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उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का नए अघ्यक्ष की तलाश

रीता बहुगुणा भी पद की दौड़ में शामिल
प्रदीप कपूर - 2010-07-13 09:52 UTC
लखनऊः कांग्रेस प्रदेश में अपने लिए नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है। 2012 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नए अध्यक्ष का चुनाव काफी मायने रखता है। पार्टी के अंदर चुनाव की प्रक्रिया जारी है। आगामी 22 जुलाई तक नए अध्यक्ष की घोषणा हो जानी है। 26 जुलाई तक प्रदेश से अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्यों का नामांकन भी हो जाना है।
भारत

पिछले दरवाजे से संसद में आए लोकप्रिय नेता

विजय कुमार मधु - 2010-07-12 13:09 UTC
भारतीय राजनीति की लोकतान्त्रिक व्यवस्था में जो दौर चल है उसमें नेताओं की उठा-पटक व सोच केवल को ही पर्दाफाश हो रहा है। ताकत एवं पैसे के बल पर पिछले दरवाजे से संसद में प्रवेश कर रहे लोकप्रिय नेता की इस बात से अनभिज्ञता नहीं है िक व ेअब जनता में उतने लोकप्रिय नहीं रहे जितने पहले थे। लोकसभा में चुनावों में उन्हें आम जनता ने नकार दिया था तो तभी वे पिछले दरवाजे का रास्ता खोजकर संसद में प्रवेश कर गए।

अमेरिकी कॉर्पोरेट के सामने विश्वसनीयता का संकट

विशेषज्ञ चाहते हैं ज्यादा सरकारी हस्तक्षेप
नन्तु बनर्जी - 2010-07-12 13:04 UTC
वाशिंगटनः अमेरिका में पूंजीवादी व्यवस्था कभी भी लोगों की आलोचना का इतना बड़ा शिकार नहीं थी, जितना वह आज है। अमेरिका तो मुक्त बाजार की अर्थव्यवस्था का स्वर्ग रहा है। आज ओबामा प्रशासन अपने देश के शिक्षाविदों, आर्थिक एवं राजनैतिक चिंतको के भारी दबाव का सामना कर रहे हैं और उनपर दबाव है कि राज्य आर्थिक मामलों में ज्यादा से ज्यादा हस्तक्षेप करे ताकि सटौरिए, लालची बैंकर लेखापाल और कॉर्पारेट एक्जक्यूटिव्स पर लगाम लग सके।

अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित बांधों से पर्यावरण को खतरा

विशेषज्ञों की राय उनके निर्माण के खिलाफ
आशीष बिश्वास - 2010-07-12 12:58 UTC
कोलकाताः केन्द्र सरकार अरुणाचल की नदियों पर 700 से भी ज्यादा बांध बनाने जा रही है। ये बांध ब्रह्मपुत्र, कमेंग व अन्य नदियों पर बनाए जाने हैं। पूर्वात्तर राज्यों के पर्यावरणविद इन बांधों के बनाए जाने के सख्त ख्लिाफ हैं। उनका कहना है कि इसके कारण पर्यापरण को भारी खतरा पैदा होगा और पूरे इलाके का जनजीवन तहस नहस हो जाएगा। पड़ोसी बांग्लादेश ने भी इस पर सख्त आपत्ति जलाई है।

म्यान्मार के साथ भारत का बढ़ता आर्थिक संबंध

यह लुक ईस्ट नीति के हक में नहीं
आशीष बिश्वास - 2010-07-12 12:55 UTC
कोलकाताः म्यान्मार के सांसद टिंट स्वे ने असम में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस में भारत की लुक ईस्ट नीति की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अपनी लुक ईस्ट नीति के तहत भारत म्यान्मार से आर्थिक संबंधों को मजबूत कर रहा है, लेकिन वहां की मिलिटरी जन्ता के साथ उसका घालमेल इस नीति के पक्ष में नहीं हो सकता।

कश्मीर घाटी: भारत-पाक वार्ता में कसीदगी का प्रयास?

ओ.पी. पाल - 2010-07-12 12:50 UTC
कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठनों का प्रदर्शन शायद भारत-पाक के बीच अगले सप्ताह इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के मुद्दे को बदलने के मकसद से की जा रही है। जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने के लिए कश्मीरी अलगाववादी संगठनों को सीमापार यानि पाकिस्तान से धन मुहैया होने की आशंका को स्वयं अलगाववादी संगठनों के लोग ही पुष्ट करते जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने अलगाववादी नेताओं के बीच हुई बातचीत को ट्रेस करके अलगाववादी संगठनों के इरादे भांप लिये हैं।

महिलाओं को अधिक होती है ग्रोथ हार्मोनों की कमी

विशेष संवाददाता - 2010-07-12 12:45 UTC
अपने शिशु को स्तनपान नहीं कराने वाली महिलाओं को शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हार्मोनों की कमी अर्थात एडल्ट ग्रोथ हार्मोन डिफिशिएंसी (ए जी एच डी) से पीड़ित होने की आशंका अधिक होती है। यह आशंका उन महिलाओं को भी अधिक होती है जिन्हें मासिक धर्म के समय अधिक रक्त स्राव होता है।

कंकाल से बनेगा फेफड़ा

सम्वाददाता - 2010-07-12 12:39 UTC
फेफड़े के असाध्य बीमारियों से ग्रस्त मरीज आने वाले समय में अपने खराब हो चुके फेफड़े के स्थान पर कंकाल से बने फेफड़े का प्रत्यारोपण करा कर नया जीवन पा सकेंगे।
भारत: खेल जगत

सानिया को पीछे छोड़ती सायना

सुशीला कुमारी - 2010-07-12 12:36 UTC
टेनिस जगत में धूमकेतु की तरह उभरी सानिया मिर्जा को भरपूर लोकप्रियता मिली। दर्शकों और मीडिया ने उन्हें सिर-माथे पर बिठाया लेकिन दूसरी तरफ बैंडमिंटन जगत की तेजी से उभरती खिलाड़ी सायना नेहवाल की काफी हद तक अनदेखी की गयी लेकिन वह अपनी खेल प्रतिभा के बल पर लोकप्रियता के मामले में सानिया मिर्जा को पीछे छोड़ रही है।

विश्व जनसंख्या दिवस 2010- हरेक की गणना आवश्यक

वी मोहन राव - 2010-07-12 08:03 UTC
हरेक की गणना आवश्यक है- यह विश्व जनसंख्या दिवस, 2010 का ध्येयवाक्य है जो ग्यारह जुलाई को है। यह एक ऐसा वार्षिक समारोह है जो विश्व जनसंख्या के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इस वर्ष का ध्येयवाक्य लोगों को आधिकारिक जनगणना या जनसंख्या पर आंकड़े जुटाए जाने वाली अन्य प्रकियाओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने वाला है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने सन् 1989 में इस दिवस का शुभारंभ किया था जिसका लक्ष्य परिवार नियोजन का महत्व, महिला-पुरूष समानता, गरीबी, मातृत्व स्वास्थ्य, यौन एवं प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य और मानवाधिकार जैसे जनसंख्या संबंधी मुद्दों के बारे में लोगों की जागरूकता में वृद्धि करना था। इन सभी तत्वों का विश्व के विकास एवं पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ता है।