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बिहार में कांग्रेस की हालत अभी भी दयनीय

बिगड़ गया है लोकसभा चुनाव के बाद बना माहौल
उपेन्द्र प्रसाद - 2010-07-14 09:56 UTC
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सीटों के लिहाज से कोई खास सफलता नहीं मिली थी, लेकिन उसके मतप्रतिशत में काफी इजाफा हुआ था। मुसलमान कांग्रेस के साथ जुड़ते दिखाई दे रहे थे और अगड़ी जातियों का भी कांग्रेस की ओर रुझान बन रहा था। लगने लगा था कि विधानसभा का आमचुनाव आते आते कांग्रेस की स्थिति काफी सुधर जाएगी और उत्तर प्रदेश की तरह ही वह बिहार में भी फिर से एक मजबूत ताकत बन जाएगी।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का नए अघ्यक्ष की तलाश

रीता बहुगुणा भी पद की दौड़ में शामिल
प्रदीप कपूर - 2010-07-13 09:52 UTC
लखनऊः कांग्रेस प्रदेश में अपने लिए नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है। 2012 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नए अध्यक्ष का चुनाव काफी मायने रखता है। पार्टी के अंदर चुनाव की प्रक्रिया जारी है। आगामी 22 जुलाई तक नए अध्यक्ष की घोषणा हो जानी है। 26 जुलाई तक प्रदेश से अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्यों का नामांकन भी हो जाना है।
भारत

पिछले दरवाजे से संसद में आए लोकप्रिय नेता

विजय कुमार मधु - 2010-07-12 13:09 UTC
भारतीय राजनीति की लोकतान्त्रिक व्यवस्था में जो दौर चल है उसमें नेताओं की उठा-पटक व सोच केवल को ही पर्दाफाश हो रहा है। ताकत एवं पैसे के बल पर पिछले दरवाजे से संसद में प्रवेश कर रहे लोकप्रिय नेता की इस बात से अनभिज्ञता नहीं है िक व ेअब जनता में उतने लोकप्रिय नहीं रहे जितने पहले थे। लोकसभा में चुनावों में उन्हें आम जनता ने नकार दिया था तो तभी वे पिछले दरवाजे का रास्ता खोजकर संसद में प्रवेश कर गए।

अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित बांधों से पर्यावरण को खतरा

विशेषज्ञों की राय उनके निर्माण के खिलाफ
आशीष बिश्वास - 2010-07-12 12:58 UTC
कोलकाताः केन्द्र सरकार अरुणाचल की नदियों पर 700 से भी ज्यादा बांध बनाने जा रही है। ये बांध ब्रह्मपुत्र, कमेंग व अन्य नदियों पर बनाए जाने हैं। पूर्वात्तर राज्यों के पर्यावरणविद इन बांधों के बनाए जाने के सख्त ख्लिाफ हैं। उनका कहना है कि इसके कारण पर्यापरण को भारी खतरा पैदा होगा और पूरे इलाके का जनजीवन तहस नहस हो जाएगा। पड़ोसी बांग्लादेश ने भी इस पर सख्त आपत्ति जलाई है।

म्यान्मार के साथ भारत का बढ़ता आर्थिक संबंध

यह लुक ईस्ट नीति के हक में नहीं
आशीष बिश्वास - 2010-07-12 12:55 UTC
कोलकाताः म्यान्मार के सांसद टिंट स्वे ने असम में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस में भारत की लुक ईस्ट नीति की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अपनी लुक ईस्ट नीति के तहत भारत म्यान्मार से आर्थिक संबंधों को मजबूत कर रहा है, लेकिन वहां की मिलिटरी जन्ता के साथ उसका घालमेल इस नीति के पक्ष में नहीं हो सकता।

कश्मीर घाटी: भारत-पाक वार्ता में कसीदगी का प्रयास?

ओ.पी. पाल - 2010-07-12 12:50 UTC
कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठनों का प्रदर्शन शायद भारत-पाक के बीच अगले सप्ताह इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के मुद्दे को बदलने के मकसद से की जा रही है। जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए कश्मीरी अलगाववादी संगठनों को सीमापार यानि पाकिस्तान से धन मुहैया होने की आशंका को स्वयं अलगाववादी संगठनों के लोग ही पुष्ट करते जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने अलगाववादी नेताओं के बीच हुई बातचीत को ट्रेस करके अलगाववादी संगठनों के इरादे भांप लिये हैं।
भारत: खेल जगत

सानिया को पीछे छोड़ती सायना

सुशीला कुमारी - 2010-07-12 12:36 UTC
टेनिस जगत में धूमकेतु की तरह उभरी सानिया मिर्जा को भरपूर लोकप्रियता मिली। दर्शकों और मीडिया ने उन्हें सिर-माथे पर बिठाया लेकिन दूसरी तरफ बैंडमिंटन जगत की तेजी से उभरती खिलाड़ी सायना नेहवाल की काफी हद तक अनदेखी की गयी लेकिन वह अपनी खेल प्रतिभा के बल पर लोकप्रियता के मामले में सानिया मिर्जा को पीछे छोड़ रही है।

महिला सशक्तिकरण: समान अधिकार, समान अवसर

अनीता पटनायक - 2010-07-12 07:56 UTC
भारत में महिलाओं की स्थिति में एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। महिलाओं की मर्यादा और उनके लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की संवैधानिक गारंटी के साथ ही शिक्षा, राजनीति,खेलेकूद आदि विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी लगातार बढ ऱही है।

कानूनी बदलाव मात्र से नहीं रूकेगी ऑनर किलिंग

ओ.पी. पाल - 2010-07-09 08:19 UTC
देश में जैसे-जैसे ऑनर किलिंग यानी इज्जत के नाम पर हो रही हत्याओं पर बहस तेज हो रही है वैसे ही ऑनर किलिंग की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने ऑनर किलिंग को रोकने की दिशा में भारतीय दंड संहिता और अपराध प्रक्रिया संहिता में संशोधन करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय पर सवाल उठता है कि क्या आईपीसी और सीआरपीसी में बदलाव से ऑनर किलिंग को रोका जा सकेगा। रणनीतिकारों और विशेषज्ञों की माने तो इसके लिए सरकार को कठोर कदम और कमीशन ऑफ सती जैसे सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है, लेकिन लगता है कि कानून में बदलाव के लिए जिस प्रकार से सरकार ने मंत्रि समूह का गठन करने और राज्यों से सुझाव लेने की बात कही है उससे नहीं लगता कि सरकार इस कानून में आगामी मानसून सत्र में इस प्रक्रिया को अंजाम दे पाएगी।
दूरदर्शन परिदृश्य

भारतीय चरित्रता को दर्शाते धारावाहिक

एम विजय कुमार - 2010-07-09 07:49 UTC
दूरदर्शन पर धारावाहिके के आगमन एवं प्रसारण यात्रा काफी लम्बी है। या यूं कहिए पांच दशक पुरानी दास्तां जो बयां करने के लिए काफी शब्दों की आवश्यकता पड़ेगी। यात्रा की शुरूआत लोकप्रिय लेखकों की कहानियों पर आधारित धारावाहिकों की यात्रा आरम्भ हुई। ग्रामीण जनता के संघर्ष की कहानियां तो मुंशी प्रेमचन्द ने अपनी सशक्त कलम से पन्नों पर उतारी और बाद में दूरदर्शन ने अपनी दूरदृष्टि को अपनाकर आम जनता तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया। शहरी और ग्रामीण जनता के मनोरंजन को ध्यान में रखकर शरत चन्द्र और रविन्द्रनाथ टैगोर के साथ ही साथ शरत जोशी और मनोहर ‘याम जोशी एवं कुन्दन तथा कुमार वासुदेव जैसे दिग्दर्शकों ने अपनी बुद्विमत्ता के अनुसार हमलोग और बुनियाद के माध्यम से आम जनता का मनोरंजन किया इसे देखते हुए फिल्मी दुनिया के दिग्गजों ने भी दूरदर्शन पर अपना भाग्य रामायण और महाभारत एवं टीपू सुल्तान के माध्यम से दूरदर्शन पर अपनी उपस्थिति दर्ज की। रामानन्द सागर, संजय खान, प्रेम किशन, बी.आर.चोपड़ा तथा जी.पी.सिप्पी जैसे दिग्गजों ने लम्बे धारावाहिकों की श्रृंखला शुरू की।