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विधानसभा भवन में नमाज कक्ष

इससे सांप्रदायिकता को मिलेगा बढ़ावा
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-09-13 15:20 UTC
झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो ने विधानसभा भवन के अंदर नमाज के लिए एक अलग कक्ष का आबंटन कर एक ऐसा फैसला किया है, जिसका असर सिर्फ झारखंड प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। यह पूरे देश में अपने किस्म का पहला कदम है, जिसमें एक समुदाय विशेष को प्रार्थना के लिए अलग से एक कमरा दिया गया है। कहने की जरूरत नहीं कि स्पीकर क यह कदम संविधान की धर्मनिरपेक्षता की भावना के खिलाफ है, जिसके अनुसार राज्य से उम्मीद की जाती है कि वह धार्मिक मामलों में अपनी तटस्थता की नीति पर कायम रहे और देश के नागरिकों को अपनी पंसद के अनुसार धार्मिक क्रिया कलापों को करते रहने दे।

राष्ट्रीय संपत्ति का मौद्रीकरण कुछ और नहीं, बल्कि अधिकारों का हनन है

मोदी सरकार एक वस्तुकरण की होड़ में है, जो बहिष्करण की ओर ले जा रही है
प्रभात पटनायक - 2021-09-11 11:14 UTC
दुनिया में हर जगह लोगों को बिना एक पैसा दिए कोविड-19 वायरस का टीका लगवाया गया, लेकिन भारत में नहीं। दुनिया में हर जगह, ऐतिहासिक स्थल जो एक राष्ट्र को परिभाषित करते हैं, जो एक राष्ट्र की चेतना का ताना-बाना बनाते हैं, पवित्र माने जाते हैं और अपने मूल स्वरूप में अछूते रह गए, लेकिन भारत में नहीं। दुनिया में हर जगह, लोगों को बुनियादी सेवाएं, या सांस्कृतिक और शैक्षिक सेवाएं प्रदान करने वाली संपत्तियां सार्वजनिक है, लेकिन अब भारत में नहीं। इसके पीछे मोदी सरकार का अजीबोगरीब एजेंडा है जो हर चीज को एक वस्तु में बदल देता है। कुछ भी पवित्र नहीं है, कुछ भी बाजार से परे नहीं है; सब कुछ बिक्री के लिए है।

चुनाव से पहले तेल बाजार का रुख मोदी सरकार के पक्ष में

सउदी ने बाजार हिस्सेदारी को बचाने के लिए एशियाई बिक्री कीमतों में कटौती की
के रवींद्रन - 2021-09-10 12:43 UTC
अक्टूबर के लिए एशिया के लिए कच्चे तेल की बिक्री की कीमतों में कटौती के सऊदी अरब के फैसले से प्रदान की गई अंतर्दृष्टि मोदी सरकार के लिए सुकून देने वाले विचार प्रस्तुत करती है क्योंकि यह विधानसभा चुनावों के एक महत्वपूर्ण दौर की तैयारी कर रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश भी शामिल है।

उत्तर प्रदेश भाजपा ने किसान मोर्चा का मुकाबला करने के लिए बनाई रणनीति

सघन अभियान के लिए 100 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की गई
प्रदीप कपूर - 2021-09-09 09:50 UTC
लखनऊः 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर महापंचायत में किसानों द्वारा किए गए भारी प्रदर्शन ने न केवल भाजपा को परेशान किया है, बल्कि पार्टी नेतृत्व और योगी आदित्यनाथ सरकार को आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चल रहे आंदोलन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाने के लिए मजबूर किया है।

त्रिपुरा में भाजपा सरकार को लोगों के भारी असंतोष का सामना करना पड़ रहा है

माकपा और उभरती तृणमूल दोनों ही 2023 के चुनाव की तैयारी कर रही हैं
बरुण दास गुप्ता - 2021-09-08 11:47 UTC
पश्चिम बंगाल में भाजपा को अपमानजनक हार का सामना कराने और लगातार तीसरी बार सत्ता में वापस आने के बाद, एक पुनरुत्थान तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा शासित राज्य त्रिपुरा पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं, जहां फरवरी, 2023 में राज्य विधानसभा चुनाव होने हैं। मुख्यमंत्री बिप्लब देब छोटे उत्तर-पूर्वी राज्य को विकसित करने के अपने प्रयासों के बजाय अपने अशासन के लिए जाने जाते हैं। त्रिपुरा में कांग्रेस, माकपा और टीएमसी जैसे अन्य दलों के कार्यकर्ताओं को मात देकर भाजपा सत्ता में आई। आज इन दलबदलुओं का उस पार्टी के प्रदर्शन से पूरी तरह से मोहभंग हो गया है, जो कभी “भिन्नता वाली पार्टी“ होने का दावा करती थी।

लालू के बेटों में घमसान

तेज प्रताप ने बनाया समानांतर छात्र संगठन
उपेन्द्र प्रसाद - 2021-09-07 09:41 UTC
लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने छात्र जनशक्ति परिषद के नाम से एक अलग संगठन का गठन कर लिया है और इसके साथ ही राजद अध्यक्ष के दोनों बेटों के बीच चल रहा शीतयुद्ध एक नये दौर में पहुंच गया है। कहने की जरूरत नहीं कि इस युद्ध में छोटे भाई तेजस्वी अपने बड़े भाई पर बहुत ज्यादा भारी पड़ रहे हैं, क्योंकि पिता लालू ने अपना पूरा वजन उनके साथ कर रखा है। यही कारण है कि तेज प्रताप एक हारती हुई लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसमें उनकी जीत की दूर दूर तक कोई संभावना नहीं दिख रही है।

मोदी सरकार भूल गई कि उसे सिर्फ पांच साल का जनादेश मिला है, पचास नहीं

राष्ट्र के भविष्य को खतरे में डालने वाले निर्णयों के विरुद्ध सुरक्षा की आवश्यकता
के रवींद्रन - 2021-09-06 11:06 UTC
अब समय आ गया है कि संविधान में एक आर्थिक घटक जोड़ा जाए, ताकि मौजूदा सरकारों को मनमाने ढंग से आर्थिक नीति में बदलाव करने से रोका जा सके, जो इसके कार्यकाल से परे गंभीर निहितार्थ हैं और राष्ट्र और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को खतरे में डाल सकते हैं। यह वर्तमान जैसी स्थितियों के खिलाफ सुरक्षा उपायों को पेश करने में मदद करेगा, जब मोदी सरकार ने कई फैसले लिए हैं जो देश के संस्थापक पिताओं द्वारा परिकल्पित विकास की बुनियादी अवधारणाओं को बदल सकते हैं।

गिलानी की मौत से आहत कश्मीर को राहत ही मिलेगी

दरअसल वे किसी भी तरह से राजनीतिक व्यक्ति नहीं थे
अनिल जैन - 2021-09-04 12:22 UTC
कश्मीर घाटी के अमन पसंद बाशिंदों ने उस वक्त निश्चित ही राहत की सांस ली होगी जब उन्होंने यह खबर सुनी होगी कि अली शाह गिलानी नहीं रहे। सोते-जागते कश्मीर को भारत से अलग करने का ख्वाब देखने वाले जम्मू कश्मीर के दुर्दांत अलगाववादी नेता का 92 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद बुधवार रात को निधन हो गया। गिलानी की मौत पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, उनके विदेश मंत्री और उनके सेना प्रमुख ने आंसू बहाते हुए जिस तरह शरारत भरी प्रतिक्रियाएं दी हैं, वे बताती हैं कि गिलानी पाकिस्तान के लिए कितने उपयोगी थे।

ईंधन की ऊंची कीमतें मोदी सरकार के लिए प्रमुख चिंता होनी चाहिए

कम आय वाले लोग और नौकरी गंवाने वाले उच्च मुद्रास्फीति से पीड़ित हैं
सागरनील सिन्हा - 2021-09-03 10:42 UTC
देश भर में कई जगहों पर पेट्रोल 100 रुपये में बिक रहा है। डीजल के दाम भी ऊंचे हैं। यह अब लगभग 90 रुपये में बिकता है - मुंबई जैसे शहरों में, यह 100 रुपये के करीब बिकता है। यदि यह पर्याप्त नहीं है तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ रही हैं।

किसान मोर्चा ने 25 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने का संकल्प लिया

सभी के सहयोग से जिला स्तर पर की जा रही है तैयारी
प्रदीप कपूर - 2021-09-02 10:38 UTC
लखनऊः अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अंजान ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 25 सितंबर को आहूत भारत बंद को बड़ी सफलता दिलाने के लिए देश में पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय किसान सम्मेलन में चल रहे किसान आंदोलन के तहत 25 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया था।