी कहीं कहीं उपस्थिति दिखाई पड़ती है। स्थानीय निकायों के चुनावों में 5 साल पहले भी उसे कहीं कहीं सफलता मिली थी।

नीलगिरि का जनजातीय हस्‍तशिल्‍प

एस.बालाकृष्‍णन - 2010-11-11 18:29 UTC
नीलगिरि अथवा ब्‍ल्‍यू माउंटेन का नाम जितना काव्‍यात्‍मक है, वह एक स्‍थान के रूप में भी वैसा ही है । तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में टोडा, कोटा, कुरूम्‍बा, इरूला, पनियान और कट्टूनइक्‍कन जनजातियां रहती हैं । भारत सरकार ने इन छ: जनजातियों की प्राथमिक जनजातीय समूहों के रूप में पहचान की है । युगों-युगों से नीले पहाड़ों के जंगल उनके घर रहे हैं । सुंदर परिवेश में रहने के कारण ही वे उतने ही सुंदर हस्‍तशिल्‍पों के रचनाकार बने।

राष्ट्रमंडल खेल घोटाला

कलमाड़ी को हटाने का मतलब क्या है?
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-11-10 18:32 UTC
नई दिल्लीः राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी को कांग्रेस संसदीय सचिव के पद से हटा दिए जाने पर इस आशंका को बल मिल रही है कि हजारों करोड़ रुपए के घोटाले को उनके सिर पर थोप कर रफा दफा कर दिया जाएगा। इस तरह का डर पहले से ही व्यक्त किया जा रहा था।

हरियाणा में गठजोड़ का नया दौर

चौटाला ने शुरू की अपना आधार बढ़ाने की कोशिश
बी के चम - 2010-11-09 18:28 UTC
चंडीगढ़ः हरियाणा में चुनाव 2014 में होंगे। उसी साल लोकसभा और विधानसभा दोनों के चुनाव होने हैं, लेकिन राज्य की दोनों मुख्य पार्टियां अभी से चुनाव की तैयारियोे में जुट गई हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल- दोनों अपने आधार को मजबूत रखते हुए उसे नया विस्तार देने की कोशिशों में अभी से लगे हुए हैं।

महाराष्ट्र कांग्रेस का संकट गहराया

सोनिया का काम आसान नहीं
कल्याणी शंकर - 2010-11-06 18:14 UTC
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में अशोक चौहान की उनकी पसंद गलत साबित होगी। जब महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री बदला जा रहा था, तो उस समय राहुल गांधी की पसंद थे अशोक चौहान। अनेक वरिष्ठ नेताओं के ऊपर उन्हें वरीयता मिली, तो उसका कारण यही था कि राहुल गांधी उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे। कांग्रेस की नई पीढ़ी के हाथों में संगठन और सरकार की बागडोर क्रमशः थमाते जाने के उद्देश्य से ही श्री चौहान का मुख्यमंत्री का पद नवाजा गया था।

रिपब्लिकन ने कांग्रेस पर कब्जा किया

ओबामा के एजेंडा खतरे में
एस सेतुरमन - 2010-11-04 18:09 UTC
वाशिंगटनः दो नवंबर को हुए मघ्यावधि चुनाव में ओबामा की रिपब्लिकन पार्टी को हरा कर डेमाक्रेटिक पार्टी द्वारा कांग्रेस पर कब्जा किए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि 100 सदस्यीय सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी ने किसी तरह अपना बहुमत बरकरार रखा है, लेकिन कांग्रेस के लिए हुए चुनावों में मिली करारी हार के बाद ओबामा की नीतियों पर अंकुश लगने का आधार तैयार हो गया है। कांग्रेस के अलावा गवर्नरों के लिए हुए चुनाव में भी रिपब्लिकन की मात हुई।
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