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भारत: खेल जगत

सानिया को पीछे छोड़ती सायना

सुशीला कुमारी - 2010-07-12 12:36 UTC
टेनिस जगत में धूमकेतु की तरह उभरी सानिया मिर्जा को भरपूर लोकप्रियता मिली। दर्शकों और मीडिया ने उन्हें सिर-माथे पर बिठाया लेकिन दूसरी तरफ बैंडमिंटन जगत की तेजी से उभरती खिलाड़ी सायना नेहवाल की काफी हद तक अनदेखी की गयी लेकिन वह अपनी खेल प्रतिभा के बल पर लोकप्रियता के मामले में सानिया मिर्जा को पीछे छोड़ रही है।

महिला सशक्तिकरण: समान अधिकार, समान अवसर

अनीता पटनायक - 2010-07-12 07:56 UTC
भारत में महिलाओं की स्थिति में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। महिलाओं की मर्यादा और उनके लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की संवैधानिक गारंटी के साथ ही शिक्षा, राजनीति,खेलेकूद आदि विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी लगातार बढ ऱही है।

कानूनी बदलाव मात्र से नहीं रूकेगी ऑनर किलिंग

ओ.पी. पाल - 2010-07-09 08:19 UTC
देश में जैसे-जैसे ऑनर किलिंग यानी इज्जत के नाम पर हो रही हत्याओं पर बहस तेज हो रही है वैसे ही ऑनर किलिंग की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने ऑनर किलिंग को रोकने की दिशा में भारतीय दंड संहिता और अपराध प्रक्रिया संहिता में संशोधन करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठता है कि क्या आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव से ऑनर किलिंग को रोका जा सकेगा। रणनीतिकारों और विशेषज्ञों की माने तो इसके लिए सरकार को कठोर कदम और कमीशन ऑफ सती जैसे सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है, लेकिन लगता है कि कानून में बदलाव के लिए जिस प्रकार से सरकार ने मंत्रि समूह का गठन करने और राज्यों से सुझाव लेने की बात कही है उससे नहीं लगता कि सरकार इस कानून में आगामी मानसून सत्र में इस प्रक्रिया को अंजाम दे पाएगी।
दूरदर्शन परिदृश्य

भारतीय चरित्रता को दर्शाते धारावाहिक

एम विजय कुमार - 2010-07-09 07:49 UTC
दूरदर्शन पर धारावाहिके के आगमन एवं प्रसारण यात्रा काफी लम्बी है। या यूं कहिए पांच दशक पुरानी दास्तां जो बयां करने के लिए काफी शब्दों की आवश्यकता पड़ेगी। यात्रा की शुरूआत लोकप्रिय लेखकों की कहानियों पर आधारित धारावाहिकों की यात्रा आरम्भ हुई। ग्रामीण जनता के संघर्ष की कहानियां तो मुंशी प्रेमचन्द ने अपनी सशक्त कलम से पन्नों पर उतारी और बाद में दूरदर्शन ने अपनी दूरदृष्टि को अपनाकर आम जनता तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। शहरी और ग्रामीण जनता के मनोरंजन को ध्यान में रखकर शरत चन्द्र और रविन्द्रनाथ टैगोर के साथ ही साथ शरत जोशी और मनोहर ‘याम जोशी एवं कुन्दन तथा कुमार वासुदेव जैसे दिग्दर्शकों ने अपनी बुद्विमत्ता के अनुसार हमलोग और बुनियाद के माध्यम से आम जनता का मनोरंजन किया इसे देखते हुए फिल्मी दुनिया के दिग्गजों ने भी दूरदर्शन पर अपना भाग्य रामायण और महाभारत एवं टीपू सुल्तान के माध्यम से दूरदर्शन पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। रामानन्द सागर, संजय खान, प्रेम किशन, बी.आर.चोपड़ा तथा जी.पी.सिप्पी जैसे दिग्गजों ने लम्बे धारावाहिकों की श्रृंखला शुरू की।

जारी है नीतीश की मोदी राजनीति

विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा इसका असर
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-07-09 07:44 UTC
बिहार में नीतीश कुमार की मोदी राजनीति जारी है। इसका ताजा नमूना पिछले 5 जुलाई को आयोजित बंद के दिन देखने को मिला। उस दिन राज्य की राजधानी पटना और भागलपुर में जनता दल (यू) के समर्थकों ने नरेन्द्र मोदी विरोधी नारे लगाए और उसकी प्रतिक्रिया में भाजपा के कार्यकर्त्ताओं ने नीतीश के खिलाफ नारेबाजी की। जनता दल (यू) और भाजपा के कार्यकर्त्ताओं के बीच झड़प भी हुई।

बीजेपी ने कश्मीर की स्थिति पर एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की

कश्मीर में विस्फोटक स्थिति के लिए पीडीपी व एनसी की स्पर्धात्मक राजनीति केा जिम्मेवार ठहराया
एस एन वर्मा - 2010-07-08 12:14 UTC
नई दिल्ली।बीजेपी ने कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति के लिए पीडीपी व नेशनल कांफ्रेंस को सीधे तौर पर जिम्मेवार ठहराया है। बीजेपी के अनुसार पीडीपी तथा नेश्नल कान्फ्रेस द्वारा अपनाए जा रहे स्पर्धात्मक सम्प्रदायवाद की राजनीति और केन्द्र सरकार द्वारा समय पर कार्रवाई न किए जाने के कारण यह नतीजा सामने आ रहा है। इस प्रकार की राजनीति से अलगाववादियों को बढ़ावा मिला और पाकिस्तान ने इस स्थिति का अपने हित में पूरा फायदा उठाया।बीजपी ने केंद्र सरकार से कश्मीर की स्थिति को ले कर एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

तथाकथित सम्मान हत्याएं भावनात्मक और संवेदनशील मुद्दा - अंबिका सोनी

मंत्रीदल तथा राज्य से विचार विमर्श के बाद मानसून सत्र में बिल पेश करेगी सरकार
डॉ अतुल कुमार - 2010-07-08 12:01 UTC
नई दिल्ली। खाप पंचायतों के फरमान और समाजिक सम्मान हेतु विजातीय और सगोत्रीय विवाह में कोर्ट मैरिज करते ही लगातार हत्याओं के मद्देनजर सरकार ने विशेष मंत्री समूह के गठन की घोषणा की है। कड़े कानून बनाने पर सर्वसहमति के लिए असफल सरकार ने अब मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट तथा राज्य सरकारों के मतामत प्राप्त करने के बाद ही इस पर चर्चा कर संसद के मानसून सत्र में भारतीय दंड संहिता और आपराधिक प्रक्रिया के नियमों में आवश्यक सशोंधन करने हेतु विधेयक लाने का निर्णय किया है।

आतंकवाद पर राजनीति का एक और उदाहरण

केंद्र सरकार इशरत मामले पर चुप क्यों
ओ.पी. पाल - 2010-07-08 08:19 UTC
केंद्र की यूपीए सरकार एक और तो आतंकवाद की चुनौतियों से निपटने की बात करती है और दूसरी और वह आतंकवाद पर राजनीति करने से भी बाज नहीं आई। गुजरात पुलिस के हाथों एक मुठभेड़ के दौरान अपने दो अन्य साथियों के साथ मारी गई मुंबई की छात्रा इशरत जहां के मामले पर लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड कोलमैन हेडली के खुलासे से तो शायद कांग्रेसनीत यूपीए सरकार की इसी प्रकार की राजनीति बेनकाब होती नजर आ रही है।

ध्वनि प्रदूषण : आकलन एवं नियंत्रण

कल्पना पालखीवाला - 2010-07-07 12:07 UTC
ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरणीय शोर मानव और अन्य जीवों को कष्ट पहुंचा रहा है। अवांछित ध्वनि से मानव को शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं होती हैं। यह उच्च रक्तचाप, उच्च मानसिक दबाव आदि कई बीमारियां पैदा करता है जिससे लोग भूलने, गंभीर अवसाद, नींद न आने और अन्य गंभीर प्रभावों की चपेट में आ जाते हैं।

वामदलों का गैरकांग्रेसवाद

राजनैतिक टकराव बढ़ने के आसार
अमूल्य गांगुली - 2010-07-07 11:46 UTC
आजादी के बाद गैरकांग्रेसवाद की जो राजनीति चल रही थी, अब वह वापस आ रही है। हालांकि वामदल कह रहे हैं कि पेट्रोल की कीमतों के बढ़ाने के विरोध में 5 जुलाई के उनके बंद के दिन ही भाजपा का भी बंद महज एक संयोग था। लेकिन यह तथ्य कि दोनों उस रोज एक ही खेमे में थे, को कोई नहीं झुठला नहीं सकता।

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