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मोदी ने योगी सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला करने में भाजपा की मदद की

संघ परिवार 2024 में लोकसभा चुनाव में संभावनाओं के बारे में उत्साहित
प्रदीप कपूर - 2022-03-12 16:08
लखनऊः उत्तर प्रदेश में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक अभियान ने योगी सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर का मुकाबला किया, जो 2017 के चुनावों के मुकाबले 2022 के चुनावों में सीटों में भारी गिरावट से स्पष्ट है।

पांच विधानसभा चुनावों के नतीजों से कांग्रेस को तगड़ा झटका

2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अब ‘दो पटरी’ दृष्टिकोण ही एकमात्र रास्ता
नित्य चक्रवर्ती - 2022-03-11 11:14
पांच राज्यों - उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के विधानसभा चुनावों के नतीजों से पता चला है कि कांग्रेस का पतन हो गया है। पार्टी ने न केवल अपने सत्तारूढ़ राज्य पंजाब को आम आदमी पार्टी (आप) के हाथों बुरी तरह से खो दिया है, बल्कि 2017 के चुनावों की तुलना में गोवा और मणिपुर दोनों राज्यों में भी बुरा प्रदर्शन किया है जब वह सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। उत्तराखंड में, पार्टी ने सीटों के मामले में थोड़ा सुधार किया है, लेकिन भाजपा ने राज्य को बरकरार रखा है। उत्तर प्रदेश में, किसी को भी कांग्रेस के चमत्कार की उम्मीद नहीं थी, लेकिन प्रियंका गांधी के सघन प्रचार के बावजूद उसे सिर्फ 2 सीटें मिलीं।

पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत

भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस एक्शन हुए, तो 2024 का चुनाव मोदी बनाम केजरीवाल
उपेन्द्र प्रसाद - 2022-03-10 10:43
पांच राज्यों की विधानसभा के चुनावों के नतीजे आ चुके हैं, लेकिन देश के भविष्य की राजनीति को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण नतीजा पंजाब से आया है। यहां केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की सरकार बन रही है और भगवंत सिंह मान प्रदेश के मुख्यमंत्री बन रहे हैं। इस जीत के साथ आम आदमी पार्टी पहली बार किसी प्रदेश में सरकार बना रही है। वैसे उसकी सरकार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी है और इसे भी प्रदेश की कहा जाता है, लेकिन यह पूर्ण प्रदेश नहीं है। यह एक केन्द्र शासित प्रदेश है, जिसमें प्रदेश सरकार के अधिकार बहुत ही सीमित हैं। पुलिस उसके हाथ में नहीं है। केजरीवाल सरकार के गठन के पहले भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ( एंटी क्राइम ब्रांच- एसीबी) प्रदेश सरकार के पास हुआ करती थी, लेकिन मोदी सरकार ने उसे अपने हाथ में ले लिया। यहां के अधिकारियों की नकेल भी केन्द्र सरकार के पास ही होती है। इसलिए भ्रष्टाचार मिटाने के लिए पर्याप्त अधिकार दिल्ली की केन्द्र शासित प्रदेश के पास है ही नहीं।

एग्जिट पोल यानी सटोरियों और टीवी चैनलों का कारोबारी उपक्रम

कभी-कभी सत्तारुढ़ दल भी इस उपक्रम में भागीदार बन जाता है
अनिल जैन - 2022-03-09 11:20
उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का सिलसिला खत्म हो चुका है। चुनाव के वास्तविक नतीजे 10 मार्च को आएंगे, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी विभिन्न सर्वे एजेंसियों और टीवी चैनलों ने एग्जिट पोल के अपने-अपने अनुमान पेश कर दिए है। सभी एग्जिट पोल में हमेशा की तरह पंजाब के अलावा बाकी चार राज्यों में अन्य दलों के मुकाबले भारतीय जनता पार्टी की बढ़त दिखाई गई है। इन चारों राज्यों के एग्जिट पोल्स में विभिन्न दलों को मिलने वाली सीटों के अनुमान तो अलग-अलग हैं ही, साथ ही वे अनुमान उन प्रदेशों के राजनीतिक माहौल से भी मेल नहीं खाते हैं। यही वजह है कि विभिन्न दलों के नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने भी एग्जिट पोल्स के अनुमानों को खारिज किया है।

चुनाव नतीजों के बाद भाजपा के ‘मास्टर स्ट्रोक’ से बचने की तैयारी में जुटी कांग्रेस

अनिल जैन - 2022-03-08 10:34
पिछले कुछ सालों के दौरान लगातार देखा गया है कि जिस भी राज्य के विधानसभा चुनाव में स्पष्ट जनादेश नहीं आता है वहां भारतीय जनता पार्टी विधायकों की जोड़तोड़ और खरीद-फरोख्त के जरिए अपना बहुमत बनाने की कोशिश करती है। जब ऐसी कोशिश कामयाब हो जाती है तो दरबारी मीडिया उसे भाजपा का ‘मास्टर स्ट्रोक’ बताता है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने यूक्रेन युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

आईएमएफ की शर्तों से बढ़ी रूसी राष्ट्रपति पुतिन की चिंता
प्रभात पटनायक - 2022-03-07 11:01
यूक्रेन के नाटो में शामिल होने के इरादे से उत्पन्न रूस की सुरक्षा चिंताओं की मीडिया में व्यापक रूप से चर्चा हुई है। लेकिन आईएमएफ के यूक्रेन के साथ संबंध, जो एक समानांतर मुद्दा है, पर शायद ही ज्यादा ध्यान दिया गया हो। आईएमएफ, जैसा कि सर्वविदित है, दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को महानगरीय पूंजी के प्रवेश के लिए ‘निवेशक-अनुकूल’ बनाकर मजदूर-विरोधी और जन-विरोधी बनाता है। आईएमएफ आमतौर पर इस उद्देश्य के लिए जिस तंत्र का उपयोग करता है, वह ‘शर्तों’ को लागू करना है जो उन देशों को ऋण माफ कर देता है जिन्हें भुगतान संतुलन समर्थन की आवश्यकता होती है।

युद्ध बंद करो

वार्ता की जाए
डी. राजा - 2022-03-05 11:28
इस समय यूक्रेन का घटनाक्रम विश्व का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। यूक्रेन के प्रमुख शहरों में रूस की सैन्य कार्रवाई और दोनों तरफ से उत्तेजनापूर्ण बयानों से पता चलता है कि यह स्थिति एक पूर्णस्तरीय युद्ध में बदल सकती है जिसमें युद्ध करने वाले पक्ष युद्ध के मैदान यूक्रेन से बहुत दूरस्थ क्षेत्रों से होंगे। भारत में भी लोग इस युद्ध के बारे में आशंकित हैं। हम एक अन्तर्ग्रथित दुनिया में रह रहे हैं जिसमें इस पैमाने की भू-राजनीतिक ताकतों के बीच टकराव से हम अछूते नहीं रह सकते। अतः यह जरूरी है कि रूस और यूक्रेन के बीच इस झगड़े की तह तक जाएं और तय करें कि हमें क्या पोजीशन अपनानी चाहिए।

युद्ध नहीं है समाधान

बातचीत से ही समस्या का हल निकलेगा
बिनय विश्वम - 2022-03-04 11:15
युद्ध के अंधियारे बादल यूक्रेन पर छाये हुए हैं। इसके कारण भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अवर्णनीय चिंता बनी हुई है। हजारों भारतीय नागरिकों में ज्यादातर विद्यार्थी युद्धग्रस्त यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे हुए हैं। उनके सगे-संबंधियों से चिंता भरे फोन और संदेश दिन-रात भारतीय नागरिकों को मिल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: नतीजे त्रिशंकु भी हो सकते हैं

उपेन्द्र प्रसाद - 2022-03-03 09:56
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण चुनाव उत्तर प्रदेश का है, क्योंकि यह देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला प्रदेश है। लोकसभा में ही नहीं, बल्कि राज्यसभा में भी यह सबसे ज्यादा प्रतिनिधि भेजता है। यदि भारतीय जनता पार्टी अपनी 2017 की सफलता को एक बार और दुहरा लेती है, तो आगामी राज्यसभा के द्विवर्षीय चुनाव में इसकी स्थिति उच्च सदन के अंदर और भी मजबूत हो जाएगी। और यदि भाजपा ने यह राज्य गंवा दिया, तो उसके संगठन और कार्यकर्त्ताओं के मनोबल में भारी गिरावट आएगी और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर भी संदेह पैदा होने लगेगा।

उत्तर प्रदेश में छठे चरण के मतदान

पूर्वांचल में बसपा का समर्थन सपा के खिलाफ भाजपा को दे सकता है जीवनदान
प्रदीप कपूर - 2022-03-02 11:11
लखनऊः राष्ट्रवाद का भावनात्मक कार्ड खेलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाने और बदलते विश्व परिदृश्य में मजबूत भारत के लिए 3 मार्च को होने वाले छठे चरण के मतदान के दौरान भाजपा के लिए वोट मांगा है। मजबूत नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री के भाषण का रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में महत्व है जो अभी जारी है।