Skip to main content

View Articles

संसद में बिधूड़ी का नफरत भरा भाषण भाजपा सदस्यों की मानसिकता का प्रतिबिंब

सदस्य के खिलाफ कार्रवाई करने में विफलता ने किया संस्थान को अपमानित
पी.सुधीर - 2023-09-29 11:53 UTC
मुसलमानों के खिलाफ घृणास्पद भाषण, जो समाज में व्याप्त हो गया है, अब संसद पर भी प्रवेश कर चुका है। नये संसद भवन में आयोजित विशेष सत्र के आखिरी दिन, दिल्ली से भाजपा संसद सदस्य रमेश बिधूड़ी ने दानिश अली, जो कि बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं, के खिलाफ लोक सभा में बेहद गंदे और भद्दे मुस्लिम विरोधी विशेषणों का इस्तेमाल किया। बिधूड़ी द्वारा बार-बार दानिश अली को निशाना बनाते हुए 'मुल्ला आतंकवादी' और इससे बदतर शब्द कहे गये जो संसद में पहले कभी नहीं सुने गये थे। ऐसी आपत्तिजनक बातें कहते हुए बिधूड़ी के वीडियो को देश भर में हजारों लोगों ने देखा, जिससे व्यापक निराशा और आक्रोश फैल गया है।

पूरी विफलता की कहानी है मोदी के 'मेक इन इंडिया' के दस साल की

मोदी युग में कारखानों की वृद्धि घटकर 6.2 प्रतिशत से घटकर 2.8 प्रतिशत रह गयी
गिरीश लिंगन्ना - 2023-09-28 12:16 UTC
‘मेक इन इंडिया’ की दसवीं वर्षगांठ से पहले धूमधाम की स्पष्ट कमी यह संकेत देती है कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने आखिर स्वीकार कर लिया है कि बड़े धूमधाम वाले प्रचार भी अब विनिर्माण क्षेत्र की खतरनाक गिरावट को छिपाने में प्रभावी नहीं हैं।

भाजपा ने खुली रखी है मध्य प्रदेश मुख्य मंत्री की कुर्सी की दावेदारी

वर्तमान मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा में ही अपने विरोधियों से घिरे
एल एस हरदेनिया - 2023-09-27 13:24 UTC
भोपाल: एक आश्चर्यजनक और नाटकीय कदम में, भाजपा ने तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सांसदों को राज्य में स्थानांतरित कर दिया, और उन्हें आगामी चुनावों में मध्य प्रदेश में विधानसभा के लिए लड़ने के लिए कहा। पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस कदम के दोहरे उद्देश्य हैं। पार्टी को लगता है कि इस बार उसकी स्थिति डांवाडोल है और इसलिए वह ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारना चाहती है जिनकी जीत सौ फीसदी तय मानी जाये। दूसरे, अगर मुख्यमंत्री बदलना हो तो इस पद के लिए अनुभवी नेता उपलब्ध हों। गौरतलब है कि यह नाटकीय बदलाव तब किया गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी रैलियों को संबोधित करने के बाद भोपाल से रवाना हुए।

लोकसभा चुनाव फरवरी 2024से पहले करा सकते हैं प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी

भाजपा आलाकमान चाहता है राम मंदिर उद्घाटन के बाद हिंदुत्व की लहर
नित्य चक्रवर्ती - 2023-09-26 11:30 UTC
पिछले सप्ताह संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बाद, अनुभवी चुनाव रणनीतिकारों के सहयोग से भाजपा के थिंक-टैंक लोकसभा चुनाव कराने के लिए पार्टी के लिए सबसे उपयुक्त समय निकालने में व्यस्त हैं। चुनाव अगले वर्ष अप्रैल/मई में होने हैं, परन्तुप्रारंभिक अध्ययनों से भाजपा रणनीतिकारों को पता चला है कि चुनाव समय से पहले कराने से भाजपा के हितों की बेहतर पूर्ति होगी, और इसीलिए वे नवंबर-अंत और फरवरी के बीच चुनाव चाहते हैं।

लोकसभा सदस्य गीता मुखर्जी ने की थी महिला आरक्षण विधेयक की शुरुआत

इसके पारित होने के बाद वर्तमान सांसद को उनकी स्मृति का सम्मान करना चाहिए
बिनॉय विश्वम - 2023-09-22 12:11 UTC
काफी लंबे इंतजार के बाद महिला आरक्षण बिल संसद से पास हो गया है। जो कोई भी महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने के लिए संघर्ष के इतिहास के बारे में जानता है, वह जीत के इस क्षण में कॉमरेड गीता मुखर्जी को याद करेगा। वह अविस्मरणीय कम्युनिस्ट नेता और महिलाओं के अधिकारों के लिए एक सतत सेनानी थीं, जिन्होंने महिला विधेयक को पारित करने को एक जीवन मिशन के रूप में लिया।

भारत में कमजोर है खालिस्तान आंदोलन लेकिन प्रवासी सिक्खों में प्रभावी

कनाडा के प्रधान मंत्री के आरोप का सिख बहुलता वाले चार देशों पर असर
गिरीश लिंगन्ना - 2023-09-21 12:00 UTC
1947 में भारत को ब्रिटेन से आज़ादी मिलने के बाद, कुछ लोगों ने नहीं सोचा था कि इतने सारे अलग-अलग क्षेत्रों वाला देश एक साथ रह सकता है। भारत एकजुट रहने में कामयाब रहा है, लेकिन इसकी एकता के लिए चुनौतियाँ भी बनी रही हैं। एक महत्वपूर्ण चुनौती खालिस्तान आंदोलन है, जो सिखों के लिए एक अलग देश बनाना चाहता है। 18 सितंबर को केनडा के प्रधान मंत्रीजस्टिनट्रूडो ने दावा किया कि खालिस्तान की आजादी का समर्थन करने वाले कनाडाई सिख नेता की गत जून में की गयी हत्या के लिए भारत सरकार के एजेंट जिम्मेदार थे। भारत सरकार किसी भी संलिप्तता से इनकार करता है और केनडा पर "आतंकवादियों और अलगाववादियों" को पनाह देने का आरोप लगाता है। कितना गंभीर है खालिस्तान आंदोलन?

विदेशी प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए एक आकर्षक विनिर्माण गंतव्य है भारत

सबसे अच्छों में हैं देश के रॉयल्टी और लाभांश भुगतान नियम
नन्तु बनर्जी - 2023-09-20 11:09 UTC
संयुक्त राज्य अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि, सुश्री कैथरीनची ताई, शायद इस बात से पूरी तरह से अवगत नहीं हैं कि भारत में निर्यात किये जाने वाले वैश्विक अमेरिकी ब्रांडों के तहत लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंप्यूटर जैसे अधिकांश हाई-टेक मास मार्केट इलेक्ट्रॉनिक्सगैजेट अमेरिका में निर्मित नहीं होते हैं। इनका निर्माण अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निगमों (एमएनसी) द्वारा चीन में किया जाता है और भारत को निर्यात किया जाता है। ऐसा लगता है कि वह भारत की नई लाइसेंसिंग व्यवस्था के बारे में अनावश्यक रूप से चिंतित हैं, जो एप्पल और डेल जैसी कंपनियों के भारत में शिपमेंट को प्रभावित कर सकती है और कंपनियों को भारत में उत्पाद बनाने के लिए मजबूर कर सकती है। नये नियम नवंबर से लागू होंगे।

कांग्रेस नेतृत्व 2024 में इंडिया बैनर तले भाजपा से मुकाबला को लेकर आश्वस्त

हैदराबाद बैठक में नरेंद्र मोदी से मुकाबले के लिए तैयार किया गया रोडमैप
कल्याणी शंकर - 2023-09-19 11:58 UTC
हैदराबाद में पिछले सप्ताहांत कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद कांग्रेस नेता उत्साहित हैं। वे अब चुनाव में उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी की सर्वोच्च नीति-निर्धारक संस्था सी.डब्ल्यू.सी. ने कई विवादास्पद और संवेदनशील विषयों पर विचार किया और एकजुटता से अपने भविष्य की योजना बनायी।

'एक राष्ट्र, एक चुनाव' प्रस्ताव पर व्यापक बहस और चर्चा की जरूरत

भारतीय संविधान के कुछ बुनियादी सिद्धांत शामिल हैं ऐसे बदलाव में
हरिहर स्वरूप - 2023-09-18 14:22 UTC
"एक राष्ट्र, एक चुनाव" पर बहस दो संबंधित विषयों - तकनीकी व्यवहार्यता और राजनीतिक उद्देश्यों - के इर्द-गिर्द घूमती हुई प्रतीत होती है। इस मकसद के समर्थक कई तकनीकी मुद्दों को उठाते हैं –जैसे चुनाव की बढ़ती लागत, प्रशासनिक तकनीकी समस्याएं और भ्रष्टाचार की संभावनाएं, शासन पर लगातार चुनावों का नकारात्मक प्रभाव और नीतिगत पहल का चुनाव-केंद्रित होना।

धर्मनिरपेक्ष भारत को हिंदू राष्ट्र में बदलने की आरएसएस-भाजपा की आक्रामक नीति

2024 में नरेंद्र मोदी को हराकर ही बचाया जा सकता है भारतीय संवैधानिक गणतंत्र
सीताराम येचुरी - 2023-09-16 12:04 UTC
जैसे-जैसे भारत संवैधानिक गणतंत्र की 75वीं वर्षगांठ (2025) के करीब पहुंच रहा है, गणतंत्र के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक चरित्र को फासीवादी हिंदुत्व राष्ट्र में बदलने के लिए हिंदुत्व कथा को आक्रामक रूप से लिखा जा रहा है। इसके लिए शर्त यह सुनिश्चित करना है कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार 2024 का चुनाव, चाहे कुछ भी हो, जीत जाये। इस कायापलट को हासिल करने के लिए सरकार और राज्य सत्ता पर आरएसएस/भाजपा का नियंत्रण सबसे महत्वपूर्ण है।